नर गर्भावस्था से अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौती
सीहॉर्स उन कशेरुकी जीवों में असामान्य हैं जिनमें नर विकसित हो रहे बच्चों को धारण करते हैं। मादा के अंडे नर की ब्रूड पाउच में पहुंचाने के बाद भ्रूण एक सुरक्षित कक्ष में विकसित होते हैं। लेकिन बंद पाउच में भ्रूणों द्वारा उत्पन्न चयापचयी अपशिष्ट को हटाना आवश्यक होता है।
Japan की Sophia University के नेतृत्व में हुए अध्ययन ने इस प्रक्रिया के एक संभावित तंत्र की जांच की। शोधकर्ताओं ने बताया कि कई rhesus glycoproteins, या Rh proteins, सीहॉर्स की ब्रूड पाउच में सक्रिय होते हैं और भ्रूणों से अमोनिया हटाने के मार्ग का हिस्सा हो सकते हैं।
अध्ययन Cell and Tissue Research में प्रकाशित हुआ। यह अमोनिया हटाने की हर अवस्था सिद्ध नहीं करता, लेकिन पाउच के कोशिकीय कार्य का मानचित्र प्रस्तुत करता है।
अमोनिया क्यों महत्वपूर्ण है
मछलियों में अमोनिया प्रमुख नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट है और अधिक मात्रा में विषैला हो सकता है। विकसित होते भ्रूण अमोनिया पाउच के आंतरिक द्रव में छोड़ते हैं, इसलिए नर की पाउच को भ्रूणों और पिता के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान कराना पड़ता है।

पहले के अध्ययनों में मछलियों में Rh proteins मिले थे। ये कोशिका झिल्लियों के पार अमोनिया ले जाने वाले चैनल की तरह काम कर सकते हैं।
पाउच से रक्त तक संभावित मार्ग
टीम ने ब्रूड पाउच और गलफड़ों में Rh proteins की अभिव्यक्ति और स्थिति का अध्ययन किया। प्रस्तावित मॉडल के अनुसार अमोनिया पहले RhCG2 और RhBG के माध्यम से पाउच की आंतरिक उपकला कोशिकाओं से गुजर सकता है। फिर RhAG व्यक्त करने वाली एंडोथीलियल कोशिकाओं और लाल रक्त कोशिकाओं के जरिए रक्तप्रवाह में पहुंच सकता है।
इससे ब्रूड पाउच केवल सुरक्षा-कक्ष नहीं, बल्कि सक्रिय आदान-प्रदान सतह के रूप में सामने आती है।

सीहॉर्स जीवविज्ञान में योगदान
नए अध्ययन ने पाउच में अपशिष्ट जमा होने से रोकने की एक संभावित व्यवस्था बताई है। विशिष्ट ऊतकों में अमोनिया-परिवहन प्रोटीनों का मिलना नर प्रजनन अंग में मातृ-सदृश सहायता के विकास का अध्ययन करने का आधार देता है।
शेष प्रश्न
यह मार्ग प्रोटीनों की अभिव्यक्ति और स्थिति पर आधारित प्रस्ताव है। अमोनिया की गति सीधे मापने और गर्भावस्था के दौरान मार्ग में बदलाव समझने के लिए आगे के अध्ययन आवश्यक होंगे।
यह लेख Phys.org की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on phys.org






