अध्ययन का संकेत है कि ट्रैक का अनुभव बेसबॉल खिलाड़ियों को साथियों से बेहतर कर सकता है

Journal of Sport Management में प्रकाशित होने वाले एक आगामी शोध-पत्र का तर्क है कि बेसबॉल के सबसे कम आंके गए फायदों में से एक प्रो स्काउटिंग से कहीं पहले शुरू हो सकता है: हाई स्कूल ट्रैक पर। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो खिलाड़ी बेसबॉल के साथ-साथ ट्रैक में भी भाग लेते थे, वे केवल बेसबॉल पर ही केंद्रित रहने वाले खिलाड़ियों की तुलना में पेशेवर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े, भले ही मेजर लीग बेसबॉल टीमों ने ड्राफ्ट या साइनिंग के समय उस पृष्ठभूमि को अतिरिक्त महत्व दिया हुआ नहीं दिखा।

यह निष्कर्ष इसलिए खास है क्योंकि यह युवा खेलों में लंबे समय से चली आ रही उस धारणा के विपरीत जाता है कि जल्दी विशेषज्ञता ही सर्वोच्च प्रदर्शन का सबसे सुरक्षित रास्ता है। इसके बजाय, अध्ययन बहु-खेल वाले तर्क के एक अधिक विशिष्ट रूप की ओर इशारा करता है। यह यह दावा नहीं करता कि हर दूसरा खेल समान रूप से मदद करता है। बल्कि, यह सुझाता है कि ट्रैक ऐसे कुछ हस्तांतरणीय गुण विकसित कर सकता है जिन्हें बेसबॉल सीधे इस्तेमाल कर सकता है।

स्रोत सामग्री के अनुसार, यह शोध उन विद्वानों के नेतृत्व में किया गया जिनका संबंध द ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी से है, और इसमें यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के स्पोर्ट मैनेजमेंट विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस मैकलियोड भी शामिल थे। टीम ने एक दुर्लभ ऐतिहासिक डेटासेट का उपयोग किया और खिलाड़ियों की हाई स्कूल खेल भागीदारी संबंधी रिपोर्टों को उनके दीर्घकालिक पेशेवर नतीजों से जोड़ा।

एक बड़े ऐतिहासिक डेटासेट ने पैटर्न को सामने लाने में मदद की

अध्ययन ने बेसबॉल खिलाड़ियों के लगभग 97,000 ऐतिहासिक सर्वेक्षण उत्तरों का उपयोग किया, जिन्हें इतिहासकार विलियम वीस ने संकलित किया था, और उन्हें दशकों के विस्तृत पेशेवर प्रदर्शन रिकॉर्ड से जोड़ा। इन सर्वेक्षणों में एक महत्वपूर्ण प्रश्न था कि खिलाड़ियों ने हाई स्कूल के दौरान किन खेलों में भाग लिया था। उन उत्तरों को बाद के करियर नतीजों से मिलाकर शोधकर्ता ऐसे संबंध तलाश सके जिन्हें सरल या छोटे अध्ययन शायद चूक जाते।

यह तरीका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विशेषज्ञता पर बहसें अक्सर किस्सों, कोचिंग दर्शन या चुनिंदा स्टार खिलाड़ियों के उदाहरणों पर निर्भर रहती हैं। यहाँ लेखकों ने चर्चा को कहीं व्यापक नमूने में टिकाने की कोशिश की। उनके निष्कर्ष, जैसा कि दिए गए स्रोत पाठ में वर्णित है, यह थे कि ट्रैक में भागीदारी बेसबॉल खिलाड़ियों के लिए बेहतर पेशेवर प्रदर्शन से जुड़ी थी, जबकि बास्केटबॉल या फुटबॉल जैसे अन्य खेलों में ऐसा वही लगातार लाभ नहीं दिखा।

यह अंतर महत्वपूर्ण है। यह शोध यह व्यापक दावा नहीं करता कि किसी भी बहु-खेल इतिहास वाला खिलाड़ी अनिवार्य रूप से केवल बेसबॉल प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ी से बेहतर होता है। इसके बजाय, यह सुझाता है कि मूल्य इस बात पर निर्भर करता है कि क्या कोई खेल ऐसे कौशल विकसित करता है जो उपयोगी तरीके से दूसरे खेल में स्थानांतरित हो सकें।

