सौर ज्वालाएं सौरमंडल की सबसे ऊर्जावान घटनाओं में शामिल हैं। नया शोध सूर्य की सतह पर दिखाई देने वाले संकेतों का उपयोग कर उन विस्फोटों को बेहतर समझने की कोशिश कर रहा है। इसका ध्यान फ्लेयर रिबन पर है—चमकीले, लंबे क्षेत्र जो सौर ज्वालाओं के दौरान दिखाई देते हैं और सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में चल रही चुंबकीय प्रक्रियाओं के प्रमाण दे सकते हैं।

यह काम महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य पृथ्वी से अलग कोई दूरस्थ खगोलीय वस्तु नहीं है। सौर गतिविधि का असर हमारी पृथ्वी तक पहुंच सकता है, खासकर जब ज्वाला कोरोनल मास इजेक्शन, या CME, से जुड़ी हो। जब ऐसा पदार्थ और चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी के पर्यावरण से संपर्क करते हैं, तो ऑरोरा बन सकते हैं। शक्तिशाली घटनाएं अंतरिक्ष मौसम से प्रभावित प्रणालियों के लिए व्यापक चुनौतियां भी पैदा कर सकती हैं।

सूर्य के सबसे बड़े विस्फोट

सौर ज्वाला सूर्य के बदलते चुंबकीय क्षेत्रों से जुड़ी ऊर्जा की विस्फोटक रिहाई है। ये क्षेत्र लगातार मुड़ते और घूमते रहते हैं। कभी-कभी वे चुंबकीय पुनर्संयोजन के माध्यम से पुनर्गठित होते हैं, जिसमें चुंबकीय संरचनाएं अधिक सरल और स्थिर विन्यास में बदलती हैं। चुंबकीय क्षेत्र में संचित ऊर्जा तब ज्वाला के रूप में मुक्त होती है।

इसका पैमाना बहुत बड़ा है। सौर ज्वालाओं को सौरमंडल के सबसे शक्तिशाली विस्फोट कहा जाता है और वे एक साथ विस्फोटित लाखों या अरबों हाइड्रोजन बमों जितनी ऊर्जा छोड़ सकती हैं। उनकी तीव्रता एक्स-रे चमक के आधार पर A, B, C, M और X श्रेणियों में बताई जाती है। क्रम में प्रत्येक अगला स्तर ऊर्जा उत्पादन में दस गुना वृद्धि दर्शाता है।

How Flare Ribbons Reveal Hidden Solar Explosions on the Sun
NASA's Solar Dynamics Observatory captured this image of a solar flare—as seen in the bright flash on the right side—on Sept. 10, 2017. The image shows a combination of wavelengths of extreme ultraviolet light that highlights the extremely hot material in flares, which has been colorized. There's a lot to learn about flaring and the ever-changing sun itself, and new research made progress in understanding its flaring behavior. Credit: NASA/SDO

यह वर्गीकरण कमजोर विस्फोटों और अंतरिक्ष-मौसम पर कहीं अधिक गंभीर प्रभाव डाल सकने वाली घटनाओं के बीच व्यावहारिक अंतर बताता है। यह यह भी दर्शाता है कि सौर भौतिकविदों को सूर्य की सतह पर दिखाई देने वाली चीजों को कोरोना की स्थितियों से जोड़ने वाले उपकरणों की आवश्यकता क्यों है।

रिबन उपयोगी क्यों हैं

फ्लेयर रिबन उन दिखाई देने वाली विशेषताओं में शामिल हैं जो यह संबंध बनाने में मदद कर सकते हैं। वे ज्वाला के साथ होने वाले शक्तिशाली चुंबकीय पुनर्गठन से जुड़े होते हैं और ऐसी घटना का दृश्य संकेत देते हैं, जिसकी केंद्रीय गतिशीलता को सीधे देखना कठिन होता है।

NASA के Solar Dynamics Observatory ने अत्यधिक पराबैंगनी प्रकाश में सौर ज्वालाओं को कैद किया है, जिसकी तरंगदैर्ध्य सीमा बहुत गर्म फ्लेयर पदार्थ को उजागर करती है। मिशन की तस्वीरें इन घटनाओं की तीव्रता और संरचना दिखाती हैं, जिनमें सक्रिय ज्वालाओं से जुड़ी चमक भी शामिल है। ऐसे अवलोकन वैज्ञानिकों को समय के साथ बदलती सौर स्थितियों पर नजर रखने और सतही विशेषताओं की तुलना चुंबकीय गतिविधि के मॉडलों से करने देते हैं।

How Flare Ribbons Reveal Hidden Solar Explosions on the Sun
This is a depiction of the sun's magnetic fields overlaid on an image of the sun captured in extreme ultraviolet light by NASA's Solar Dynamics Observatory on March 12, 2016. The churning, rotating fields eventually break and then reconnect to the sun in a more stable and straightforward configuration, releasing flares. Credit: NASA/SDO/AIA/LMSAL

रिपोर्ट में रेखांकित शोध इन संकेतों के माध्यम से सूर्य के फ्लेयर व्यवहार को समझने के प्रयासों को आगे बढ़ाता है। रिबन को केवल दृश्य उप-उत्पाद मानने के बजाय वैज्ञानिक उसके विकास को उसे पैदा करने वाली चुंबकीय घटना के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह दृष्टिकोण खास तौर पर उपयोगी है क्योंकि ट्रिगर प्रक्रिया लगातार गतिशील चुंबकीय क्षेत्रों से जुड़ी है, जो मुक्त होने से पहले काफी ऊर्जा जमा कर सकते हैं।

सौर भौतिकी से अंतरिक्ष मौसम तक

फ्लेयर व्यवहार को समझना केवल किसी शानदार खगोलीय घटना का वर्णन करना नहीं है। सूर्य की गतिविधि पृथ्वी के आसपास के अंतरिक्ष पर्यावरण को प्रभावित करती है। ज्वालाओं से जुड़े CME पृथ्वी तक पहुंचने पर ऑरोरा पैदा कर सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ी सौर घटनाएं केवल रात के आकाश के दृश्यों तक सीमित नहीं रहतीं।

फ्लेयर रिबन की बेहतर व्याख्या से विस्फोटों के विकास और सौर चुंबकीय ऊर्जा के मुक्त होने की अधिक स्पष्ट समझ मिल सकती है। तत्काल उद्देश्य वैज्ञानिक है: ज्वालाओं और बदलते सूर्य की प्रक्रियाओं को समझाना। लेकिन यह ज्ञान उन सौर घटनाओं को समझने के व्यापक प्रयास में भी सहायक है जो पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष पर्यावरण को प्रभावित कर सकती हैं।

खगोलीय विषयों में सूर्य असाधारण रूप से सुलभ है, क्योंकि उसका व्यवहार विस्तार से देखा जा सकता है और वह पृथ्वी पर जीवन व तकनीक के लिए महत्वपूर्ण है। सतही संकेतों को छिपी चुंबकीय गतिविधि से जोड़ने वाला शोध यह समझने की दिशा में एक और कदम है कि सौर विस्फोट कैसे शुरू होते और विकसित होते हैं।

यह लेख Phys.org की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on phys.org