सप्ताह में एक बार दी जाने वाली HIV दवा ने एक बड़ा क्लिनिकल परीक्षण पास किया

एक अंतरराष्ट्रीय Phase III परीक्षण में पाया गया है कि सप्ताह में एक बार ली जाने वाली मौखिक HIV दवा ने उन वयस्कों में, जिनका वायरस पहले से नियंत्रण में था, स्थापित दैनिक थेरेपी जितना ही अच्छा प्रदर्शन किया। यह आजीवन दवा-सूचियों के बोझ को कम करने की लंबे समय से चल रही कोशिश में एक उल्लेखनीय कदम है।

Medical Xpress के अनुसार, ये निष्कर्ष New England Journal of Medicine में प्रकाशित हुए और रियो डी जनेरियो में International AIDS Conference में प्रस्तुत किए गए। ISLEND-1 नामक इस अध्ययन में islatravir और lenacapavir के संयोजन वाली सप्ताह में एक बार ली जाने वाली गोली का मूल्यांकन किया गया और उसकी तुलना उन लोगों में मानक रोज़ाना उपचार से की गई, जिनकी वायरल दमन पहले से बनी हुई थी।

HIV देखभाल के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। आधुनिक antiretroviral therapy ने इस संक्रमण को, जो पहले कई लोगों के लिए एक घातक निदान था, एक प्रबंधनीय दीर्घकालिक स्थिति में बदल दिया है। लेकिन प्रभावी उपचार के लिए अब भी अक्सर हर दिन, साल-दर-साल, बिना किसी रुकावट के गोली लेना पड़ता है। शोधकर्ता और चिकित्सक वर्षों से विकल्पों का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उपचार मरीजों की जिंदगी के अनुरूप हो सके, न कि हर मरीज को एक ही दिनचर्या में ढाले।

परीक्षण ने क्या दिखाया

ISLEND-1 अध्ययन में 12 देशों के 106 क्लिनिकल साइट्स पर 607 वयस्क शामिल थे। प्रतिभागियों को यादृच्छिक रूप से या तो सप्ताह में एक बार ली जाने वाली गोली पर स्विच करने के लिए या अपने मौजूदा दैनिक regimen पर बने रहने के लिए चुना गया।

48 हफ्तों के बाद, साप्ताहिक उपचार को मानक दैनिक पद्धति के बराबर, यानी noninferior, बताया गया। दोनों समूहों में 93% से अधिक प्रतिभागियों ने viral suppression बनाए रखी। Medical Xpress ने यह भी बताया कि साप्ताहिक उपचार लेने वाले किसी भी प्रतिभागी में अध्ययन अवधि के दौरान virologic failure नहीं हुआ।

यह परिणाम महत्वपूर्ण है क्योंकि उपचार को सरल बनाने में noninferiority अक्सर मुख्य कसौटी होती है। किसी नई regimen को चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण बनने के लिए हमेशा एक स्थापित मानक से बेहतर होना जरूरी नहीं। यदि वह उपचार की व्यावहारिक मांगों को कम करते हुए viral suppression बनाए रख सकती है, तो भी यह एक अर्थपूर्ण प्रगति हो सकती है।

यह परीक्षण उन वयस्कों पर केंद्रित था जिनकी HIV पहले से अच्छी तरह नियंत्रित थी, इसलिए यह परिणाम यह नहीं कहता कि साप्ताहिक गोली उपचार के हर चरण या हर मरीज समूह के लिए सिद्ध हो चुकी है। लेकिन जो लोग पहले से therapy पर स्थिर हैं, उनके लिए यह अध्ययन संकेत देता है कि सप्ताह में एक बार ली जाने वाली मौखिक दवा दैनिक दवा के लिए एक विश्वसनीय विकल्प बन सकती है।

साप्ताहिक गोली क्यों मायने रख सकती है

इस नतीजे का महत्व केवल औषधीय नहीं है। यह सामाजिक और व्यवहारिक भी है। जब दैनिक HIV उपचार प्रभावी और व्यापक रूप से उपलब्ध हो, तब भी इस दिनचर्या के साथ मनोवैज्ञानिक और लॉजिस्टिक लागत जुड़ी हो सकती है। दिखने वाली गोली-सूची stigma को और मजबूत कर सकती है, जबकि हर दिन दवा लेने की लगातार पुनरावृत्ति treatment fatigue में योगदान दे सकती है।

Queen Mary University of London की Professor Chloe Orkin, जिन्हें Medical Xpress ने अध्ययन की senior author बताया, ने कहा कि यह therapy आजीवन गोली लेने के बोझ को कम कर सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो stigma से जूझ रहे हैं और उन मरीजों के लिए जो HIV के साथ-साथ अन्य कई स्थितियों का भी प्रबंधन कर रहे हैं।

यह दृष्टिकोण समझाता है कि पिछले दो दशकों में HIV दवाओं में भारी सुधार के बाद भी शोधकर्ता लंबे समय तक प्रभावी रहने वाले तरीकों की तलाश क्यों जारी रखते हैं। लक्ष्य अब केवल वायरल नियंत्रण नहीं है। यह स्थायित्व, सुविधा, गोपनीयता और वास्तविक जीवन में लचीलापन भी है।

