एक असंतुलित आंतरिक संरचना अभी भी मंगल को आकार दे सकती है
मंगल पृथ्वी की तुलना में ठंडा, शुष्क और भूगर्भीय रूप से अधिक शांत है, लेकिन नया शोध संकेत देता है कि ग्रह का आंतरिक भाग वैज्ञानिकों की पुरानी धारणा से कहीं कम समान हो सकता है। Nature में प्रस्तुत निष्कर्षों पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने निष्कर्ष निकाला है कि मंगल के दक्षिणी गोलार्ध का आंतरिक भाग उत्तरी गोलार्ध की तुलना में लगभग 200 से 400 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो सकता है।
यदि यह परिणाम सही साबित होता है, तो यह लाल ग्रह के बारे में शोधकर्ताओं की सोच में एक बड़े बदलाव को और स्पष्ट करेगा। समय के साथ समान रूप से ठंडा होने वाली एक लगभग सममित दुनिया की तरह व्यवहार करने के बजाय, मंगल शायद अब भी अपनी गहरी संरचना और लंबी भूवैज्ञानिक इतिहास से जुड़ा एक मजबूत आंतरिक असंतुलन बनाए हुए है। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि आंतरिक ऊष्मा यह तय करने में मदद करती है कि कोई ग्रह कैसे विकसित होता है, भूकंपीय ऊर्जा कैसे यात्रा करती है, और ज्वालामुखीय तथा अन्य आंतरिक प्रक्रियाएं कितने समय तक चल सकती हैं।
ठंडे ग्रह पर आंतरिक ऊष्मा क्यों मायने रखती है
आधुनिक मंगल शुरुआती मंगल की तुलना में निष्क्रिय दिखाई देता है, लेकिन उसका अतीत कहीं अधिक गतिशील था। Universe Today एक ऐसे संसार का वर्णन करता है जिसका आंतरिक भाग कभी अधिक गर्म था, सक्रिय ज्वालामुखी थे, एक चुंबकीय क्षेत्र था, और सतह पर बहता हुआ तरल पानी मौजूद था। समय के साथ मंगल पृथ्वी की तुलना में तेजी से ठंडा हुआ, जिसका कारण अक्सर उसके छोटे आकार से जोड़ा जाता है। आंतरिक भाग ने गर्मी खोई, ज्वालामुखीय गतिविधि कम हुई, चुंबकीय क्षेत्र काफी हद तक खो गया, और सतही पानी लुप्त हो गया।
वह लंबी गिरावट पहले से ही ग्रह विज्ञान का एक केंद्रीय विषय है। नया निष्कर्ष इसमें एक और परत जोड़ता है: ठंडा होने की प्रक्रिया ग्रह के अंदर हर जगह एक जैसी नहीं हुई होगी। गोलार्धों के बीच 200 से 400 डिग्री सेल्सियस का अंतर कोई मामूली बात नहीं है। यह संकेत देता है कि मंगल का आंतरिक इंजन स्थान के हिसाब से असमान हो सकता है, जिसका असर क्रस्ट, मैंटल और गहरी संरचनाओं के आपसी संबंधों पर पड़ सकता है।
भले ही सतह वैश्विक रूप से उजाड़ दिखे, ग्रह की आंतरिक स्थिति अब भी शोधकर्ताओं को उसके अतीत का पुनर्निर्माण करने और भविष्य का मॉडल बनाने में मदद करती है। ऊष्मा का वितरण मैंटल के व्यवहार, marsquakes से आने वाली तरंगों के प्रसार, और दशकों के मिशनों से जुटाए गए गुरुत्व तथा स्थलाकृति डेटा की व्याख्या को प्रभावित करता है।
शोधकर्ताओं ने मामला कैसे बनाया
