प्रजनन चिकित्सा का एक चौंकाने वाला दावा, बिना पीयर रिव्यू के

यूटा-आधारित स्टार्टअप Paterna Biosciences का कहना है कि उसने सफलतापूर्वक लैब में कार्यशील मानव शुक्राणु उगाए और उन्हीं शुक्राणुओं का उपयोग करके दिखने में स्वस्थ भ्रूण बनाए। यदि यह पुष्टि हो जाती है, तो यह प्रगति शरीर के बाहर मानव शुक्राणु बनाने के लंबे प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम होगी और कुछ प्रकार की पुरुष बांझपन के लिए भविष्य में एक नया रास्ता खोल सकती है।

यह दावा बड़ा है, लेकिन इसके साथ सतर्कता भी उतनी ही बड़ी है। उपलब्ध स्रोत पाठ के अनुसार, निष्कर्ष अभी किसी पीयर-रिव्यू जर्नल में प्रकाशित नहीं हुए हैं और न ही स्वतंत्र रूप से सत्यापित हुए हैं। इसका मतलब है कि यह विकास एक असामान्य स्थिति में है: संभावित रूप से महत्वपूर्ण, तकनीकी रूप से महत्वाकांक्षी, और फिर भी उस बाहरी पुष्टि की प्रतीक्षा में जो यह तय करेगी कि क्षेत्र को इसे कितनी गंभीरता से लेना चाहिए।

कंपनी का दावा क्या है

Paterna का कहना है कि उसने वृषण ऊतक से sperm-making stem cells अलग किए और फिर उन कोशिकाओं को परिपक्व शुक्राणु बनने के लिए निर्देशित किया। कंपनी के CEO और सह-संस्थापक Alexander Pastuszak ने WIRED को बताया कि टीम ने वे निर्देश समझ लिए जिनसे उन stem cells को परिपक्व, सामान्य शुक्राणु बनना सिखाया जा सके।

व्यापक वैज्ञानिक लक्ष्य को in vitro spermatogenesis कहा जाता है। शोधकर्ता दशकों से इसका पीछा कर रहे हैं, क्योंकि यह प्रजनन जीवविज्ञान की सबसे कठिन समस्याओं में से एक को लक्ष्य करता है: शरीर के बाहर उस प्रक्रिया को दोहराना, जो सामान्यतः एक नियंत्रित जैविक वातावरण में दो महीने से थोड़ा अधिक समय में पूरी होती है। इस प्रक्रिया के दौरान sperm-forming cells meiosis से गुजरते हैं, 23 chromosomes तक घटते हैं, और गति तथा निषेचन के लिए आवश्यक संरचना विकसित करते हैं।

यह काम इतना कठिन क्यों रहा है

स्रोत समझाता है कि कई शोधकर्ताओं को मनुष्यों में यह काम करने में क्यों कठिनाई हुई है। शुक्राणु उत्पादन एक ही परिवर्तन नहीं, बल्कि बहु-चरणीय विकासात्मक क्रम है, जिसके हर चरण पर सख्त नियंत्रण होता है। कोशिकाओं को सही समय पर सही आणविक संकेत मिलने चाहिए, और वृषण का वातावरण इतना विशेषीकृत है कि उसे लैब डिश में हूबहू नकल करना कठिन है।

पिछले प्रयास चुनौती का पैमाना दिखाते हैं। 2011 में एक जापानी टीम ने लैब में व्यवहार्य mouse sperm बनाए, लेकिन चूहों में सफलता मनुष्यों तक आसानी से नहीं पहुँची। फ्रांस की Kallistem नामक कंपनी ने 2015 में प्रगति का दावा किया, लेकिन कुछ बाहरी शोधकर्ताओं ने सवाल उठाया कि क्या उसके शुक्राणु पूरी तरह विकसित हुए थे, और कंपनी यह नहीं दिखा सकी कि कोशिकाएँ अंडों को निषेचित कर सकती थीं।

Paterna का तरीका

Paterna का कहना है कि उसने शुरू में देखा कि क्या पूरे testicular tubules को culture करके शुक्राणु निकाले जा सकते हैं, लेकिन अंततः उसने माना कि यह सबसे अच्छा मार्ग नहीं है। इसके बजाय कंपनी ने sperm-forming stem cells को सीधे डिश में पोषित करने और उन्हें विकास क्रम से आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।

