Cedars-Sinai Health Sciences University के अध्ययन में पाया गया कि अमिग्डाला के विशेष न्यूरॉनों की गतिविधि यह अनुमान लगा सकती है कि पहली बार देखी गई तस्वीर बाद में याद रहेगी या नहीं। Nature Neuroscience में प्रकाशित निष्कर्ष अमिग्डाला की भूमिका को भावनात्मक और सामाजिक व्यवहार से आगे बढ़ाते हैं।
अमिग्डाला टेम्पोरल लोब में गहराई स्थित छोटी संरचना है। नई खोज बताती है कि यह सामान्य और नए अनुभवों में से कुछ को दीर्घकालिक भंडारण के लिए चुनने में मदद कर सकती है।
स्थायी अनुभवों का फिल्टर
शोधकर्ताओं के अनुसार अमिग्डाला चल रहे अनुभवों के छोटे हिस्से को चिह्नित करने वाले फिल्टर की तरह काम करती है। चिह्नित अनुभव बाद में दीर्घकालिक स्मृतियों के रूप में उपलब्ध रहते हैं।
अध्ययन के संबंधित लेखक Ueli Rutishauser के अनुसार, तस्वीर पहली बार देखते समय विशेष अमिग्डाला न्यूरॉनों की गतिविधि यह अनुमान लगा सकती थी कि वह तस्वीर बाद में याद रहेगी या नहीं।
यहां अध्ययन की गई स्मृति episodic autobiographical memory है—दैनिक जीवन की घटनाओं से जुड़ी यादें, जैसे कार कहां पार्क की थी या पिछली पारिवारिक छुट्टी कैसे बिताई थी।
श्रेणी-विशिष्ट न्यूरॉन
अध्ययन में चेहरे, जानवरों और दृश्यों जैसी श्रेणियों पर चुनिंदा प्रतिक्रिया देने वाले न्यूरॉन मिले। ये केवल तस्वीर के नया होने पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे; उनकी गतिविधि बाद की स्मृति से जुड़ी थी।
जिस श्रेणी के लिए न्यूरॉन संवेदनशील था, उसकी तस्वीर देखते समय अधिक मजबूत प्रतिक्रिया बाद में बेहतर स्मरण से जुड़ी थी।
इसका अर्थ यह नहीं कि हर तस्वीर संग्रहित होती है या स्मृति केवल अमिग्डाला बनाती है। यह क्षेत्र अनुभवों के सीमित हिस्से को दीर्घकालिक बनाए रखने के लिए चिह्नित करने में मदद करता है।
मनुष्यों में दुर्लभ रिकॉर्डिंग
प्रमाण 112 सर्जिकल मरीजों में एकल-न्यूरॉन गतिविधि की रिकॉर्डिंग से मिले। मिर्गी की निगरानी के लिए उनके मस्तिष्क में इलेक्ट्रोड लगाए गए थे।
प्रतिभागियों को तस्वीरें दिखाई गईं और बाद में उनकी स्मृति जांची गई। इससे पहली बार तस्वीर देखने के समय न्यूरॉन की गतिविधि और बाद के स्मरण की तुलना संभव हुई।
एकल-न्यूरॉन रिकॉर्डिंग ने विशिष्ट अमिग्डाला कोशिकाओं की प्रतिक्रिया को स्मृति प्रदर्शन से जोड़ने का प्रत्यक्ष तरीका दिया।
निष्कर्ष का अर्थ
अमिग्डाला की स्मृति में भूमिका केवल अत्यधिक भावनात्मक घटनाओं तक सीमित नहीं हो सकती। कुछ न्यूरॉन ऐसे नए अनुभवों की पहचान कर सकते हैं जिन्हें सुरक्षित रखना उपयोगी है।
यह स्मृति विकारों को समझने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। Cedars-Sinai ने अमिग्डाला को संभावित उपचार लक्ष्य बताया, लेकिन अध्ययन ने केवल संबंध दिखाया है, उपचार नहीं।
आगे के शोध से यह पता लगाना होगा कि ये संकेत अन्य स्मृति प्रणालियों से कैसे जुड़ते हैं और क्या इन्हें सुरक्षित रूप से चिकित्सकीय उपयोग में लाया जा सकता है।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com