सप्ताह में एक बार ली जाने वाली मौखिक दवा उन लोगों को भी आकर्षित कर सकती है जो दैनिक गोली से कम बार दवा लेना चाहते हैं, लेकिन इंजेक्टेबल उपचार नहीं चाहते या आसानी से प्राप्त नहीं कर सकते। इससे इस regimen को उपचार परिदृश्य में एक संभावित महत्वपूर्ण मध्य स्थान मिलता है: मानक गोली से कम बार, लेकिन फिर भी मौखिक और परिचित रूप में।

यह regimen HIV उपचार के व्यापक बदलाव में कैसे फिट बैठता है

HIV उपचार धीरे-धीरे सरल, अधिक मरीज-केंद्रित regimens की ओर बढ़ा है। देखभाल के पहले दौर में अक्सर अधिक गोलियां, सख्त डोज़िंग शेड्यूल और दुष्प्रभावों के साथ कठिन समझौते शामिल होते थे। हाल के वर्षों में उपचार लगातार एक ही टैबलेट में कम दवाओं, लंबे समय तक असर करने वाले formulations और retention तथा जीवन की गुणवत्ता पर केंद्रित देखभाल मॉडल की ओर बढ़ा है।

साप्ताहिक islatravir-lenacapavir संयोजन इसी रुझान में सटीक बैठता है। यह दीर्घकालिक रोग प्रबंधन की friction कम करने की एक व्यापक औद्योगिक और शोध पहल को दर्शाता है, बिना चिकित्सकीय नियंत्रण छोड़े। यदि इसे मंजूरी और अपनाया जाता है, तो ऐसी regimen उन परिस्थितियों में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है जहां साप्ताहिक cadence को दैनिक adherence की तुलना में बनाए रखना आसान हो, लेकिन इंजेक्शन के लिए नियमित क्लिनिक यात्रा कम व्यावहारिक हो।

साथ ही, साप्ताहिक उपचार कोई सार्वभौमिक समाधान नहीं है। मरीजों की पसंद, सह-रोग, दवा अंतःक्रियाएं और देखभाल तक पहुंच अलग-अलग होती है। कुछ लोग एक ऐसी दैनिक regimen पर बने रहना पसंद कर सकते हैं जो पहले से अच्छा काम कर रही है। दूसरों के लिए लंबे समय तक असर करने वाले injectables अधिक उपयुक्त हो सकते हैं। ISLEND-1 परिणाम का मूल्य यह है कि यह सभी अन्य विकल्पों को बदलने के बजाय एक और विकल्प जोड़ सकता है।

आगे क्या होगा

बताए गए 48-सप्ताह के आंकड़े इतने मजबूत हैं कि साप्ताहिक regimen को हाल के वर्षों में HIV देखभाल के अधिक महत्वपूर्ण मौखिक उपचार विकासों में से एक बनाते हैं। लेकिन एक परीक्षण का परिणाम व्यापक क्लिनिकल उपयोग के बराबर नहीं होता। नियामक, guideline bodies और चिकित्सक स्थायित्व, सुरक्षा, अलग-अलग आबादियों में उपयोग और tightly monitored trial conditions के बाहर regimen के प्रदर्शन की जांच करना चाहेंगे।

फिर भी, मुख्य निष्कर्ष स्पष्ट है: एक सप्ताह में एक बार ली जाने वाली मौखिक HIV therapy ने अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय Phase III अध्ययन में, viral suppression वाले वयस्कों के बीच, दैनिक उपचार के बराबर प्रदर्शन दिखाया है।

मरीजों के लिए, इसका अर्थ अंततः बीमारी की कम याद, कम pill fatigue और एक ऐसी उपचार-सूची हो सकता है जिसे सामान्य जीवन में फिट करना आसान हो। क्षेत्र के लिए, यह इस बात का एक और संकेत है कि HIV देखभाल का भविष्य केवल वायरस को दबाए रखने के बारे में नहीं, बल्कि ऐसा करने के बारे में है जो अधिक लचीला, अधिक मानवीय और दशकों तक अधिक टिकाऊ हो।

मुख्य बिंदु

  • Phase III ISLEND-1 परीक्षण में islatravir और lenacapavir के सप्ताह में एक बार लेने वाले मौखिक संयोजन का अध्ययन किया गया।
  • अध्ययन में 12 देशों के 106 क्लिनिकल साइट्स पर 607 वयस्क शामिल थे।
  • 48 हफ्तों के बाद, साप्ताहिक और दैनिक दोनों उपचार समूहों में 93% से अधिक प्रतिभागियों ने viral suppression बनाए रखी।
  • सप्लाई किए गए स्रोत पाठ के अनुसार, साप्ताहिक regimen लेने वाले किसी भी प्रतिभागी में अध्ययन के दौरान virologic failure नहीं हुआ।
  • यह परिणाम उन लोगों के लिए उपचार विकल्प बढ़ा सकता है जो कम बार ली जाने वाली मौखिक दवा चाहते हैं।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on medicalxpress.com