बोइंग ने नौसेना की जेट ट्रेनर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया
बोइंग अमेरिकी नौसेना की अंडरग्रेजुएट जेट ट्रेनिंग सिस्टम प्रतियोगिता में बोली नहीं लगाएगी, जिससे सेवा की सबसे महत्वपूर्ण पायलट-प्रशिक्षण खरीदों में से एक में प्रतिस्पर्धियों की संख्या घट गई है। कंपनी पहले US Air Force के लिए बना रही T-7A Red Hawk की नौसेना-उपयुक्त संस्करण पेश करने की योजना बना रही थी।
The War Zone की रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्णय के बाद दौड़ में दो ज्ञात प्रतिस्पर्धी बचे हैं: Sierra Nevada Corporation के नेतृत्व वाली एक टीम, जो अब Northrop Grumman और General Atomics के साथ जुड़ी है, और Leonardo-Textron की एक टीम। Lockheed Martin और Korea Aerospace Industries अप्रैल में पहले ही बाहर हो चुके थे।
नौसेना क्या बदलना चाह रही है
यह प्रतियोगिता नौसेना के T-45 Goshawk बेड़े की जगह लेने के लिए है। सेवा ने मार्च में औपचारिक अनुरोध जारी किया था और फिलहाल 216 नए जेट ट्रेनरों की खरीद की योजना बना रही है। स्रोत पाठ के अनुसार, नौसेना के पास आज इन्वेंटरी में 200 से थोड़े कम T-45 मौजूद हैं।
यह कोई मामूली बेड़े-नवीनीकरण नहीं है। UJTS के लिए चुना गया ट्रेनर यह तय करेगा कि भविष्य के टैक्टिकल जेट पायलटों को नौसैनिक विमानन के लिए कैसे तैयार किया जाएगा, जिसमें ऐसा प्रशिक्षण तरीका भी शामिल है जिसमें अब कैरियर-योग्यता की जरूरत नहीं रहती, और न ही ज़मीन पर स्थित अड्डों पर नकली टच-एंड-गो कैरियर लैंडिंग की।

यह बदलाव प्लेटफ़ॉर्म के चयन को केवल हार्डवेयर खरीद से आगे ले जाता है। यह नौसैनिक विमानन प्रशिक्षण के व्यापक पुनःडिज़ाइन से जुड़ा है, जो लागत, पाठ्यक्रम संरचना और इस बात को बदल सकता है कि नौसेना शुरुआती प्रशिक्षण-श्रृंखला के लिए किस विमान को सबसे उपयुक्त मानती है।
बोइंग के अनुसार T-7A अब क्यों उपयुक्त नहीं है
बोइंग ने The War Zone को बताया कि T-7A नौसेना की मौजूदा UJTS आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता। कंपनी ने कहा कि उसने सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद सेवा को सूचित कर दिया था कि वह मौजूदा प्रस्ताव अनुरोध पर बोली नहीं लगाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बोइंग इस निर्णय को General Electric F404 टर्बोफैन से जोड़ता है। यह विवरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रणोदन विकल्प प्रदर्शन, एकीकरण, लॉजिस्टिक्स और दीर्घकालिक समर्थन से जुड़ी आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकते हैं। चाहे वास्तविक असंगति जो भी हो, बोइंग का सार्वजनिक रुख यह है कि मौजूदा नौसेना आवश्यकता और T-7A-आधारित दृष्टिकोण अब एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
साथ ही, बोइंग ने जोर देकर कहा कि वह T-7A को चौथी, पांचवीं और छठी पीढ़ी के पायलटों के लिए एक आधुनिक प्रशिक्षण समाधान के रूप में देने के लिए प्रतिबद्ध है, जैसे-जैसे आवश्यकताएँ बदलती हैं। यह भाषा संकेत देती है कि कंपनी अभी भी विमान की व्यापक प्रशिक्षण भूमिका में मूल्य देखती है, भले ही मौजूदा नौसेना प्रतियोगिता उसके लिए सही फिट न हो।
संकुचित मैदान से खरीद प्रक्रिया बदलती है
बोइंग के बाहर होने और Lockheed Martin के पहले ही हट जाने से मुकाबला काफी सिमट गया है। इसका असर सौदेबाज़ी की ताकत, मूल्यांकन जोखिम और नौसेना के लिए डिज़ाइन विविधता की उपलब्धता पर पड़ता है। The War Zone के अनुसार, बचे हुए ज्ञात प्रतिस्पर्धी दोनों twin-engine डिज़ाइन पेश कर रहे हैं।

छोटा मैदान चयन प्रक्रिया को सरल बना सकता है, लेकिन इससे लचीलापन भी कम हो सकता है। नौसेना के लिए इसका मतलब है कि शेष बोलियों का महत्व और बढ़ गया है। उद्योग के लिए इसका अर्थ है कि प्रतियोगिता अब इस बात पर अधिक स्पष्ट रूप से केंद्रित है कि कौन-सी बची हुई टीम सेवा को यह विश्वास दिला सकती है कि उसका डिज़ाइन भविष्य के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का सबसे अच्छा समर्थन करेगा।
यह यह भी दिखाता है कि आवश्यकताएँ अंतिम प्रस्तावों के जमा होने से पहले ही खरीद प्रक्रिया को कैसे बदल सकती हैं। बोइंग की वापसी इस बात की याद दिलाती है कि कागज़ पर व्यवहार्य दिखने वाला हर विमान भी सेवा-विशिष्ट मांगों के सामने टिक नहीं पाता।
यह कहानी क्या बताती है
सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष केवल यह नहीं है कि एक कंपनी ने किनारा कर लिया। बात यह है कि नौसेना का अगला ट्रेनर पायलट तैयारी की बदलती अवधारणा से परिभाषित हो रहा है, और वही अवधारणा यह तय कर रही है कि कौन विश्वसनीय रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकता है। बोइंग की वापसी से दौड़ को समझना आसान हुआ है, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि यह आवश्यकता कितनी विशिष्ट हो गई है।
विजेता नौसैनिक विमानन की प्रशिक्षण-श्रृंखला में असामान्य रूप से बड़ा दायित्व संभालेगा। इस समय बोइंग वह विजेता नहीं होगा।
- Boeing नौसेना के Undergraduate Jet Training System कार्यक्रम के लिए बोली नहीं लगाएगी।
- यह कार्यक्रम T-45 Goshawk बेड़े की जगह लेने के लिए 216 नए ट्रेनर खरीदेगा।
- दौड़ में दो ज्ञात उद्योग-टीमें बची हैं: एक SNC-नेतृत्व वाली टीम और एक Leonardo-Textron टीम।
- Boeing का कहना है कि T-7A नौसेना की मौजूदा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता।
यह लेख twz.com की रिपोर्ट पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
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