टीम ने तीन NASA ऑर्बिटरों के अभिलेखीय मापों का उपयोग किया: Mars Global Surveyor, Mars Odyssey, और Mars Reconnaissance Orbiter। Mars Global Surveyor ने 2006 में अपना मिशन समाप्त किया, जबकि Odyssey और Mars Reconnaissance Orbiter अभी भी सक्रिय हैं। कक्षीय डेटा को मंगल की विकेन्द्रित कक्षा और ग्रहीय झुकाव के लंबे समय से स्थापित ज्ञान के साथ जोड़कर शोधकर्ताओं ने ग्रह के आंतरिक भाग का एक नया गुरुत्वीय मॉडल तैयार किया।
रिपोर्ट में जिस पद्धति पर जोर दिया गया है, वह tidal tomography है। व्यापक अर्थ में, यह तरीका अंतरिक्ष यान की गति में समय के साथ आने वाले सूक्ष्म बदलावों सहित छोटे परिवर्तनों का उपयोग करके यह अनुमान लगाता है कि मंगल आंतरिक रूप से गुरुत्वीय बलों पर कैसे प्रतिक्रिया करता है। इन प्रतिक्रियाओं का उपयोग बाद में ग्रह की गहरी संरचना की विशेषताओं का आकलन करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें यह भी शामिल है कि सतह के नीचे ऊष्मा कैसे वितरित हो सकती है।
इस तरह का काम उपयोगी है, क्योंकि किसी ग्रह के गहरे आंतरिक भाग तक सीधी पहुंच संभव नहीं है। इसलिए वैज्ञानिक भूकंपीय व्यवहार, गुरुत्वीय क्षेत्रों, कक्षीय यांत्रिकी, और सतही भूविज्ञान से परोक्ष चित्र बनाते हैं। यहां, कई अंतरिक्ष यानों के डेटा सेट और ग्रहों के मानकों के संयोजन ने टीम को यह जांचने का तरीका दिया कि मंगल लगभग गोलाकार, आंतरिक रूप से संतुलित पिंड की तरह व्यवहार करता है या अधिक असममित तरीके से।
दक्षिण उत्तर से अधिक गर्म दिखता है
शोधकर्ताओं का निष्कर्ष उल्लेखनीय है: दक्षिणी गोलार्ध का आंतरिक भाग उत्तरी गोलार्ध के आंतरिक भाग की तुलना में लगभग 200 से 400 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो सकता है। Universe Today बताता है कि यह परिणाम NASA के InSight लैंडर के पहले के संकेतों से मेल खाता है, जिसमें पाया गया था कि दक्षिणी गोलार्ध से गुजरने वाली भूकंपीय तरंगें उत्तर से गुजरने वाली तरंगों की तुलना में अधिक तेज़ी से क्षीण होती हैं।
यह संबंध महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अलग-अलग साक्ष्य-रेखाओं को जोड़ता है। कक्षीय गुरुत्व-आधारित अनुमान और प्रत्यक्ष भूकंपीय अवलोकन अलग उपकरण हैं, लेकिन दोनों ही एक अधिक गर्म, अधिक अपघटनीय दक्षिणी आंतरिक भाग की ओर संकेत करते दिखते हैं। जब स्वतंत्र तरीके एक साथ आने लगते हैं, तो उभरती हुई ग्रहीय तस्वीर में भरोसा बढ़ता है।
यह निष्कर्ष ग्रहीय मॉडलिंग में प्रचलित एक सरलीकृत धारणा पर भी प्रहार करता है: कि चट्टानी पिंडों के आंतरिक भाग आम तौर पर गोलाकार समरूपता के करीब होते हैं। मंगल शायद अपेक्षा से अधिक गोलार्धीय अंतर बनाए हुए है, संभवतः प्राचीन प्रक्रियाओं का प्रतिबिंब जो कभी पूरी तरह बराबर नहीं हो सकीं। भले ही मूल Nature अध्ययन में तकनीकी विस्तार हों, सिर्फ रिपोर्ट किया गया यह परिणाम ही मंगल को ऐसे ग्रह के रूप में फिर से देखने के लिए काफी है जिसका आंतरिक भाग अब भी अर्थपूर्ण रूप से असंतुलित है।
इस असंतुलन की क्या वजह हो सकती है
