दो वर्षों के निष्कर्ष बढ़ते दबाव की ओर इशारा करते हैं

नए Project SPARK निष्कर्षों के अनुसार भेदभाव, आवास अस्थिरता और conversion therapy की धमकियां LGBTQ+ युवाओं में बढ़े हुए मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हैं। The Trevor Project के नेतृत्व में चल रहे इस अमेरिकी अध्ययन में 13 से 24 वर्ष की आयु के लगभग 1,700 LGBTQ+ प्रतिभागियों का अनुसरण किया गया है और सितंबर 2023 से हर छह महीने में सर्वेक्षण किए गए हैं।

रिपोर्ट का मुख्य संदेश है कि युवाओं के आसपास की परिस्थितियां मायने रखती हैं। विशेष प्रकार की प्रतिकूलताओं का सामना करने वाले प्रतिभागियों ने self-harm और आत्महत्या संबंधी विचारों या व्यवहारों के कहीं अधिक जोखिम की जानकारी दी। साथ ही, निष्कर्ष बताते हैं कि acceptance और mental-health care तक पहुंच मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं तथा suicide का जोखिम घटा सकती है।

LGBTQ+ युवाओं के लिए suicide-prevention और crisis-intervention संगठन The Trevor Project ने welcoming और supportive environments को lifesaving intervention बताया। दो वर्षीय परिणाम इस कथन को और जरूरी बनाते हैं, क्योंकि वे युवाओं द्वारा बताए गए दबावों और उनके मानसिक स्वास्थ्य परिणामों में बदलाव दर्ज करते हैं।

भेदभाव और असुरक्षा बढ़ी

अनुवर्ती अवधि में अधिक transgender, nonbinary और gender-questioning प्रतिभागियों ने discrimination का अनुभव बताया। रिपोर्ट के अनुसार यह हिस्सा 57% से बढ़कर 67% हो गया। अध्ययन में conversion therapy से जुड़े अनुभव भी बढ़े: इसकी धमकी दिए जाने वालों का अनुपात 12% से 22% और इसका सामना करने वालों का अनुपात 9% से 16% हो गया।

प्रतिभागियों में material insecurity भी अधिक आम हुई। जिन लोगों ने बताया कि उनके पास घर नहीं था, उनका हिस्सा लगभग दोगुना होकर 7% से 13% हो गया। जिनकी basic needs पूरी नहीं हो रही थीं, उनका हिस्सा 13% से बढ़कर 19% हो गया। ऐसी स्थितियां भावनात्मक तनाव बढ़ा सकती हैं और युवाओं के लिए care लेना या जारी रखना कठिन बना सकती हैं।

Transgender युवाओं के लिए रिपोर्ट में gender-affirming bathroom इस्तेमाल करने से रोके जाने में भी वृद्धि दर्ज की गई। लगभग 40% ने यह अनुभव बताया, जबकि अध्ययन के पहले चरण में यह आंकड़ा 33% था। कुल मिलाकर परिणाम ऐसे राष्ट्रीय माहौल को दर्शाते हैं, जिसमें अधिक surveyed youth को पहचान, सुरक्षा और बुनियादी सहायता से जुड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ा।

कुछ अनुभवों में जोखिम विशेष रूप से अधिक था

रिपोर्ट में कुछ प्रतिकूलताओं और suicide-related risk के बीच विशेष रूप से मजबूत संबंध मिले। Conversion therapy का सामना कर चुके या उसकी धमकी झेल चुके प्रतिभागियों में suicidal thoughts या behaviors का जोखिम लगभग तीन गुना था। जिन युवाओं के पास घर नहीं था या जिन्हें gender identity के कारण victimization झेलनी पड़ी, उनमें self-harm या suicidal thoughts का जोखिम दोगुने से अधिक था।

इन निष्कर्षों से किसी युवा का मानसिक स्वास्थ्य किसी एक अनुभव तक सीमित नहीं हो जाता। इसके बजाय वे दिखाते हैं कि discrimination और instability गंभीर risk factors के रूप में जमा हो सकते हैं। Conversion therapy की धमकी, स्थिर आवास का अभाव, victimization या सामान्य सुविधाओं तक रोका गया access एक साथ safety, belonging और help तक पहुंच को प्रभावित कर सकते हैं।

