Boeing ने लंबी दूरी वाले JDAM को परीक्षण नमूने से उत्पादन चरण में पहुंचाया

Boeing ने, स्रोत के अनुसार, Joint Direct Attack Munition के जेट-चालित संस्करण के लिए पहला उत्पादन अनुबंध हासिल किया है, जो एक परिचित और व्यापक रूप से तैनात बम को कहीं अधिक महंगे स्टैंड-ऑफ हथियार जैसी पहुंच देने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है। दिए गए पाठ के अनुसार, अमेरिकी वायु सेना ने हथियार के शुरुआती उत्पादन रन के लिए 75 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे Boeing GBU-75 के रूप में पहचानता है।

यह नई प्रणाली Boeing की BSU-111/B Payload Delivery Unit पर आधारित है, जो पंखों और टर्बोजेट वाले एक किट के रूप में 500-पाउंड JDAM को लंबी दूरी वाले संस्करण में बदल देती है, जिसे अक्सर JDAM LR कहा जाता है। Boeing का कहना है कि इससे बना हथियार 300 नॉटिकल मील से अधिक उड़ सकता है। यह दूरी इसे मानक JDAM परिवार से अलग श्रेणी में रखती है और यही कारण है कि यह अनुबंध महत्वपूर्ण है। पूरी तरह नया स्ट्राइक हथियार शून्य से बनाने के बजाय, यह कार्यक्रम एक ऐसे बम की उपयोगिता बढ़ाता है जो पहले से ही अमेरिकी सेवाओं और सहयोगी देशों के शस्त्रागार में मौजूद है।

यह हथियार JDAM परिवार का विस्तार कैसे करता है

JDAM को लंबे समय से एक ऐसे मार्गदर्शन टेल किट के लिए सराहा गया है जो बिना निर्देशित बमों को सटीक हथियारों में बदल देता है। स्रोत सामग्री में, Boeing परिवार के विकास को सरल दूरी के संदर्भ में बताता है: एक पहले के टेल किट ने हथियार को लगभग 15 नॉटिकल मील तक पहुंचाया, जबकि एक विंग किट ने इसे करीब 40 नॉटिकल मील तक बढ़ाया। Kratos द्वारा डिज़ाइन किए गए TDI-J85 इंजन को जोड़ने से लंबी दूरी वाला संस्करण 300 नॉटिकल मील से आगे निकल जाता है।

यह एक बड़ा उछाल है, और यह हथियार के उपयोग के तरीके को बदल देता है। जो गुरुत्वाकर्षण बम पहले अपेक्षाकृत नजदीकी दूरी से छोड़ा जाता था, वह अब कुछ खतरे वाले दायरे से काफी बाहर से दागा जा सकने वाला हथियार बन जाता है। विवादित क्षेत्रों में, यह बात बम की सटीकता जितनी ही महत्वपूर्ण होती है। स्टैंड-ऑफ रेंज तय कर सकती है कि किसी विमान को घनी रक्षा-व्यवस्था में घुसना पड़ेगा या वह सुरक्षित स्थिति से हथियार छोड़कर मुड़ सकेगा।

स्रोत यह भी बताता है कि Boeing ने इस कार्यक्रम में अपनी लगभग 100 मिलियन डॉलर की पूंजी लगाई है। कंपनी-निधारित विकास का यह स्तर संकेत देता है कि Boeing ने कम-लागत वाले लंबी दूरी के स्ट्राइक विकल्प की वास्तविक मांग देखी, खासकर ऐसे विकल्प की जो मौजूदा लॉजिस्टिक्स और विमान एकीकरण पथों में फिट हो सके।

समुद्री नियंत्रण और समुद्री प्रहार भी आकर्षण का हिस्सा हैं

हालांकि JDAM को सबसे अधिक भूमि-आक्रमण हथियार के रूप में जाना जाता है, लंबी दूरी वाले संस्करण को जमीन पर स्थिर लक्ष्यों से कहीं आगे उपयोगी बताया जा रहा है। स्रोत पाठ कहता है कि QuickStrike Long Range माइनिंग वैरिएंट लंबी दूरी वाले किट को जहाज़-ट्रैकिंग सेंसर ले जाने वाले बम के साथ जोड़ता है, जिससे यह प्रणाली समुद्री भूमिकाओं में भी फैल जाती है। Boeing ने ऐसे भी विचार दिखाए हैं जिनमें वायु सेना के बमवर्षकों पर बड़ी संख्या में ये हथियार लगाए जाते हैं, हालांकि स्रोत के अनुसार उस विचार के लिए अब तक वायु सेना की खरीद की घोषणा नहीं हुई है।

पहले उत्पादन वाले उदाहरण कथित तौर पर अमेरिकी नौसेना को भेजे जाएंगे, जो समुद्री फोकस के अनुरूप है। नौसेना ने अप्रैल में कैलिफ़ोर्निया के तट से Point Mugu Sea Range पर इस हथियार का सार्वजनिक प्रदर्शन किया। स्रोत के अनुसार, Super Hornets ने उन प्रदर्शनों के दौरान दो JDAM LR परीक्षण राउंड छोड़े। 1 अप्रैल का शॉट अलग होते ही साफ निकला, उसका इंजन चालू हुआ, 34 मिनट तक उड़ा और अपने लक्ष्य से कुछ मीटर के भीतर उतरा। 3 अप्रैल को एक दूसरे राउंड में ऊँचाई में बदलाव और युद्धाभ्यास जोड़े गए। प्रत्येक राउंड ने लगभग 200 नॉटिकल मील की दूरी तय की।

