ब्रेन ऑर्गेनॉइड्स ने ब्रेल अक्षरों के विद्युत पैटर्न संसाधित किए

शोधकर्ताओं ने दिखाया कि मानव ब्रेन ऑर्गेनॉइड ब्रेल अक्षरों से बने विद्युत उत्तेजना पैटर्न का वर्गीकरण कर सकते हैं। इस प्रयोग में stem cells से बने जीवित neural tissue और ब्रेल सूचना को विद्युत संकेतों में बदलने वाले tactile sensor का उपयोग किया गया।

Frontiers in Artificial Intelligence में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, लगभग 10,000 neurons वाले एक ऑर्गेनॉइड ने ब्रेल अक्षरों को लगभग 61% सटीकता से वर्गीकृत किया। तीन ऑर्गेनॉइड के समूहों ने 83% सटीकता हासिल की। यह मानवों की तरह ब्रेल पढ़ना साबित करने का प्रयोग नहीं था।

सेंसर ने ब्रेल वर्णमाला के 26 अक्षरों के नमूने स्कैन किए, उन्हें विद्युत पैटर्न में बदला और ऑर्गेनॉइड्स तक पहुंचाया। फिर प्रतिक्रियाओं को अक्षर श्रेणियों में decode किया गया।

जैविक “wetware” की जांच

यह कार्य organoid intelligence के उभरते क्षेत्र का हिस्सा है। ब्रेन ऑर्गेनॉइड stem cells से बने neural tissue के छोटे समूह हैं। इस प्रयोग में वे एक मिलीमीटर से छोटे थे और विद्युत उत्तेजना व मापन की arrays पर जीवित रखे गए।

परियोजना का नेतृत्व Bristol University की PhD candidate Tianyi Liu ने किया। परिणाम यह नहीं दिखाते कि ऑर्गेनॉइड भाषा समझते हैं, स्पर्श अनुभव करते हैं या मानव जैसी बुद्धिमत्ता रखते हैं। वे केवल यह दिखाते हैं कि निर्धारित विद्युत inputs पर प्रतिक्रियाओं का classification किया जा सकता है।

मानव मस्तिष्क ऊतक से बने कंप्यूटरों ने ब्रेल अक्षरों की पहचान की
न्यूरल ऑर्गेनॉइड का cross-section। चित्र: NASA Johnson Space Center

ब्रेल को क्यों चुना गया

ब्रेल उभरे हुए बिंदुओं की व्यवस्था से बनता है, इसलिए tactile sensor उसे स्कैन कर डिजिटल रूप में बदल सकता है। शोधकर्ताओं ने इन data को ऑर्गेनॉइड्स के लिए विद्युत stimulation patterns में बदला।

इससे 26 अलग-अलग tactile patterns मिले और sensing, stimulation तथा classification के संबंध पर ध्यान केंद्रित रहा। लक्ष्य मानव जैसा ब्रेल-पठन सिद्ध करना नहीं था।

यह दृष्टिकोण machine sensor और जीवित neural tissue को जोड़ता है। sensor data stimulation patterns बनते हैं और tissue की विद्युत प्रतिक्रियाएं classification के लिए analyzed signals बनती हैं।

एक ऑर्गेनॉइड बनाम समूह

एक ऑर्गेनॉइड ने लगभग 61% और तीन ऑर्गेनॉइड के समूहों ने 83% accuracy हासिल की। यह समूह के साथ reported performance में सुधार दिखाता है, हालांकि decoding method की सभी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

परिणाम organoid systems की configuration, connection और evaluation पर आगे के प्रश्न उठाता है। अध्ययन ने classification दिखाया; learning और adaptation पर निर्णायक उत्तर नहीं दिया।

ब्रेल अक्षरों को स्कैन करने वाला tactile sensor। चित्र: Dr Benjamin Ward-Cherrier.
ब्रेल अक्षरों को स्कैन करने वाला tactile sensor। चित्र: Dr Benjamin Ward-Cherrier.

विकसित होते शोध क्षेत्र का हिस्सा

रिपोर्ट के अनुसार, पहले के अध्ययनों में ऑर्गेनॉइड्स ने जापानी भाषण के स्वरों को पहचाना या Pong खेला था। ब्रेल प्रयोग ने इस काम को tactile sensing तक बढ़ाया।

यह प्रयोग sensor, electrical stimulation और neural responses की एक श्रृंखला दिखाता है। इसे तैयार computer architecture मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह जीवित neural tissue को robotic tactile data और letter classification से जोड़ने का प्रमाण देता है।

परिणाम क्या दिखाता है और क्या नहीं

प्रयोग की व्यवस्था में मानव brain organoids ब्रेल अक्षरों से बने विद्युत पैटर्न वर्गीकृत कर सके। एक ऑर्गेनॉइड ने लगभग 61% और तीन के समूहों ने 83% accuracy हासिल की।

यह नहीं दिखाता कि tissue मनुष्य की तरह ब्रेल पढ़ता या समझता है। ऑर्गेनॉइड्स के learning या adaptation का प्रश्न भी खुला है।

फिर भी यह एक उल्लेखनीय proof of concept है, जिसमें tactile sensor, conversion step और जीवित neural tissue को सूचना-प्रसंस्करण प्रणाली में जोड़ा गया।

यह लेख 404 Media की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on 404media.co