M87 पर नई नजर पहली ब्लैक होल छवि से आगे जाती है

2019 में Event Horizon Telescope सहयोग द्वारा जारी की गई ब्लैक होल की पहली छवि आधुनिक खगोलशास्त्र में तुरंत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गई। उस छवि में Virgo नक्षत्र में पृथ्वी से लगभग 53.5 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर स्थित विशाल अण्डाकार आकाशगंगा M87 के केंद्र में मौजूद अतिविशाल ब्लैक होल दिखाया गया था। अब शोधकर्ताओं ने विज्ञान को और आगे बढ़ाते हुए केवल ब्लैक होल के आसपास उत्सर्जन के आकार को ही नहीं, बल्कि यह भी देखा है कि केंद्र से दूरी बढ़ने पर वह उत्सर्जन कैसे बदलता है।

प्रदान किए गए स्रोत पाठ के अनुसार, Shanghai Astronomical Observatory के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने M87 ब्लैक होल का पहला स्थानिक रूप से विभेदित द्वि-आवृत्ति स्पेक्ट्रल अध्ययन किया। कई वेधशालाओं से प्राप्त horizon-scale छवियों को जोड़कर टीम ने वह तैयार किया जिसे रिपोर्ट वस्तु के वर्णक्रमीय हस्ताक्षर के त्रिज्या के साथ बदलने का पहला स्थानिक रूप से विभेदित मानचित्र बताती है। यह कार्य 20 जुलाई को The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुआ।

यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि पहली ब्लैक होल छवि कभी भी साधारण अर्थों में केवल एक तस्वीर नहीं थी। यह ब्रह्मांड के सबसे कठोर परिवेशों में से एक के पास चरम भौतिकी का मापन थी। यह नया अध्ययन विकिरण गुणों का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक कैसे भिन्न होते हैं, इसका परीक्षण करके एक और परत जोड़ता है, और ब्लैक होल के आसपास प्लाज़्मा तथा प्रक्रियाओं की अधिक विस्तृत जांच प्रदान करता है।

टीम ने मानचित्र कैसे बनाया

अध्ययन में 2018 में Event Horizon Telescope और Global Millimeter VLBI Array द्वारा प्राप्त प्रेक्षणों का उपयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने 1.3 मिलीमीटर और 3.5 मिलीमीटर तरंगदैर्घ्य पर बनी छवियों को जोड़ा, जो अत्यंत उच्च-आवृत्ति रेडियो रेंज और माइक्रोवेव के उच्च-आवृत्ति किनारे को कवर करती हैं। इन दो आवृत्तियों के उपयोग से टीम को देखी गई संरचना में एक spectral index निकालने में मदद मिली।

व्यावहारिक रूप से, यह index खगोलविदों को बताता है कि ब्लैक होल के आसपास अलग-अलग स्थानों पर आवृत्ति के साथ विकिरण की ताकत कैसे बदलती है। इस क्षेत्र को एकल, अनसुलझी चमक मानने के बजाय, नया तरीका इसे स्थानिक रूप से बदलते पैटर्न में विभाजित करता है। इससे यह अनुमान लगाना संभव हो जाता है कि किन स्थानों पर कौन-सी भौतिक स्थितियाँ प्रमुख हैं।

स्रोत पाठ के आधार पर, परिणाम M87 ब्लैक होल के आसपास उत्सर्जन परिवेश का त्रिज्या-निर्भर चित्र है। सबसे भीतरी क्षेत्र में एक धनात्मक spectral index दिखता है जो त्रिज्या के साथ थोड़ा बढ़ता है। और बाहर जाने पर, index घटता है और ऋणात्मक हो जाता है। यह बदलाव केवल वर्णनात्मक नहीं है। यह ब्लैक होल के आसपास अंतर्निहित विकिरण स्थितियों में परिवर्तन की ओर संकेत करता है।

बदलता spectral index क्या दर्शाता है

स्रोत के अनुसार, भीतरी क्षेत्र में धनात्मक index synchrotron self-absorption के प्रबल प्रभाव का संकेत देता है। इस प्रक्रिया में, चुंबकीय क्षेत्रों में लगभग प्रकाश की गति से चलने वाले इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित करते हैं और फिर अपने ही बनाए कुछ फोटॉनों को पुनः अवशोषित कर लेते हैं। इस प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र उस क्षेत्र से अलग व्यवहार करता है जहाँ फोटॉन अधिक स्वतंत्रता से बाहर निकल जाते हैं।

केंद्र से और दूर, नया मानचित्र optically thin regime की ओर संक्रमण दिखाता है, जहाँ उत्सर्जित फोटॉन बिना उसी स्तर पर अवशोषित, बिखरे या पुनः उत्सर्जित हुए बाहर निकल सकते हैं। स्रोत पाठ इस संक्रमण को ब्लैक होल से लगभग 30 microarcseconds की दूरी पर रखता है।