ये परीक्षण दूरी Boeing द्वारा उत्पादन हथियार के लिए बताए गए “300 नॉटिकल मील से अधिक” के आंकड़े से कम हैं, लेकिन फिर भी वे इस अवधारणा को परिचालन रूप से प्रासंगिक परिस्थितियों में उड़ान में काम करते हुए दिखाते हैं। ये परीक्षण नौसेना की घोषित जरूरत को भी मजबूत करते हैं। स्रोत पाठ में, नौसेना की Precision Strike Weapons कार्यक्रम प्रबंधक कैप्टन Sarah Abbott ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामरिक बढ़त बनाए रखते हुए बेड़े को अधिक स्टैंड-ऑफ रेंज देने की एक अहम आवश्यकता का उल्लेख किया।

मौजूदा ढांचे का पुन: उपयोग क्यों महत्वपूर्ण है

इस कार्यक्रम की अपील का एक हिस्सा यह है कि यह समान स्तर का एकीकरण बोझ डाले बिना बड़े प्रदर्शन लाभ का वादा करता है। स्रोत कहता है कि नौसेना के बजट दस्तावेज JDAM LR को बेसलाइन JDAM कार्यक्रम का एक संशोधन बताते हैं, जो मौजूदा उत्पादन लाइन और मौजूदा मार्गदर्शन हार्डवेयर पर आधारित है। Boeing यह भी कहता है कि जो भी विमान पारंपरिक JDAM ले जा सकता है, वह बिना किसी संशोधन के नया संस्करण भी ले जा सकता है।

यदि सेवा में यह सच साबित होता है, तो यह कार्यक्रम के सबसे मजबूत लाभों में से एक हो सकता है। आधुनिक लंबी दूरी के गोला-बारूद अत्यधिक सक्षम हो सकते हैं, लेकिन वे अक्सर महंगे होते हैं, खरीदने में धीमे होते हैं, और कभी-कभी सिर्फ एक सीमित लॉन्च प्लेटफॉर्म तक सीमित रहते हैं। इसके विपरीत, पहले से व्यापक उपयोग में मौजूद हथियार के लिए एक प्रोपल्शन-और-विंग पैकेज एक अलग खरीद तर्क देता है: दूरी जल्दी बढ़ाओ, बेड़े की संगतता बनाए रखो, और पहले से मौजूद प्रशिक्षण, निर्माण और रखरखाव प्रणालियों का लाभ उठाओ।

इसका मतलब यह नहीं कि GBU-75 हर क्रूज़ मिसाइल के बराबर है। एक परिवर्तित JDAM की अपनी प्रोफ़ाइल, पेलोड सीमाएँ और मिशन-डिज़ाइन बाधाएँ होती हैं। लेकिन मूल्य-प्रस्ताव जरूरी नहीं कि हर जगह उच्च-स्तरीय मिसाइलों की जगह लेना हो। उद्देश्य कमांडरों को स्ट्राइक पोर्टफोलियो में एक और स्तर देना है, जो कुछ मिशनों के लिए अधिक किफायती और स्केल करने में आसान हो सकता है।

भविष्य की गोला-बारूद मांग का संकेत

यह अनुबंध इस बारे में भी कुछ व्यापक बताता है कि पेंटागन इन्वेंटरी और सर्वाइवेबिलिटी को कैसे देख रहा है। सस्ती बड़े पैमाने की क्षमता, अधिक दूरी और उत्पादन विस्तार-योग्यता की मांग अमेरिकी सैन्य योजना में बार-बार उभरने वाला विषय बन गई है। JDAM LR जैसा सिस्टम ठीक उसी क्षेत्र में आता है। यह एक जानी-पहचानी 500-पाउंड सटीक बम को ऐसी चीज़ में बदल देता है जिसे बहुत सुरक्षित दूरी से दागा जा सकता है, और ऐसे हार्डवेयर व परिचालन विचारों का उपयोग करता है जिन्हें सेवाएँ पहले से समझती हैं।

Boeing के Precision Engagement Systems के उपाध्यक्ष Bob Ciesla ने दिए गए पाठ में कार्यक्रम को इन्हीं शब्दों में प्रस्तुत किया, और GBU-75 को भूमि और समुद्र दोनों पर लंबी दूरी के खतरों के लिए एक किफायती और टिकाऊ समाधान बताया। हथियार कार्यक्रमों के साथ जुड़ी सामान्य कॉर्पोरेट भाषा को ध्यान में रखते हुए भी, यह वर्णन सिस्टम के मूल डिज़ाइन तर्क से मेल खाता है।

शुरुआती उत्पादन अनुबंध अभी केवल पहला कदम है। लेकिन प्रदर्शनों से आगे बढ़कर वित्तपोषित उत्पादन तक पहुँचना एक महत्वपूर्ण सीमा है। यह संकेत देता है कि लंबी दूरी वाला JDAM विचार प्रयोग से बाहर निकलकर बल-संरचना की चर्चा में प्रवेश कर चुका है। यदि आगे की खरीदें होती हैं और नौसेना की शुरुआती तैनाती सुचारु रहती है, तो GBU-75 इस बात का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरणों में से एक बन सकता है कि किस तरह क्रमिक अनुकूलन एक स्थापित हथियार परिवार को अधिक खतरनाक परिचालन वातावरण के लिए फिर से आकार दे सकता है।

यह लेख Defense News की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on defensenews.com