प्रतिरक्षा कोशिकाएं अपेक्षा से पहले सक्रिय दिखीं
फिनलैंड के University of Turku के शोधकर्ताओं के अनुसार, चूहों के कई विकसित हो रहे भ्रूणीय ऊतकों में न्यूट्रोफिल मौजूद थे और वे वयस्क न्यूट्रोफिल से जुड़े कार्य कर सकते थे।
शोधकर्ताओं ने Nature Communications में बताया कि भ्रूणीय न्यूट्रोफिल जन्म के बाद सक्रिय होने की प्रतीक्षा कर रही निष्क्रिय कोशिकाएं नहीं हैं। वे ऊतक विकास के दौरान रक्षा-संबंधी कार्य कर सकती हैं।
कई भ्रूणीय ऊतकों में कोशिकाएं
टीम ने चूहे के भ्रूणों के कई ऊतकों में बड़ी संख्या में न्यूट्रोफिल पहचाने। यह उल्लेखनीय है क्योंकि भ्रूण गर्भाशय के लगभग निष्फल वातावरण में विकसित होते हैं।
शोधकर्ताओं ने single-cell RNA sequencing का उपयोग किया। इससे पता चला कि भ्रूणीय और वयस्क न्यूट्रोफिल के जीन-अभिव्यक्ति में अंतर है, लेकिन उनके प्रमुख विकास चरण समान हैं।

परीक्षणों में भ्रूणीय न्यूट्रोफिल कणों को निगल सकते थे, विषैले ऑक्सीजन यौगिक बना सकते थे और कोशिका के बाहर जाल जैसी संरचनाएं बना सकते थे। ये वयस्क प्रतिरक्षा सुरक्षा के प्रमुख कार्य हैं।
निष्कर्ष का महत्व
अध्ययन से यह समझ बदलती है कि न्यूट्रोफिल जैसे परिपक्व कार्य कब विकसित होते हैं। ये कोशिकाएं केवल विकसित हो रही पूर्ववर्ती कोशिकाएं नहीं, बल्कि भ्रूणीय वातावरण में सक्रिय भागीदार हो सकती हैं।
यह अध्ययन चूहों पर आधारित है और मानव भ्रूणीय प्रतिरक्षा पर सीधे चिकित्सीय निष्कर्ष नहीं देता। फिर भी, यह आगे के शोध का आधार प्रदान करता है।
आगे के सवाल
शोधकर्ताओं को अब यह पता लगाना होगा कि भ्रूणीय ऊतकों में ये कोशिकाएं क्यों होती हैं, उनकी गति और गतिविधि को कौन से संकेत नियंत्रित करते हैं और क्या वे अंगों के निर्माण को प्रभावित करती हैं।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com