दिए गए रिपोर्ट में कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन यह संदर्भ दिया गया है कि ऐसी असमानता क्यों संभव है। मंगल पृथ्वी से कक्षीय विकेन्द्रता और अक्षीय झुकाव, दोनों में भिन्न है, और शोधकर्ताओं ने अपने मॉडल में इन कारकों को अंतरिक्ष यान डेटा के साथ स्पष्ट रूप से जोड़ा। अधिक व्यापक रूप से, मंगल उत्तर-दक्षिण भूवैज्ञानिक विभाजन के लिए प्रसिद्ध है, जहां भारी गड्ढों वाले दक्षिणी उच्चभूमि और निचले उत्तरी मैदानों के बीच बड़े अंतर हैं।
इसलिए, आंतरिक तापमान का यह अंतर गोलार्धीय विभाजन की एक बड़ी कहानी में फिट हो सकता है, जो सतही भूविज्ञान से लेकर मैंटल या उससे भी गहरी परतों तक फैली है। यह गर्मी-असंतुलन प्राचीन निर्माण स्थितियों, बाद के आंतरिक विकास, या स्थायी संरचनात्मक अंतरों को दर्शाता है या नहीं, यह आगे के काम का विषय है। रिपोर्ट किए गए निष्कर्षों से जो स्पष्ट है, वह यह कि मंगल को समान रूप से ठंडा होने वाला गोला मानने पर महत्वपूर्ण भौतिकी छूट सकती है।
भविष्य के मंगल विज्ञान के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
दक्षिणी आंतरिक भाग के अधिक गर्म होने का व्यावहारिक प्रभाव यह है कि वैज्ञानिकों को मंगल के तापीय इतिहास, भूकंपीय व्यवहार, और आंतरिक गतिशीलता के मॉडल संशोधित करने पड़ सकते हैं। जो मिशन marsquakes, क्रस्टीय संरचना, या ज्वालामुखीय इतिहास का अध्ययन करते हैं, उन्हें यदि गोलार्धीय तापमान अंतर वास्तविक और बड़े हैं, तो डेटा की व्याख्या के लिए अधिक स्पष्ट ढांचा मिल सकता है।
यह इस बात को भी प्रभावित कर सकता है कि शोधकर्ता प्रारंभिक मंगल पर ज्वालामुखीय गतिविधि और चुंबकीय सुरक्षा की विरासत के बारे में कैसे सोचते हैं। असमान आंतरिक ऊष्मा वाला ग्रह क्षेत्रों के अनुसार और समय के साथ अलग-अलग तरह से गतिविधि बनाए रख सकता था। इसका मतलब यह नहीं है कि दिए गए रिपोर्ट के आधार पर आज दक्षिण सक्रिय ज्वालामुखीय है, लेकिन इसका मतलब यह है कि मंगल का आंतरिक इतिहास एक साधारण वैश्विक-शीतलन कथा से कहीं अधिक क्षेत्रीय रूप से जटिल हो सकता है।
ग्रह विज्ञान के लिए व्यापक सबक परिचित है: पुराने मिशन डेटा से भी नए तरीकों से जोड़ने पर नई खोजें निकल सकती हैं। Mars Global Surveyor, Mars Odyssey, Mars Reconnaissance Orbiter, और InSight अलग-अलग युगों में अलग वैज्ञानिक भूमिकाओं के लिए बनाए गए थे, लेकिन मिलकर वे ग्रह की अधिक गहरी तस्वीर सामने लाने में मदद कर रहे हैं। लंबे समय से अध्ययन किए गए, लेकिन अभी भी आंशिक रूप से समझे गए संसार में, यह याद दिलाता है कि बड़े निष्कर्षों के लिए हमेशा नई-नवेली मिशन की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी वे पहले से मौजूद डेटा से बेहतर सवाल पूछने पर मिलते हैं।
यह लेख Universe Today की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on universetoday.com