यह दूरी आकाश में बहुत छोटी है, लेकिन भौतिक रूप से बहुत सूचनात्मक है। यह self-absorption से तीव्र रूप से आकारित आंतरिक स्थितियों और बाहरी स्थितियों के बीच एक सीमा को चिह्नित करती है, जहाँ विकिरण पर्यवेक्षकों तक अधिक सीधे पहुँच सकता है। अतिविशाल ब्लैक होल के event horizon के पास पदार्थ कैसे व्यवहार करता है, इसे समझने की कोशिश कर रहे खगोलविदों के लिए इस संक्रमण की पहचान महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्लाज़्मा संरचना, चुंबकीय क्षेत्रों और ऊर्जा परिवहन के मॉडल को सीमित करती है।

ब्लैक होल भौतिकी के लिए यह क्यों मायने रखता है

ब्लैक होल को दृश्य रूप में सीधे नहीं देखा जा सकता क्योंकि event horizon के भीतर से प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता। खगोलविद जो देख सकते हैं, वह आसपास के वातावरण में पदार्थ और विकिरण का व्यवहार है। इसलिए मापन तकनीक में हर सुधार मूल्यवान होता है। नए M87 अध्ययन का महत्व यह है कि यह एक स्थिर छवि से आगे बढ़कर एक निदानात्मक विधि की ओर जाता है।

प्रदान किया गया स्रोत पाठ स्पष्ट रूप से कहता है कि यह कार्य ब्लैक होल के आसपास मौजूद चरम भौतिकी और स्थितियों को चिह्नित करने का एक नया तरीका देता है। यह कथन महत्वपूर्ण है। spectral map प्रतिस्पर्धी व्याख्याओं के बीच अंतर करने में मदद कर सकता है कि केंद्रीय इंजन के पास प्लाज़्मा में क्या हो रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि ऊर्जा कैसे वितरित होती है और उत्सर्जन कहाँ इतना पारदर्शी हो जाता है कि संरचना की अलग-अलग परतें दिखाई देने लगती हैं।

M87 इस प्रकार के कार्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण लक्ष्य है क्योंकि यह horizon-scale black hole imaging के लिए पहले ही संदर्भ मामला बन चुका है। वहाँ किए गए सुधार अन्य प्रणालियों और भविष्य के अवलोकन अभियानों में उपयोग होने वाली विधियों को आकार दे सकते हैं। जिस वस्तु ने दुनिया को पहली ब्लैक होल छवि दी थी, वही अब यह परिभाषित करने में मदद कर रही है कि ब्लैक होल का अधिक समृद्ध भौतिक विवरण में अध्ययन कैसे किया जा सकता है।

वैश्विक वेधशालाओं पर आधारित एक सहयोगात्मक उपलब्धि

यह परियोजना frontier astronomy की अंतरराष्ट्रीय और बहु-उपकरण प्रकृति को भी दर्शाती है। स्रोत पाठ Chinese Academy of Sciences के Key Laboratory of Radio Astronomy and Technology, University of Tsukuba, INAF Institute of Radio Astronomy, CSIS Andalusian Institute of Astrophysics, और Max Planck Institute for Radio Astronomy, सहित अन्य संस्थानों के सहयोगियों की पहचान करता है। बहुत लंबे आधार रेखा इंटरफेरोमेट्री (very long baseline interferometry) में यह व्यापकता सामान्य है, जहाँ विशाल दूरी पर अलग-अलग स्थित वेधशालाएँ मिलकर एक पृथ्वी-आकार के एकल उपकरण की तरह काम करती हैं।

तकनीकी उपलब्धि केवल डेटा एकत्र करने में नहीं, बल्कि अलग-अलग सुविधाओं और आवृत्तियों से प्राप्त प्रेक्षणों को एक सुसंगत, स्थानिक रूप से विभेदित विश्लेषण में जोड़ने में है। ब्लैक होल अनुसंधान तेजी से इसी दिशा में बढ़ रहा है: केवल अधिक तीक्ष्ण छवियाँ बनाने के बजाय, उनसे अधिक भौतिक अर्थ निकालना।

प्रतीकात्मक छवि से अधिक सटीक भौतिक समझ तक

M87 के ब्लैक होल की पहली छवि ने सार्वजनिक धारणा बदल दी थी क्योंकि इसने एक प्रसिद्ध रूप से अदृश्य वस्तु को अचानक ठोस बना दिया था। यह नया परिणाम दृश्य रूप से कम नाटकीय है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से शायद उतना ही महत्वपूर्ण है। यह संकेत देता है कि खगोलविद अब ऐसे चरण में प्रवेश कर रहे हैं जहाँ horizon-scale प्रेक्षण केवल छाया-जैसी संरचना की पुष्टि करने के बजाय बदलती भौतिक स्थितियों का मानचित्रण कर सकते हैं।

यह बदलाव मायने रखता है। शोधकर्ता जितनी सटीकता से यह पता लगा सकें कि self-absorption कहाँ हावी है, उत्सर्जन कहाँ optically thin हो जाता है, और ये स्थितियाँ दूरी के साथ कैसे बदलती हैं, उतना ही बेहतर वे ब्लैक होल परिवेशों के सिद्धांतों की परीक्षा कर सकते हैं। M87 एक अकेले snapshot से समझे जाने के लिए अब भी बहुत दूर और अत्यंत है। लेकिन horizon scales पर spectral mapping के साथ, खगोलविद एक ऐतिहासिक छवि को अधिक पूर्ण भौतिक चित्र में बदलने के और करीब पहुँच रहे हैं।

यह लेख Universe Today की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on universetoday.com