युवा वयस्क जानकारी खोजने और सलाह लेने के लिए generative AI का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। Rutgers Health के अध्ययन में लगभग 1,000 प्रतिभागियों में 32% से अधिक ने बताया कि उन्होंने substance-use information के लिए ChatGPT जैसे chatbots का इस्तेमाल किया।

Journal of Medical Internet Research Formative Research में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार सबसे आम कारण जोखिमों और परिणामों को समझना था। AI का उपयोग करने वाले लगभग आधे लोगों ने कहा कि वे ऐसा कम-से-कम मासिक रूप से करते हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि chatbots misinformation दोहरा सकते हैं और युवा वयस्क substance use के प्रतिकूल प्रभावों से विशेष रूप से प्रभावित समूह हैं।

AI स्वास्थ्य-सूचना खोजने का हिस्सा बन रहा है

Rutgers टीम ने देखा कि युवा वयस्क substance-related सवालों के लिए generative AI का कितनी बार उपयोग करते हैं, कौन लोग ऐसा करते हैं और वे उत्तरों को कैसे देखते हैं। Generative AI ऐसे सिस्टम हैं जो prompts के जवाब में synthetic content बनाते हैं।

सर्वेक्षणों के अनुसार 66% युवा वयस्क जानकारी खोजने और medical advice लेने जैसी गतिविधियों के लिए AI का उपयोग करते हैं। Substance-use सवालों में जोखिम, परिणाम और व्यवहार को लेकर अनिश्चितता होती है, इसलिए गलत जानकारी के तत्काल परिणाम हो सकते हैं।

लगभग तीन में से एक प्रतिभागी ने substance-use information के लिए AI इस्तेमाल करने की बात कही। शोधकर्ताओं ने इसे हर AI interaction के हानिकारक होने का प्रमाण नहीं बताया, बल्कि public-health communication और AI design के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना।

निष्कर्ष चिंता क्यों बढ़ाते हैं

Chatbots सहज और आत्मविश्वासी लगने वाले उत्तर दे सकते हैं। इससे सही मार्गदर्शन, छूटी हुई चेतावनी और misinformation में फर्क करना कठिन हो सकता है। अधूरा उत्तर जोखिमपूर्ण व्यवहार के फैसले को प्रभावित कर सकता है या विश्वसनीय सहायता लेने में देरी करा सकता है।

Rutgers Center for Pharmacoepidemiology and Treatment Science की postdoctoral researcher और lead author Mireia Triguero Roura ने कहा कि इन उपकरणों का उपयोग युवाओं में गलत या जोखिमपूर्ण substance-use behavior को बढ़ा सकता है।

प्रतिभागियों ने मुख्यतः जोखिमों और परिणामों के बारे में पूछा। इससे संकेत मिलता है कि लोग जटिल, निजी और stigmatized स्वास्थ्य विषयों पर chatbot उत्तरों को मार्गदर्शन की तरह ले सकते हैं।

Drug-related सवालों के लिए AI का उपयोग कौन करता है

Black और male प्रतिभागियों ने substance-use purposes के लिए AI उपयोग करने की अधिक संभावना बताई। शोधकर्ताओं के अनुसार यह healthcare access, stigma, trust और health-information-seeking behavior में अंतर को दर्शा सकता है।

यह किसी व्यक्ति के चुनाव का निष्कर्ष नहीं, बल्कि आगे के शोध का प्रश्न है। यदि कुछ समूह drug-related सवालों के लिए AI पर अधिक निर्भर हैं, तो सिस्टम की कमजोरियां समान रूप से वितरित नहीं होंगी।

आगे क्या होना चाहिए

शोध AI developers, health professionals और public-health institutions से अधिक ध्यान की जरूरत दिखाता है। Developers को substance-related prompts सावधानी से संभालने और सीमाएं स्पष्ट करने की जरूरत है। स्वास्थ्य संस्थानों को विश्वसनीय जानकारी ऐसे रूप में उपलब्ध करानी चाहिए, जैसा युवा वास्तव में खोजते हैं।

उपयोगकर्ताओं के लिए व्यावहारिक संदेश यह है कि chatbot को substance-use information का एकमात्र प्राधिकरण न माना जाए। इसके दावों की qualified clinical या public-health sources से पुष्टि करनी चाहिए, खासकर जब स्वास्थ्य या सुरक्षा प्रभावित हो सकती हो।

Generative AI अब केवल writing, coding या सामान्य प्रश्नों का उपकरण नहीं है। लगभग एक-तिहाई युवा वयस्कों का इसे substance-use information के लिए इस्तेमाल करना इस बदलाव को नजरअंदाज करना कठिन बनाता है।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on medicalxpress.com