ट्रैक बेसबॉल में इतनी अच्छी तरह क्यों जुड़ सकता है

शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसे गुणों को रेखांकित किया जो ट्रैक के जरिए मजबूत हो सकते हैं: गति, विस्फोटकता और टाइमिंग। ये गुण बेसबॉल में सिर्फ सामान्य एथलेटिक खूबियाँ नहीं हैं; ये खेल के विशिष्ट हिस्सों से सीधे जुड़ते हैं। बेसरनिंग त्वरण और उच्चतम गति पर निर्भर करती है। फील्डिंग अक्सर पहले कदम की त्वरितता और शरीर पर नियंत्रण को पुरस्कृत करती है। गेंद पर प्रतिक्रिया देते समय व्यापक एथलेटिक लय और गति-कुशलता भी मायने रख सकती है।

इस अर्थ में, अध्ययन ट्रैक को केवल कंडीशनिंग टूल से कहीं अधिक के रूप में प्रस्तुत करता है। यह एक विकासात्मक माहौल की तरह काम कर सकता है जो ऐसी मूवमेंट क्षमताओं को निखारता है जिन्हें बेसबॉल प्रदर्शन में बदल सकता है। यही बात समझाती है कि इसका लाभ अन्य आम द्वितीयक खेलों के प्रभाव की तुलना में अधिक मजबूत और अधिक सुसंगत क्यों दिखा।

दिए गए स्रोत पाठ में मैकलियोड के हवाले से इस परिणाम को “Moneyball-type” निष्कर्ष कहा गया है: एक मापने योग्य बढ़त जिसे टीमें ठीक से कीमत नहीं दे रहीं। यदि यह व्याख्या पियर रिव्यू और व्यापक पुनरावृत्ति में टिकती है, तो यह स्काउटिंग विभागों के लिए एक व्यावहारिक सवाल उठाती है। क्या वे एक उपयोगी संकेत को इसलिए नजरअंदाज कर रहे हैं क्योंकि वह पारंपरिक बेसबॉल मूल्यांकन ढाँचों के बाहर आता है?

टीमों ने इस लाभ को पुरस्कृत नहीं किया

अध्ययन के सबसे उल्लेखनीय दावों में से एक सिर्फ यह नहीं है कि ट्रैक का अनुभव बेहतर पेशेवर परिणामों से जुड़ा है, बल्कि यह भी कि MLB संगठन प्रतिभा अधिग्रहण के निर्णय लेते समय इसे पुरस्कृत करते हुए नहीं दिखे। स्रोत पाठ कहता है कि टीमों ने ड्राफ्ट या साइनिंग बोनस में ट्रैक भागीदारी को महत्व नहीं दिया, जबकि शोधकर्ताओं ने बाद में प्रदर्शन का जो लाभ देखा, वह मौजूद था।

यही अंतर इस निष्कर्ष को युवा कोचिंग बहसों से आगे ले जाता है। यदि कोई खिलाड़ी-गुण या पृष्ठभूमि बेहतर परिणामों की भविष्यवाणी करती है, लेकिन प्रतिभा बाजार में उसे अतिरिक्त कीमत नहीं मिलती, तो वह एक संभावित अक्षमता बन जाती है। बेसबॉल की भाषा में, इसका मतलब है कि टीमें उन संभावित खिलाड़ियों को कम आंक सकती हैं जिनका एथलेटिक विकास सही तरह के क्रॉस-ट्रेनिंग को शामिल करता है।

यह भी संकेत देता है कि कुछ मूल्यांकनकर्ता अभी भी विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता को लेकर पुरानी सोच अपना रहे हैं। जो खिलाड़ी बेसबॉल और ट्रैक के बीच समय बाँटता है, उसे साल भर केवल बेसबॉल खेलने वाले खिलाड़ी की तुलना में कम केंद्रित समझा जा सकता है। अध्ययन इसके उलट दिशा की ओर इशारा करता है: कुछ परिस्थितियों में, दूसरा खेल बेसबॉल से ध्यान हटाने के बजाय खिलाड़ी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

