एक ऐसी नीति जिसे कई लोग अवास्तविक मानते थे, अब नतीजे दिखाने लगी है
आंतरिक दहन इंजन वाले वाहनों के आयात पर इथियोपिया की ओर से लगाए गए प्रतिबंध के दो साल बाद, देश यह दिखाने लगा है कि आक्रामक नीति किस तरह ऑटो बाजार को नया रूप दे सकती है। दिए गए स्रोत पाठ के अनुसार, इथियोपिया ने 2025 में चीन से 44,358 इलेक्ट्रिक वाहन आयात किए, जो 2024 में आयात किए गए 19,386 से दोगुने से भी अधिक हैं।
किसी भी बाजार में यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे देश में यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है जहां बिजली आपूर्ति अभी भी असमान है और राजधानी अदीस अबाबा सहित बिजली कटौती आम है। स्रोत पाठ इस विरोधाभास को सीधे बताता है। इथियोपिया के पास मजबूत, पूरी तरह काम करने वाला ग्रिड नहीं है, फिर भी उपभोक्ता EV की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि विकल्प भी गंभीर रूप से सीमित है।
तत्काल दबाव का बिंदु ईंधन है। स्रोत पाठ के अनुसार, इथियोपिया हर साल ईंधन आयात पर लगभग 4.2 अरब डॉलर खर्च करता है, जिससे दुर्लभ विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। यही व्यापक आर्थिक बोझ सरकार के आंतरिक दहन इंजन वाले आयातों के खिलाफ इतने सख्त रुख का एक मुख्य कारण प्रतीत होता है।
ग्रिड की कमजोरी के बावजूद EV क्यों लोकप्रिय हो रहे हैं
पहली नज़र में, अविश्वसनीय बिजली EV अपनाने में बड़ी बाधा लग सकती है। व्यवहार में, इथियोपिया की पुरानी ईंधन कमी ने एक अलग लागत-लाभ गणना पैदा की है। दिए गए स्रोत पाठ में अदीस अबाबा के एक ड्राइवर का हवाला दिया गया है, जिसने कहा कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, जल्दी पहुंचने पर भी, दो से तीन घंटे तक चल सकती थीं, और स्टेशन अक्सर लाइन में खड़े सभी लोगों के लिए ईंधन खत्म कर देते थे।
यह उदाहरण समझाता है कि आदर्श चार्जिंग स्थितियां न होने के बावजूद EV अपनाना क्यों आगे बढ़ रहा है। कई चालकों के लिए तुलना एक सहज पेट्रोल अनुभव और एक सहज इलेक्ट्रिक अनुभव के बीच नहीं है। यह दो सीमित प्रणालियों के बीच है, जिनमें से एक समय बचा सकती है, अनिश्चितता घटा सकती है, और आयातित ईंधन लागत के संपर्क को कम कर सकती है।
आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव अब मामूली नहीं रहा। स्रोत पाठ के अनुसार, इथियोपिया की सड़कों पर अब 115,000 से अधिक EV हैं, जो देश की कुल कारों का लगभग 8% हैं। चीन इस वृद्धि का बड़ा हिस्सा उपलब्ध करा रहा है। 2025 में, इथियोपिया ने कथित तौर पर चीन से अफ्रीका के EV आयात का लगभग एक-तिहाई हिस्सा लिया, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, मोरक्को और नाइजीरिया से आगे।
ध्यान से देखने लायक एक अफ्रीकी बाजार
इथियोपिया का महत्व उसके अपने वाहन बाजार से भी आगे जाता है। अफ्रीका के कई हिस्से एक समान संरचनात्मक तनाव का सामना करते हैं: आयातित ईंधन पर निर्भरता, सीमित रिफाइनिंग क्षमता, और असमान ग्रिड अवसंरचना। इससे परिवहन विद्युतीकरण के लिए कठिन वातावरण बनता है, लेकिन साथ ही इसके लिए एक संभावित मजबूत नीतिगत तर्क भी बनता है।
इथियोपियाई उदाहरण बताता है कि कमजोर ग्रिड अपने-आप EV अपनाने को नहीं रोकता, यदि ईंधन असुरक्षा पर्याप्त गंभीर हो और सरकार निर्णायक रूप से हस्तक्षेप करने को तैयार हो। यह यह भी दर्शाता है कि जब पारंपरिक ईंधन भरवाने की रोज़मर्रा की परेशानी तीव्र हो जाती है, तो उपभोक्ता अपेक्षा से पहले EV अपनाने लगते हैं।
फिर भी, यह एक सरल सफलता कथा नहीं है। कोई देश विश्वसनीय चार्जिंग नेटवर्क, ग्रिड क्षमता, रखरखाव पारिस्थितिकी तंत्र, या किफायती वित्तपोषण बनाने से तेज़ी से हजारों EV आयात कर सकता है। स्रोत पाठ स्वयं बिजली आपूर्ति की अस्थिरता पर ज़ोर देता है। इसका मतलब है कि इथियोपिया का अगला चरण शायद वाहन आयात की सुर्खियों से कम और इस बात से अधिक जुड़ा होगा कि सहायक अवसंरचना कितनी तेजी से साथ चल पाती है।
ताज़ा आंकड़े वास्तव में क्या दिखाते हैं
- इथियोपिया ने 2025 में चीन से 44,358 EV आयात किए, जो 2024 के 19,386 से अधिक थे।
- 2025 की खेपों का मूल्य 200 मिलियन डॉलर से अधिक था।
- अब इथियोपिया की सड़कों पर 115,000 से अधिक EV हैं।
- EV देश के कुल कार बेड़े का लगभग 8% हैं।
- इथियोपिया ईंधन आयात पर सालाना लगभग 4.2 अरब डॉलर खर्च करता है।
ये आंकड़े दीर्घकालिक सफलता की गारंटी नहीं देते, लेकिन वे दिखाते हैं कि इथियोपिया की परिवहन नीति अब प्रतीकवाद से आगे निकल चुकी है। बाजार मापनीय रूप से बदल गया है। वाहन प्रवाह बदल गए हैं। उपभोक्ता अनुकूलित हो रहे हैं। और एक ऐसा देश जिसे कई पर्यवेक्षकों ने बड़े पैमाने पर EV अपनाने के लिए विद्युत आधार के बिना माना था, अब महाद्वीप में रफ्तार तय कर रहा है।
व्यापक स्वच्छ-ऊर्जा क्षेत्र के लिए, इथियोपिया एक सामान्य EV बिक्री प्रवृत्ति से अधिक महत्वपूर्ण कहानी बन रहा है। यह एक जीवंत परीक्षण है कि क्या ऊर्जा सुरक्षा, विदेशी मुद्रा दबाव, और औद्योगिक नीति बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार होने से पहले भी विद्युतीकरण को तेज कर सकती है। यदि यह प्रयोग जारी रहता है, तो अन्य आयात-निर्भर बाजार इसे ध्यान से अध्ययन कर सकते हैं।
यह लेख CleanTechnica की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on cleantechnica.com



