रडार-रहित F-35 डिलीवरी अब केवल एक परिकल्पना नहीं रही
अमेरिकी सेना ने अब पुष्टि की है कि मरीन कॉर्प्स के लिए कम से कम छह F-35B लड़ाकू विमान बिना रडार लगाए स्वीकार किए गए थे, जिससे जो चिंता धीरे-धीरे उभर रही थी, वह अब संयुक्त स्ट्राइक फाइटर कार्यक्रम के आधुनिकीकरण में देरी के उत्पादन पर पड़ रहे प्रभाव का आधिकारिक संकेत बन गई है। यह खुलासा इस सप्ताह सीनेट आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी की सुनवाई के दौरान मरीन कॉर्प्स ले. जन. ग्रेगरी मसिएलो, जो F-35 जॉइंट प्रोग्राम ऑफिस के प्रमुख हैं, ने किया।
लापता घटक कोई मामूली उप-प्रणाली नहीं है। प्रभावित जेट AN/APG-85 से जुड़े हैं, जो F-35 के व्यापक Block 4 उन्नयन प्रयास से जुड़ा अगला रडार है। यह उन्नयन पैकेज विमान के सभी संस्करणों में क्षमताओं का विस्तार करने के लिए बनाया गया है, लेकिन इससे पहले ही लागत बढ़ने और समय-सीमा खिसकने का संबंध जोड़ा जा चुका है। रडार से जुड़ी यह समस्या अब दिखाती है कि वे दिक्कतें कागजी कार्रवाई और योजना से आगे बढ़कर उन विमानों की वास्तविक स्थिति तक पहुँच गई हैं जो डिलीवर किए जा रहे हैं।
इस बदलाव का महत्व सीधा है। डिलीवरी को आमतौर पर इस बात का सबूत माना जाता है कि कोई कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है। ऐसे विमानों को स्वीकार करना जिनमें अभी भी एक प्रमुख सेंसर नहीं लगा है, यह संकेत देता है कि उत्पादन लाइन चलती रही है जबकि भविष्य की कॉन्फ़िगरेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी तैयार नहीं है। इसका यह मतलब नहीं कि विमान बेकार हैं, लेकिन यह निर्माण की गति और प्रणालीगत तत्परता के बीच असंतुलन को स्पष्ट करता है।
AN/APG-85 में देरी Block 4 की बड़ी चुनौती से जुड़ी है
दिए गए स्रोत सामग्री के अनुसार, AN/APG-85 रडार के पहले उत्पादन बैच की डिलीवरी 2028 में निर्धारित है। यह तारीख महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुछ नए F-35B के स्वीकार किए जाने और उस रडार के अपेक्षित आगमन के बीच कई वर्षों का अंतर रखती है, जिसे उन्हें मिलना है। व्यावहारिक रूप से, यह एक और संकेत है कि Block 4 अभी भी एक लंबा संक्रमण है, न कि निकट भविष्य में पूरा होने वाला लक्ष्य।
Block 4 कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण आश्वासनों में से एक रहा है। इसका उद्देश्य वायु सेना, मरीन कॉर्प्स और नौसेना बेड़ों के लिए विस्तारित मिशन सिस्टम और अद्यतन क्षमताएँ देना है। लेकिन इस प्रयास को बार-बार विलंबित और मूल अपेक्षा से अधिक महंगा बताया गया है। रडार की स्थिति विशेष रूप से revealing है, क्योंकि सेंसर F-35 के मूल्य प्रस्ताव के केंद्र में हैं। यह विमान जानकारी को एकीकृत करने, खतरों का पता लगाने और पायलटों को युद्धक्षेत्र की विस्तृत तस्वीर के साथ संचालन करने में सक्षम बनाने के लिए बनाया गया है। जब रडार इंस्टॉलेशन डिलीवरी की बाधा बन जाता है, तो वह विमान की केंद्रीय पहचान के बहुत करीब की समस्या बन जाती है।

यह समस्या व्यापक कार्यक्रम संबंधी जटिलताओं से भी जुड़ी हुई दिखती है, न कि अकेली खड़ी है। दिए गए रिपोर्ट में रडार देरी को अन्य लगातार F-35 समस्याओं से गहराई से जुड़ा बताया गया है। इससे यह नवीनतम खुलासा एक अलग-थलग उत्पादन गड़बड़ी के बजाय इस बात का संकेत बन जाता है कि नए विमान ऑपरेटरों तक पहुँचते रहने के बावजूद बड़े कार्यक्रमीय दबाव अब भी अनसुलझे हैं।
कांग्रेस की जांच अब तेजी से तत्परता पर केंद्रित है
जिस सुनवाई में मसिएलो ने रडार-रहित डिलीवरी की पुष्टि की, वह केवल खरीद समय-सीमा पर केंद्रित नहीं थी। वह तत्परता पर भी थी, जो वर्षों से F-35 कार्यक्रम के साथ जुड़ा विषय रहा है। सीनेटर मार्क केली ने इस बातचीत का उपयोग विमान क्षमता, बेड़े की उपलब्धता और अधूरे जेट स्वीकार करने के तर्क को जोड़ने के लिए किया।
