म्यूनिख में European College of Neuropsychopharmacology Congress में प्रस्तुत मस्तिष्क-इमेजिंग अध्ययन के अनुसार, गहन श्वसन मस्तिष्कीय रक्तप्रवाह और प्रमुख मस्तिष्क नेटवर्कों के संचार में बड़े बदलाव ला सकता है।
अध्ययन में 30 स्वस्थ, अनुभवी प्रतिभागियों ने MRI के दौरान तेज वेंटिलेशन वाली श्वसन पद्धति अपनाई। उन्होंने चेतना में गहरे बदलाव, जीवंत मानसिक चित्र और एकता की अनुभूति की सूचना दी।
श्वसन सत्र के दौरान रक्तप्रवाह घटा
सत्र के दौरान वैश्विक ग्रे-मैटर मस्तिष्कीय रक्तप्रवाह औसतन लगभग 45% घटा—16.24 से 9.81 मिलीलीटर प्रति 100 ग्राम ऊतक प्रति मिनट।
रक्तप्रवाह में यह बदलाव अकेले अनुभव की तीव्रता नहीं समझाता था। अधिक तीव्र परिवर्तित अवस्थाएं default mode network में बड़े बदलावों से जुड़ी थीं।
यह नेटवर्क आत्म-चिंतन और स्वयं से संबंधित विचारों में शामिल है।
बिना दवा के परिवर्तित अवस्था
प्रतिभागियों ने मुख्यतः ब्रह्मांड से गहरे जुड़ाव वाली “महासागरीय अवस्था” बताई। शोधकर्ताओं ने इसकी तुलना LSD या psilocybin की मध्यम से उच्च खुराक के अनुभवों से की, हालांकि यह उनसे अलग रही।
प्रमुख शोधकर्ता Christian Schmitz ने कहा कि गहन श्वसन के प्रभावों की रिपोर्ट लंबे समय से मिलती रही है, लेकिन उनके तंत्र कम समझे गए हैं।
नेटवर्क निष्कर्ष का महत्व
नतीजे बताते हैं कि गहन श्वसन को केवल रक्तसंचार के आधार पर समझना पर्याप्त नहीं होगा। परिवर्तित अवस्था की तीव्रता default mode network के बदलावों से अधिक निकटता से जुड़ी थी।
अध्ययन यह सिद्ध नहीं करता कि श्वसन का प्रभाव या चिकित्सीय उपयोग psychedelic drugs जैसा है। यह आगे के अध्ययन के लिए संकेत देता है।
चिकित्सीय दावे अभी अपरीक्षित
श्वसन अभ्यास कानूनी, सस्ता और गैर-औषधीय है, लेकिन चिकित्सीय लाभ पर निष्कर्ष निकालने से पहले नियंत्रित परीक्षण आवश्यक हैं।
प्रतिभागी स्वस्थ और पहले से अभ्यास के अनुभवी थे। इसलिए परिणाम नए लोगों या स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों पर लागू नहीं किए जा सकते।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com