आंकड़े यह भी बताते हैं कि prevention का भार केवल युवाओं से अधिक resilient बनने की अपेक्षा पर नहीं डाला जा सकता। अध्ययन उनके आसपास की बदली जा सकने वाली स्थितियों की पहचान करता है: क्या उन्हें acceptance मिलता है, क्या वे basic needs पूरी कर सकते हैं, क्या वे identity-based victimization से सुरक्षित हैं और क्या उन्हें care मिल सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य संकेतक गलत दिशा में गए

बदलते वातावरण के साथ reported anxiety और depression में भी वृद्धि हुई। सर्वेक्षण में शामिल LGBTQ+ युवाओं में anxiety 54% से बढ़कर 63% और depression 43% से बढ़कर 51% हुआ। Suicidal thoughts लगातार बहुत ऊंचे रहे और लगभग हर पांच में दो प्रतिभागियों को प्रभावित करते रहे।

रिपोर्ट में self-harm और suicide attempts में हल्की गिरावट भी दर्ज हुई। यह महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे व्यापक तस्वीर नहीं बदलती: suicidal thoughts आम बने रहे, जबकि anxiety और depression बढ़े। इससे यह जरूरत सामने आती है कि कई measures को एक साथ track किया जाए, न कि किसी एक trend को युवाओं की wellbeing का पूरा विवरण माना जाए।

Project SPARK एक ongoing study है, इसलिए इसकी दो वर्षीय रिपोर्ट जारी प्रयास के भीतर एक snapshot है। सितंबर 2023 से हर छह महीने का survey schedule शोधकर्ताओं को एक ही survey period पर निर्भर रहने के बजाय प्रतिभागी युवाओं में समय के साथ होने वाले बदलाव देखने देता है।

सहायता और care सुरक्षात्मक कारक बने हुए हैं

जोखिमों के साथ रिपोर्ट protection के स्रोतों की भी पहचान करती है। Acceptance और care तक पहुंच mental-health problems तथा suicide का जोखिम घटा सकती है। यह निष्कर्ष उन adults, institutions और communities की जिम्मेदारी पर जोर देता है, जो LGBTQ+ youth के दैनिक जीवन को आकार देते हैं।

Supportive setting का अर्थ यह हो सकता है कि discrimination या housing और basic needs को लेकर अनिश्चितता से जूझते समय कोई युवा अलग-थलग न रह जाए। Mental-health care तक पहुंच सहायता का एक और माध्यम दे सकती है। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि ये peripheral considerations नहीं हैं; वे risk घटाने से सीधे जुड़ी हैं।

The Trevor Project की vice president of research Dr. Ronita Nath ने कहा कि निष्कर्ष welcoming और supportive environments बनाने के महत्व की पुष्टि करते हैं। रिपोर्ट का data इस आह्वान को संदर्भ देता है और दिखाता है कि अनेक surveyed youth को अध्ययन की शुरुआती अवधि की तुलना में अधिक discrimination और insecurity का सामना करना पड़ रहा है।

यह public-health का सवाल है, व्यक्तिगत असफलता नहीं

Project SPARK के परिणाम LGBTQ+ youth mental health को सामाजिक परिस्थितियों से प्रभावित public-health issue के रूप में देखते हैं। जब conversion therapy की धमकियां, identity-based victimization, homelessness और unmet needs अधिक reported risk से जुड़ी हों, तो responses को distress के तत्काल symptoms के साथ इन स्थितियों को भी संबोधित करना होगा।

अध्ययन जटिल समस्या का कोई सरल इलाज नहीं देता। वह स्पष्ट दिशा जरूर देता है: discrimination कम करना, acceptance बढ़ाना और care तक पहुंच सुनिश्चित करना ऐसे व्यावहारिक क्षेत्र हैं जहां support फर्क ला सकता है। बढ़ते जोखिम वाले माहौल का सामना कर रहे युवा LGBTQ+ लोगों के लिए ये support essential protections हो सकते हैं।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on medicalxpress.com