B cells कम करने वाली therapies multiple sclerosis के शुरुआती चरणों में काफी कम relapses से जुड़ी थीं। 509 नए निदान किए गए रोगियों के अध्ययन में B-cell-depleting treatment शुरू करने वालों में MS से जुड़े MRI बदलाव भी कम मिले, हालांकि दो वर्षों बाद disability scores में स्पष्ट अंतर नहीं था।
Neurology में प्रकाशित निष्कर्ष MS उपचार के बढ़ते विकल्पों के बीच वास्तविक दुनिया का तुलनात्मक evidence देते हैं। वे यह साबित नहीं करते कि हर रोगी के लिए एक ही शुरुआती therapy सर्वोत्तम है, लेकिन निदान के तुरंत बाद दिखने वाली disease activity में महत्वपूर्ण अंतर की ओर संकेत करते हैं।
चार उपचार दृष्टिकोण और शुरुआती उपचार न लेने वाला समूह
Researchers ने relapsing या progressive multiple sclerosis से नए निदान किए गए लोगों को उनके पहले उपचार के आधार पर समूहों में बांटा। विकल्पों में interferon-beta और glatiramer acetate जैसी injectable therapies; dimethyl fumarate और teriflunomide जैसी oral medicines; fingolimod, cladribine, natalizumab और alemtuzumab जैसी higher-efficacy therapies; तथा rituximab और ocrelizumab जैसी B-cell-depleting therapies शामिल थीं।
शुरुआती उपचार न लेने वाले 90 प्रतिभागियों को भी analysis में शामिल किया गया। अध्ययन समूह की औसत आयु 33 वर्ष थी। बीमारी की शुरुआत के करीब के लोगों पर यह ध्यान महत्वपूर्ण है, क्योंकि शुरुआती उपचार clinical attacks और inflammatory activity दिखाने वाले MRI evidence को प्रभावित कर सकता है।
MS में immune system central nervous system को नुकसान पहुंचाता है। इसका course व्यक्ति-दर-व्यक्ति बदलता है और clinicians symptoms, disease activity, risks, सुविधा और रोगी की परिस्थितियों जैसे कई कारकों पर विचार करते हैं। Authors ने कहा कि समूह शुरुआत से ही महत्वपूर्ण रूप से अलग थे, जिससे संकेत मिलता है कि doctors ने रोगी की विशेषताओं के आधार पर उपचार चुना।
B-cell depletion के साथ कम relapse rates
सबसे स्पष्ट परिणाम relapses से संबंधित था। Study summary के अनुसार, B-cell levels घटाने वाली intravenous drugs लेने वाले रोगियों में शुरुआती MS की आम oral medicines लेने वालों की तुलना में relapse rate 62% कम था। सबसे कम relapse rate B-cell-depleting group में दिखी।
अन्य strong treatments भी कम relapses और कम MRI changes से जुड़ी थीं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि relapses नए या बढ़ते neurological symptoms ला सकते हैं और MRI scans बिना स्पष्ट clinical attack के भी disease activity दिखा सकते हैं।

Analysis में यह भी मिला कि diagnosis के तुरंत बाद B-cell-depleting therapy शुरू करने पर MS से जुड़े brain scarring विकसित होने की संभावना कम थी। MRI changes दैनिक कार्यक्षमता के समान नहीं हैं, लेकिन disease activity का आकलन करते समय clinicians इन्हें symptoms और examinations के साथ महत्वपूर्ण माप के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
Disability परिणाम एक महत्वपूर्ण सीमा दिखाता है
निष्कर्ष किसी एक उपचार को विजेता घोषित नहीं करते। Diagnosis के बाद दो वर्षों में सभी treatment groups में disability लगभग समान मात्रा में बढ़ी। यानी relapse rate और MRI findings के शुरुआती लाभ disability scores में स्पष्ट अंतर में नहीं बदले।
यह अंतर अध्ययन को समझने के लिए केंद्रीय है। कम relapse rate clinically meaningful है और कम MRI changes कम inflammatory activity का संकेत हो सकते हैं। लेकिन अध्ययन यह नहीं दिखाता कि दो वर्षों में B-cell-depleting therapy ने हर दूसरे शुरुआती विकल्प की तुलना में disability में स्पष्ट लाभ दिया।
Karolinska Institutet के senior researcher Fredrik Piehl ने कहा कि उपचारों की बढ़ती संख्या ने first-choice decision को आसान नहीं बनाया है। उनके अनुसार उपचार समूह शुरुआत में अलग थे, फिर भी B-cell-depleting और अन्य strong treatments कम relapses और MRI changes से जुड़े थे।
तुलना उपयोगी क्यों है
पिछले दो दशकों में MS medicines तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन शुरुआती उपचारों के head-to-head comparisons अभी सीमित हैं। Routine clinical care पर आधारित studies treatment selection के प्रभाव को पूरी तरह हटा नहीं सकतीं।
Researchers ने इस चुनौती को स्वीकार किया। समूहों में महत्वपूर्ण अंतर होने के कारण associations को यह प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि treatment assignment ने हर अंतर पैदा किया। फिर भी analysis नए निदान किए गए रोगियों के बड़े समूह से evidence देता है कि clinicians को शुरुआती moderate option और earlier high-efficacy therapy के बीच कैसे निर्णय लेना पड़ता है।
रोगियों और clinicians के लिए निष्कर्ष
- इस early-MS analysis में B-cell-depleting therapies सबसे कम relapse rates से जुड़ी थीं।
- इन therapies से MS से जुड़े MRI changes भी कम थे।
- दो वर्षों में initial treatment groups के disability scores में स्पष्ट अंतर नहीं था।
- उपचार का निर्णय रोगी की विशेषताओं और उपलब्ध विकल्पों के लाभ-जोखिम पर निर्भर रहना चाहिए।
यह अध्ययन diagnosis के बाद high-efficacy treatment पर जल्दी चर्चा का आधार मजबूत करता है, खासकर जब लक्ष्य relapses और MRI activity कम करना हो। यह individualized decision-making का विकल्प नहीं है और disability outcomes के दीर्घकालिक प्रश्नों का उत्तर नहीं देता।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com