स्रोत पाठ के अनुसार, टीम ने संगणकीय जीवविज्ञान का उपयोग करके शुक्राणु विकास के हर चरण में महत्वपूर्ण आणविक संकेतों की भविष्यवाणी की। फिर उसने उन चरणों को प्रेरित करने के लिए अणुओं के संयोजन का परीक्षण किया। यह विवरण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि कंपनी केवल एक साधारण culture success का दावा नहीं कर रही; वह कोशिकीय परिपक्वता के लिए एक उपयोगी निर्देश कार्यक्रम मैप करने का दावा कर रही है।

भ्रूण का दावा सबसे महत्वपूर्ण क्यों है

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण भाग केवल sperm-like cells का बनना नहीं है, बल्कि यह है कि Paterna का कहना है कि उसने उनसे ऐसे भ्रूण बनाए जो दिखने में स्वस्थ लगे। प्रजनन जीवविज्ञान में, यह केवल morphology से कहीं मजबूत दावा है। इसका अर्थ है कि कोशिकाएँ निषेचन में भाग लेने के लिए पर्याप्त कार्यात्मक थीं।

फिर भी, दिखावट लंबी अवधि की viability, आनुवंशिक सामान्यता या चिकित्सीय उपयोगिता के बराबर नहीं है। उपलब्ध स्रोत यह नहीं कहता कि भ्रूणों को प्रत्यारोपित किया गया, वे आगे विकसित हुए, या उनकी स्वतंत्र जांच हुई। ये अनुपस्थित विवरण दावे को नकारते नहीं, लेकिन आज क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है, इसे काफ़ी सीमित कर देते हैं।

बांझपन उपचार पर संभावित असर

अगर यह काम सही साबित होता है, तो चिकित्सकीय प्रभाव काफी बड़े हो सकते हैं। स्रोत के अनुसार, यह तकनीक अंततः कुछ प्रकार की पुरुष बांझपन वाले लोगों को जैविक बच्चे होने में मदद कर सकती है। यह एक महत्वपूर्ण संभावना है, क्योंकि कुछ रोगी मौजूदा तरीकों से उपयोगी शुक्राणु उत्पन्न नहीं कर पाते। stem cells से परिपक्व शुक्राणु तक का लैब-आधारित मार्ग, सिद्धांततः, उपचार के दायरे को बढ़ा सकता है।

लेकिन कोई भी चिकित्सकीय भविष्य अभी दूर है। इसे उपचार बनने से पहले कठोर सत्यापन, पुनरुत्पादन, सुरक्षा मूल्यांकन और नैतिक समीक्षा की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञ यह भी चाहेंगे कि लैब में बने शुक्राणु chromosome handling, function, और विकासात्मक परिणामों के मामले में सचमुच सामान्य हैं, इसके ठोस सबूत हों।

क्षेत्र बदलने वाला नतीजा या एक और जल्दबाज़ी वाला दावा

प्रजनन चिकित्सा समुदाय ने इस क्षेत्र में पहले भी महत्वाकांक्षी घोषणाएँ देखी हैं, और वही इतिहास शायद Paterna के बयान के प्रति संदेह को समझाता है। कंपनी ने एक ऐसे परिणाम का दावा किया है जिसका वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व बहुत बड़ा है। साथ ही उसने यह दावा peer-reviewed publication से पहले किया है, जिससे कड़ी जाँच तय है।

अभी के लिए इस कहानी को पक्का breakthrough नहीं, बल्कि एक गंभीर दावा समझना बेहतर है। Paterna ने sperm-making stem cells से परिपक्व शुक्राणु और फिर भ्रूण निर्माण तक का मार्ग बताया है। यदि स्वतंत्र शोधकर्ता इस श्रृंखला की पुष्टि करते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। तब तक, यह रिपोर्ट संभावना और प्रमाण के बीच की जगह में खड़ी है: ध्यान खींचने के लिए पर्याप्त आशाजनक, लेकिन बहस बंद करने के लिए अभी पर्याप्त मज़बूत नहीं।

यह लेख Wired की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on wired.com