
सोशल मीडिया पर AI व्यक्तित्वों ने असली और नकली के बीच की रेखा धुंधली कर दी है
AI-जनित इन्फ्लुएंसर को मानव निर्माताओं से अलग पहचानना कठिन होता जा रहा है, जिससे प्रमुख प्लेटफॉर्मों पर मॉडरेशन और प्रामाणिकता जटिल हो रही है.
- नए AI व्यक्तित्व अब साधारण सोशल मीडिया फीड्स में घुल-मिल रहे हैं।
- प्लेटफॉर्मों के लिए प्रकटीकरण और मॉडरेशन की चुनौती और कठिन हो गई है।





