बदलाव के बीच की एक आकाशगंगा
NASA के Hubble Space Telescope ने अपना ध्यान NGC 1266 पर केंद्रित किया है, जो Eridanus तारामंडल में लगभग 100 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक लेंटिकुलर आकाशगंगा है। नई सामने आई छवि अपने आप में बेहद आकर्षक है, जिसमें एक चमकीला केंद्रीय क्षेत्र, धूल की विशेषताएँ, और एक सर्पिल अतीत के हल्के संरचनात्मक संकेत दिखते हैं। लेकिन वैज्ञानिक रुचि इस बात में है कि यह वस्तु क्या दर्शाती है: एक संक्रमणशील आकाशगंगा।
सप्लाई किए गए NASA पाठ के अनुसार, NGC 1266 ऐसा दिखता है मानो उसमें सर्पिल भुजाएँ होनी चाहिए थीं, लेकिन कोई भी साफ़ तौर पर दिखाई नहीं देती। यह अस्पष्टता उसके वर्गीकरण से मेल खाती है। लेंटिकुलर आकाशगंगाएँ सर्पिल और अंडाकार आकाशगंगाओं के बीच एक सेतु-जनसंख्या मानी जाती हैं। इनमें एक चमकीला उभार और चपटा डिस्क रहता है, लेकिन इनमें बहुत कम या कोई भी चल रही तारागठन प्रक्रिया नहीं दिखती।
NGC 1266 असामान्य क्यों है
इसका लेंटिकुलर रूप कहानी का केवल एक हिस्सा है। NASA NGC 1266 को एक दुर्लभ post-starburst आकाशगंगा बताता है, जिसका अर्थ है कि कभी इसने तारे बनने की एक बड़ी लहर देखी थी, लेकिन अब इसमें कुछ ही तारा-निर्माण क्षेत्र हैं, जबकि इसमें अभी भी तुलनात्मक रूप से युवा तारकीय जनसंख्या मौजूद है। सप्लाई किए गए पाठ के अनुसार, स्थानीय आकाशगंगा जनसंख्या का केवल लगभग एक प्रतिशत ही इस श्रेणी में आता है।
यही दुर्लभता NGC 1266 को उन खगोलविदों के लिए खास बनाती है जो समझना चाहते हैं कि आकाशगंगाएँ तारागठन को कैसे बंद करती हैं। Post-starburst प्रणालियाँ बदलाव के साक्ष्य को संरक्षित रखती हैं। वे पूरी तरह सक्रिय भी नहीं होतीं और पूरी तरह स्थिर भी नहीं, जिससे शोधकर्ताओं को उन तंत्रों का अध्ययन करने का मौका मिलता है जो एक आकाशगंगा को एक विकासात्मक अवस्था से दूसरी की ओर धकेलते हैं।
संभवतः एक विलय ने इस बदलाव को जन्म दिया
सप्लाई किए गए NASA लेख के अनुसार, खगोलविदों का मानना है कि लगभग 500 मिलियन वर्ष पहले NGC 1266 का एक छोटा विलय हुआ था। उस संपर्क ने संभवतः नई तारारचना शुरू की और आकाशगंगा के केंद्रीय उभार का द्रव्यमान बढ़ाया। दूसरे शब्दों में, आकाशगंगा की आज की बीच की स्थिति शायद एक छोटे ब्रह्मांडीय टकराव का लंबा परिणाम है।
इस तरह की स्थिति आकाशगंगा-विकास शोध की व्यापक तस्वीर से मेल खाती है। विलय केवल तारों और गैस को दोबारा व्यवस्थित नहीं करते। वे आंतरिक गतिशीलता को भी बदल सकते हैं, पदार्थ को भीतर की ओर भेज सकते हैं, उभार को बड़ा कर सकते हैं, और यह तय कर सकते हैं कि भविष्य में तारागठन के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल रहेंगी या नहीं। आज कोई आकाशगंगा शांत दिखे, तो इसका कारण यह हो सकता है कि किसी पुराने व्यवधान ने उसकी दीर्घकालिक दिशा बदल दी हो।
