एक संभावित group A streptococcus टीके ने चूहों पर किए गए अध्ययन में दिखाया कि इंजेक्शन के बिना भी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न की जा सकती है। UK Medicines and Healthcare products Regulatory Agency ने GSK Vaccines Institute for Global Health के साथ मिलकर किए इस शोध में सुई के बजाय श्लेष्म झिल्लियों के जरिए दिए गए उम्मीदवार टीके का परीक्षण किया।

निष्कर्ष शुरुआती चरण के हैं और यह साबित नहीं करते कि टीका मनुष्यों में बीमारी रोकता है। फिर भी वे Strep A टीकाकरण की दो पुरानी चुनौतियों को संबोधित करते हैं: किसी लाइसेंस प्राप्त टीके का न होना और ऐसे तरीकों की जरूरत, जिन्हें उन जगहों पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके जहां बीमारी का बोझ अधिक है।

ऐसा रोगजनक जिसके लिए कोई लाइसेंस प्राप्त टीका नहीं

Group A streptococcus, जिसे अक्सर Strep A कहा जाता है, दुनिया भर में बड़ी संख्या में संक्रमण पैदा करता है। कई संक्रमण अपेक्षाकृत हल्के होते हैं, लेकिन जटिलताएं गंभीर हो सकती हैं और स्थायी विकलांगता या मृत्यु का कारण बन सकती हैं। स्रोत लेख के अनुसार Strep A हर साल दुनिया भर में 600 मिलियन से अधिक संक्रमणों का कारण बनता है और संबंधित जटिलताओं से 500,000 से अधिक मौतें होती हैं।

इसका बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए ऐसा टीका, जो किफायती हो, देना आसान हो और उन सतहों तक पहुंच सके जहां संक्रमण शुरू होता है, एंटीजन के चिकित्सीय प्रदर्शन से परे भी मूल्य रख सकता है।

वर्तमान में Strep A का कोई लाइसेंस प्राप्त टीका नहीं है। इसलिए यह अध्ययन किसी मौजूदा टीकाकरण कार्यक्रम में छोटा सुधार नहीं, बल्कि व्यापक प्रयास में एक प्रीक्लिनिकल कदम है।

श्लेष्म झिल्लियों के जरिए देने का परीक्षण

शोधकर्ताओं ने नाक और जीभ के नीचे से टीका देने की जांच की। ये श्लेष्म मार्ग हैं और शरीर की उन सतहों को लक्ष्य करते हैं जिनका सामना कई श्वसन और गले के रोगजनकों से सबसे पहले होता है। चूहों में उम्मीदवार टीके ने श्लेष्म सतहों के साथ-साथ पूरे शरीर में भी प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं।

रिपोर्ट किए गए अध्ययन में सबलिंगुअल टीकाकरण शामिल था, जिसमें चूहों के समूहों को सप्ताह में एक बार, पांच बार उम्मीदवार टीका दिया गया। यह शोध अक्टूबर 2026 में Human Vaccines & Immunotherapeutics में प्रकाशित हुआ।

स्थानीय और प्रणालीगत प्रतिक्रिया का यह संयोजन मुख्य परिणाम है। पारंपरिक इंजेक्शन वाला टीका मजबूत प्रणालीगत प्रतिरक्षा उत्पन्न कर सकता है, जबकि श्लेष्म टीकाकरण का उद्देश्य उस स्थान पर सुरक्षा-संबंधी गतिविधि जोड़ना है जहां संक्रमण शुरू हो सकता है। यह अध्ययन नैदानिक सुरक्षा साबित नहीं करता और यह भी स्थापित नहीं करता कि मनुष्यों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया चूहों की प्रतिक्रिया से कैसे अलग होगी। फिर भी यह मार्ग और फॉर्मुलेशन की आगे जांच का समर्थन करता है।

New research puts needle-free Strep A vaccine within reach
सबलिंगुअल टीकाकरण के बाद GAC-GMMA की इम्यूनोजेनेसिटी। चूहों के समूहों को साप्ताहिक अंतराल पर पांच बार सबलिंगुअली GAC-GMMA कॉन्जुगेट (n = 8) या PBS (n = 5) से टीका दिया गया। श्रेय: Human Vaccines & Immunotherapeutics (2026)। DOI: 10.1080/21645515.2026.2740963