परिवारों, कोचों और खिलाड़ी विकास के लिए इसका क्या मतलब हो सकता है

व्यावहारिक प्रभाव फ्रंट ऑफिस से कहीं आगे तक जाते हैं। यदि परिवार यह तय कर रहे हैं कि किसी प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को अपनी एथलेटिक राह जल्दी संकरी करनी चाहिए या नहीं, तो यह शोध सामान्य “विशेषज्ञता अपनाओ” बनाम “विशेषज्ञता मत अपनाओ” बहस से अधिक सूक्ष्म उत्तर देता है। बेहतर सवाल यह हो सकता है कि कौन सी अतिरिक्त गतिविधियाँ ऐसे कौशल बनाती हैं जिनका वास्तविक क्रॉसओवर मूल्य हो।

बेसबॉल खिलाड़ियों के लिए, ट्रैक ऐसी ही एक गतिविधि दिखाई देती है। इसका मतलब यह नहीं कि हर खिलाड़ी को इसे स्वतः जोड़ देना चाहिए, या ट्रैक अपने आप बेहतर नतीजों की गारंटी देता है। स्रोत पाठ एक सीमित निष्कर्ष का समर्थन करता है: जिन ऐतिहासिक खिलाड़ियों की जाँच की गई, उनमें ट्रैक अनुभव रखने वाले खिलाड़ी पेशेवर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते थे, और यही पैटर्न कुछ अन्य खेलों में लगातार नहीं दिखा।

कोच भी इसमें रुचि ले सकते हैं क्योंकि यह परिणाम इस विचार को मजबूत करता है कि खेल-विशिष्ट दोहराव जितना ही महत्वपूर्ण मूवमेंट विकास भी हो सकता है। यदि गति, विस्फोटकता और टाइमिंग बाद में सफल खिलाड़ियों को अलग करती हैं, तो ऐसे विकास तंत्र जो इन गुणों को मजबूत करते हैं, उन्हें अधिक ध्यान मिलना चाहिए, चाहे वे बेसबॉल कार्यक्रमों के भीतर हों या उनके साथ।

एक सावधानीपूर्ण निष्कर्ष, कोई सार्वभौमिक नियम नहीं

इस अध्ययन को फिर भी अनुशासन के साथ पढ़ना चाहिए। उपलब्ध स्रोत पाठ सभी पद्धतिगत विवरण, प्रभाव-आकार या सीमाएँ नहीं देता। इसमें कहा गया है कि पेपर जल्द प्रकाशित होने वाला है और उसके केंद्रीय निष्कर्षों का सार बताया गया है, लेकिन उन बिंदुओं से आगे व्यापक दावे करने का आधार नहीं दिया गया है। यह भी नहीं दिखाता कि ट्रैक अकेले हर मामले में बेहतर बेसबॉल प्रदर्शन का कारण बनता है।

फिर भी, एक सीमित निष्कर्ष के रूप में भी यह खोज उल्लेखनीय है। यह बहु-खेल भागीदारी की धुंधली प्रशंसा से बातचीत को एक अधिक विशिष्ट और परीक्षण योग्य विचार की ओर ले जाती है: कुछ खेल बेसबॉल की मदद कर सकते हैं क्योंकि वे ऐसे गुण विकसित करते हैं जिन्हें बेसबॉल सीधे उपयोग करता है, जबकि कुछ वही अतिरिक्त मूल्य नहीं दे सकते।

यह ऐसा दावा है जो खिलाड़ी विकास और प्रतिभा पहचान दोनों को प्रभावित कर सकता है। यदि पेशेवर टीमें उस पृष्ठभूमि को लगातार कम आंकती रहें जो बाद में बेहतर प्रदर्शन से जुड़ती है, तो यह अक्षमता तब तक बनी रह सकती है जब तक क्लब अपने स्काउटिंग मॉडल न बदलें। युवा खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए संदेश सिर्फ अधिक करने के बारे में नहीं, बल्कि सही पूरक काम करने के बारे में है।

बेसबॉल लंबे समय से भविष्य की सफलता के छुपे संकेतकों की तलाश करता रहा है। यह अध्ययन सुझाव देता है कि उनमें से एक पहले से ही हाई स्कूल के समय-सारिणी में दिखाई दे सकता है, सिर्फ बेसबॉल मैदान पर अकेले नहीं।

यह लेख Phys.org की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

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