छवि क्या दिखाती है
NASA के विवरण में लाल-भूरे रंग के गुच्छों और धूल की रेखाओं का ज़िक्र है जो आकाशगंगा के कुछ हिस्सों को ढक रही हैं, जबकि दूर की आकाशगंगाएँ बाहरी धुंधले क्षेत्रों के पार चमक रही हैं। यह स्तरित दृश्य इस भावना को और मजबूत करता है कि NGC 1266 भौतिक रूप से जटिल भी है और अवलोकन की दृष्टि से भी बहुत कुछ बताने वाली है। धूल और केंद्रीय चमक एक ऐसे तंत्र की ओर संकेत करते हैं जिसका आंतरिक इतिहास समृद्ध है, न कि कोई सरल, पूरी तरह बैठा हुआ पिंड।
ऐसी छवियाँ इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि वे केवल खगोलीय वर्गीकरण को चित्रित नहीं करतीं। वे आकृति, बनावट और असमानता को ऐसे तरीके से दिखाती हैं जो विकासवादी सिद्धांत को देखी जा सकने वाली संरचना से जोड़ते हैं। NGC 1266 के मामले में, छवि इस विचार का समर्थन करती है कि आकाशगंगाओं में संक्रमण अवस्थाएँ साफ़-सुथरी नहीं होतीं। वे एक साथ विरोधी दृश्य संकेत संरक्षित रख सकती हैं।
आकाशगंगा विकास पर एक व्यापक सबक
लोकप्रिय खगोलशास्त्र में आकाशगंगाओं को अक्सर स्थिर प्रकारों के रूप में पेश किया जाता है: सर्पिल, अंडाकार, अनियमित। लेकिन NGC 1266 याद दिलाती है कि ये श्रेणियाँ अंत बिंदु नहीं, बल्कि चरण भी हो सकती हैं। कोई प्रणाली एक प्रकार की संरचना बनाए रखते हुए दूसरे की तरह व्यवहार कर सकती है। वह एक अपेक्षाकृत हालिया तारारचनात्मक अतीत और अधिक शांत भविष्य, दोनों के संकेत एक साथ दिखा सकती है।
यही कारण है कि संक्रमणशील वस्तुएँ वैज्ञानिक रूप से इतनी मूल्यवान हैं। वे खगोलविदों को केवल पहले और बाद की अवस्थाएँ नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया का अध्ययन करने देती हैं। एक दुर्लभ post-starburst लेंटिकुलर आकाशगंगा यह दिखा सकती है कि आकृति, तारागठन और विलय-इतिहास सैकड़ों मिलियन वर्षों में कैसे परस्पर क्रिया करते हैं।
हबल अब भी क्यों मायने रखता है
नए वेधशालाओं के युग में भी Hubble अत्यंत प्रभावी बना हुआ है, खासकर ऐसी उच्च-रिज़ॉल्यूशन दृश्य-प्रकाश छवियाँ बनाने में, जो NGC 1266 जैसे तंत्रों को वैज्ञानिकों और आम जनता, दोनों के लिए समझने योग्य बनाती हैं। दूरबीन का यह नया दृश्य सिर्फ़ सुंदर नहीं है। यह बदलती प्रकृति के बीच पकड़ी गई एक आकाशगंगा की व्याख्यात्मक छवि है।
यह NGC 1266 को इसलिए भी आकर्षक बनाती है कि वह किसी श्रेणी में साफ़-साफ़ फिट नहीं बैठती। यह एक संक्रमणशील आकाशगंगा है, जिसकी बनावट और तारकीय इतिहास दोनों ही उसे एक पहचान से दूसरी की ओर बढ़ते हुए दिखाते हैं।
यह लेख science.nasa.gov की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on science.nasa.gov