उम्मीदवार टीका कैसे बनाया गया है

फॉर्मुलेशन में membrane antigens के लिए generalized modules, जिन्हें GMMA कहा जाता है, का उपयोग किया गया है। ये बैक्टीरिया द्वारा स्वाभाविक रूप से छोड़े जाने वाले छोटे झिल्ली-बुलबुले हैं। इस टीका डिजाइन में GMMA दो भूमिकाएं निभाते हैं: वे Strep A कार्बोहाइड्रेट को ले जाते हैं और सहायक के रूप में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित करते हैं।

यह काम GMMA से जुड़े Strep A कार्बोहाइड्रेट पर आधारित था। इसका उद्देश्य लक्ष्य एंटीजन को डिलीवरी और प्रतिरक्षा-उत्तेजक प्लेटफॉर्म के साथ पैकेज करना है, न कि केवल पारंपरिक सुई-आधारित फॉर्मुलेशन पर निर्भर रहना।

MHRA में conjugate vaccines की प्रमुख Fatme Mawas के अनुसार, परिणाम किफायती सुई-रहित टीकों के लिए GMMA तकनीक की संभावनाएं दिखाते हैं। शोध दल ने अध्ययन किए गए जानवरों में नाक या सबलिंगुअल डिलीवरी के बाद श्लेष्म सतहों और पूरे शरीर, दोनों में मजबूत प्रतिक्रियाएं दर्ज कीं।

सुई-रहित डिलीवरी क्यों महत्वपूर्ण है

सफल टीका केवल अपनी जैविकी से परिभाषित नहीं होता। प्रशासन, प्रशिक्षण की जरूरत, उपकरण, आपूर्ति श्रृंखला और मरीजों की स्वीकार्यता सभी यह प्रभावित कर सकते हैं कि टीका जरूरतमंद लोगों तक पहुंचेगा या नहीं। यदि मानव उत्पाद अंततः समान रूप से सुरक्षित और प्रभावी साबित होता है, तो नाक या जीभ के नीचे से दिया जाने वाला टीका इस प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को सरल बना सकता है।

जहां प्रशिक्षित टीकाकर्मियों या इंजेक्शन की आपूर्ति तक पहुंच सीमित है, वहां यह मार्ग विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। यह सुई से जुड़ी बाधाओं को कम करने वाले कार्यक्रमों के लिए भी मददगार हो सकता है। ये संभावित लाभ अभी भविष्य की संभावना हैं और आगे के अध्ययनों, विनिर्माण विकास तथा मानव परीक्षणों के प्रमाण पर निर्भर करेंगे।

शोधकर्ता रोगाणुरोधी प्रतिरोध से जुड़े संभावित लाभ भी देखते हैं। यदि टीकाकरण संक्रमण होने से पहले उसे रोक दे, तो उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले एंटीबायोटिक की जरूरत कम हो सकती है। यह एक अप्रत्यक्ष संभावित लाभ है, जिसे इस चूहे के प्रयोग ने प्रदर्शित नहीं किया।

आगे क्या होगा

इस अध्ययन को प्रीक्लिनिकल प्रमाण के रूप में पढ़ना चाहिए, न कि निकट भविष्य में उपलब्धता के संकेत के रूप में। चूहों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण शोध संकेत हैं, लेकिन वे मानव सुरक्षा, खुराक और प्रभावकारिता के आंकड़ों का विकल्प नहीं हैं। शोधकर्ताओं को यह स्थापित करना होगा कि उम्मीदवार टीके का लगातार निर्माण किया जा सकता है या नहीं, उचित खुराक तय करनी होगी और यह जांचना होगा कि क्या यह लोगों को बीमारी से बचाता है।

फिर भी, परिणाम Strep A टीका विकसित करने वालों को जांच का एक ठोस रास्ता देते हैं: कार्बोहाइड्रेट लक्ष्य को GMMA प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ना और इसे श्लेष्म ऊतक के जरिए देना। ऐसे रोगजनक के लिए जिसके खिलाफ अभी तक कोई लाइसेंस प्राप्त टीका नहीं है, सुई-रहित उम्मीदवार द्वारा स्थानीय और पूरे शरीर की प्रतिरक्षा गतिविधि उत्पन्न करने का प्रमाण एक महत्वपूर्ण तकनीकी पड़ाव है।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on medicalxpress.com