त्रि-आयामी मॉडलिंग से ग्रह-रक्षा के अंतिम विकल्प को बेहतर समझ

Lawrence Livermore National Laboratory के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि पृथ्वी से टकराव की दिशा में बढ़ रहे क्षुद्रग्रह का मार्ग बदलने या उसे तोड़ने के लिए परमाणु उपकरण का उपयोग कैसे किया जा सकता है।

The Planetary Science Journal में प्रकाशित इस कार्य में LLNL के Spheral simulation code से मॉडल बनाया गया कि क्षुद्रग्रह की सतह के पास परमाणु विस्फोट से निकलने वाली X-rays सामग्री को गर्म और वाष्पीकृत कैसे करती हैं। यह सामग्री वस्तु को धक्का देकर उसकी गति बदल सकती है; अधिक तीव्र स्थिति में ऊर्जा उसे तोड़कर बिखेर सकती है।

यह शोध परमाणु हथियारों के नियमित उपयोग का प्रस्ताव नहीं है। यह उन आपातस्थितियों की जांच है जिनमें क्षुद्रग्रह बहुत बड़ा हो या चेतावनी का समय बहुत कम हो।

विक्षेपण और विखंडन अलग मिशन हैं

प्रभाव रोकने के लिए क्षुद्रग्रह को नष्ट करना आवश्यक नहीं। पर्याप्त समय मिलने पर वेग में छोटा बदलाव भी उसे पृथ्वी से चूकने के लिए पर्याप्त हो सकता है। इसे विक्षेपण कहते हैं।

NASA के Double Asteroid Redirection Test ने 2022 में इस दृष्टिकोण का गतिज रूप प्रदर्शित किया, जब एक अंतरिक्षयान ने Dimorphos से टक्कर की। LLNL का काम पास के परमाणु उपकरण से होने वाली तीव्र X-ray heating की प्रतिक्रिया पर केंद्रित है।

क्षुद्रग्रह खतरों के परमाणु शमन का सिमुलेशन
Lawrence Livermore National Laboratory के शोधकर्ता Isaiah Santistevan ने पृथ्वी को खतरा पैदा करने वाले क्षुद्रग्रह को मोड़ने या तोड़ने वाले त्रि-आयामी सिमुलेशन के विकास का नेतृत्व किया। श्रेय: Blaise Douros/LLNL

विखंडन अधिक कठिन विकल्प है। इसमें क्षुद्रग्रह को जानबूझकर टुकड़ों में बांटना और फैलाना शामिल है, ताकि कोई टुकड़ा महत्वपूर्ण खतरा न बने। केवल तोड़ना पर्याप्त नहीं; टुकड़ों का सुरक्षित रूप से बिखरना भी जरूरी है।

नए सिमुलेशन में विखंडन के तीन जटिल परिदृश्य देखे गए। दो में विखंडन के मजबूत संकेत मिले।

तीसरा आयाम क्यों महत्वपूर्ण है

क्षुद्रग्रह समान संरचना वाले लक्ष्य नहीं होते। उनकी आंतरिक बनावट, संघटन और दरारों का पैटर्न ऊर्जा के प्रवाह और सतह की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है। त्रि-आयामी मॉडल क्षति और पदार्थ की गति को अधिक वास्तविक रूप से दिखा सकता है।

अध्ययन का नेतृत्व करने वाले Isaiah Santistevan ने कहा कि सिमुलेशन क्षुद्रग्रह की संभावित प्रतिक्रिया का अधिक विस्तृत चित्र देते हैं। टीम ने पहले स्थापित विक्षेपण मॉडलों के विरुद्ध अपनी पद्धति को मान्य किया और फिर Spheral को विखंडन मामलों पर लागू किया।

यह कार्य आपातकालीन योजना नहीं, बल्कि सीमित समय और कठिन लक्ष्य वाली स्थितियों के लिए उच्च-विश्वसनीयता वाला शोध उपकरण है।

आपात क्षमता, शुरुआती पहचान का विकल्प नहीं

शोध का सबसे स्पष्ट संदेश चेतावनी समय का महत्व है। वस्तु जल्दी मिल जाए तो वेग में अपेक्षाकृत छोटा बदलाव पर्याप्त हो सकता है। समय घटने पर विकल्प भी कम होते जाते हैं।

परमाणु शमन गतिज अंतरिक्षयान से अधिक ऊर्जा दे सकता है, लेकिन इससे लक्ष्य के गुण, वांछित परिणाम, टुकड़ों का व्यवहार और निर्णय की निश्चितता से जुड़े प्रश्न समाप्त नहीं होते।

ग्रह-रक्षा में इस कार्य का योगदान

  • यह पास के परमाणु विस्फोट की X-rays से क्षुद्रग्रह पदार्थ के गर्म होने और वाष्पीकरण का मॉडल बनाता है।
  • यह विक्षेपण और विखंडन के बीच अंतर स्पष्ट करता है।
  • यह क्षति, दरार और पदार्थ की गति का त्रि-आयामी विश्लेषण करता है।
  • यह बड़े खतरों या कम चेतावनी समय के लिए आपातकालीन शोध उपकरण उपलब्ध कराता है।

फिलहाल यह परिचालन योजना नहीं, बल्कि सिमुलेशन-आधारित प्रगति है। फिर भी यह सीमित समय में क्षुद्रग्रह के प्रभाव को रोकने के तकनीकी आधार को मजबूत करती है।

यह लेख Phys.org की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on phys.org