तत्काल पृष्ठभूमि हाल ही में जारी सरकारी जवाबदेही कार्यालय (Government Accountability Office) की रिपोर्ट थी, जिसमें कहा गया कि सभी F-35 संस्करणों के बीच औसत full mission capable दर वित्त वर्ष 2020 से 2025 के बीच 38 प्रतिशत से गिरकर 25 प्रतिशत रह गई। GAO full mission capable विमानों को ऐसे जेट के रूप में परिभाषित करता है जो उन्हें सौंपे गए सभी मिशन पूरे कर सकें। इस मानक के अनुसार, रुझान उस कार्यक्रम के लिए गलत दिशा में जा रहा है, जिसने भारी संसाधन खपाए हैं और अब अमेरिकी सामरिक वायु शक्ति योजनाओं का बड़ा हिस्सा है।
जॉइंट प्रोग्राम ऑफिस ने GAO के आंकड़ों को सीधे स्वीकार नहीं किया है, और स्रोत पाठ नोट करता है कि वह full mission capability की गणना के लिए इस्तेमाल की गई कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताता है। फिर भी, यही असहमति कहानी का हिस्सा बन गई है। जब एक निगरानी संस्था कहती है कि बेड़े की तत्परता तेज़ी से घटी है और कार्यक्रम कार्यालय कहता है कि मापने की प्रणाली ही दोषपूर्ण है, तो सांसदों के सामने अंतर्निहित समस्या के साथ-साथ अनिश्चितता भी आ जाती है। यह अंतर यह तय करना कठिन बना देता है कि बेड़ा वास्तव में कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, बहुत कठोर तरीके से मापा जा रहा है, या दोनों।
केली के सवालों ने राजनीतिक समस्या को संक्षेप में सामने रखा। कार्यक्रम कार्यालय के अधिक अनुकूल आँकड़ों का उपयोग करने पर भी, उन्होंने तर्क दिया, बेड़े का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पूरी तरह mission capable नहीं है। इस संदर्भ में, रडार के बिना विमान स्वीकार करना केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं रह जाता। यह एक छवि समस्या, प्रबंधन समस्या और रणनीतिक समस्या एक साथ बन जाता है।

रडार के बिना स्वीकृति कार्यक्रम प्रबंधन के बारे में क्या बताती है
F-35 जैसे बड़े कार्यक्रम अक्सर अपूर्ण परिस्थितियों में भी चलते रहते हैं, खासकर तब जब उत्पादन प्रतिबद्धताएँ, औद्योगिक योजना और सेवाओं की मांग को रोकना मुश्किल हो। उस दृष्टि से, सभी इच्छित हार्डवेयर लगाए जाने से पहले विमान स्वीकार करना आंतरिक रूप से बड़ी बाधा से बचने का तरीका माना जा सकता है। लेकिन उस निर्णय की कीमत अब यह है कि अधूरी डिलीवरी कितनी हो सकती हैं, यह सार्वजनिक रूप से अधिक दिखाई देने लगा है।
एक व्यापक जोखिम भी है। F-35 केवल एक अमेरिकी हथियार प्रणाली नहीं है; यह एक बहुराष्ट्रीय कार्यक्रम और पश्चिमी रक्षा-औद्योगिक समन्वय का प्रतीक भी है। जब केंद्रीय उन्नयन में देरी होती है और विमान रडार के बिना पहुँचते हैं, तो सहयोगियों, सांसदों और ऑपरेटरों सभी को समय-सीमाओं, sustainment अनुमानों और क्षमता रोडमैप की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठाने का कारण मिलता है।
यह विमान के महत्व को कम नहीं करता। F-35 अब भी अमेरिकी और साझेदार बलों की योजना के लिए आधारभूत है। लेकिन आधारभूत कार्यक्रमों पर सबसे अधिक जांच होती है, क्योंकि विकल्प सीमित होते हैं और देरी के परिणाम एक स्क्वाड्रन या एक खरीद वर्ष से कहीं आगे तक फैलते हैं।
तत्काल निष्कर्ष
मरीन कॉर्प्स के छह रडार-रहित F-35B की पुष्टि उस चिंता को ठोस रूप देती है जो महीनों से बन रही थी: Block 4 के मुख्य तत्व अभी भी इतने देर से हैं कि वे इस बात को प्रभावित कर रहे हैं कि विमान कैसे field किए जा रहे हैं। तत्परता दरों पर चल रहे विवादों के साथ मिलकर, यह विकास बताता है कि कार्यक्रम की चुनौती अब केवल और अधिक जेट बाहर भेजना नहीं है। चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि वे जेट उन क्षमताओं और सहायता संरचना के साथ पहुँचें जो निवेश के पैमाने को उचित ठहराती हैं।
यदि नए रडार का पहला उत्पादन बैच 2028 तक नहीं आता, तो कांग्रेस और सेवाएँ संभवतः इस पर स्पष्ट व्याख्याएँ मांगती रहेंगी कि बीच की कॉन्फ़िगरेशन में कितने विमान डिलीवर किए जा रहे हैं, उन्हें कैसे अपग्रेड किया जाएगा, और इसका परिचालन योजना पर क्या असर होगा। नवीनतम सुनवाई से संकेत मिलता है कि ये सवाल अब परिधीय नहीं रहे। वे F-35 निगरानी के अगले चरण के केंद्र में आ रहे हैं।
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