तूफान-पीछा करने वाले एक प्रयोग में जंगल की चमक मिली

पेन स्टेट के शोधकर्ताओं ने एक तूफान के दौरान पेड़ों की चोटियों से निकलती हल्की विद्युत चमक को दर्ज किया है, और इस तरह प्रकृति में उस घटना को सीधे देखा है जिसे वैज्ञानिक 70 वर्षों से अधिक समय से संदेह के रूप में देखते आए थे. Science Daily द्वारा पेन स्टेट स्रोत सामग्री से रिपोर्ट की गई इस घटना में कोरोना डिस्चार्ज शामिल था: तूफान से प्रेरित विद्युत क्षेत्र गतिविधि के दौरान पत्तियों के सिरों पर बनने वाली बिजली की सूक्ष्म चमक.

टीम का क्षेत्रीय अभियान जून 2024 में एक संशोधित 2013 Toyota Sienna के साथ शुरू हुआ, जिसमें छत से निकला एक कस्टम दूरबीननुमा मौसम उपकरण लगा था. शोधकर्ता अमेरिका के पूर्वी तट पर ऐसे तूफानों की तलाश में निकले जो यह परखने के लिए पर्याप्त मजबूत हों कि प्रयोगशाला में देखे गए कोरोना डिस्चार्ज क्या जंगलों में स्वाभाविक रूप से भी होते हैं.

कोरोना डिस्चार्ज का अर्थ

कोरोना डिस्चार्ज तब होता है जब किसी नुकीली वस्तु के आसपास बना मजबूत विद्युत क्षेत्र पास की हवा को आयनित कर देता है. पेड़ों के मामले में, पत्तियों के सिरे और शाखाओं की संरचनाएं ऐसे स्थान बन सकती हैं जहां सूक्ष्म विद्युत पल्स बनते हैं. यह चमक बहुत हल्की होती है और पराबैंगनी दायरे में दिखाई देती है, इसलिए तूफानी आकाश के नीचे खड़े होकर इसे सामान्यतः देखा नहीं जा सकता.

प्रयोगशाला में ऐसी चमकें देखना आसान होता है क्योंकि प्रकाश स्तर को सटीक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है. पेन स्टेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना डिस्चार्ज लगभग अंधेरे मौसम और वायुमंडलीय विज्ञान प्रयोगशाला में बहुत आसानी से देखे जा सकते हैं. बाहर, प्राकृतिक प्रकाश और तूफानी परिस्थितियां इन्हें पकड़ना कहीं अधिक कठिन बना देती हैं.

इसे इतना समय क्यों लगा

यह विचार कि तूफानों के दौरान जंगल कोरोना डिस्चार्ज पैदा कर सकते हैं, दशकों से चर्चा में रहा है, लेकिन क्षेत्रीय पुष्टि मुश्किल रही. तूफान शोध के लिए कठिन मंच हैं. वे चलते हैं, बदलते हैं, कमजोर पड़ते हैं और सुरक्षा संबंधी बाधाएं पैदा करते हैं. पेन स्टेट टीम ने शुरुआत में फ्लोरिडा को निशाना बनाया क्योंकि वहां गर्मियों में अक्सर तूफान आते हैं, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया. तीन सप्ताह तक शोधकर्ता छोटे-छोटे तूफानों के पीछे दौड़ते रहे जो उपयोगी डेटा मिलने से पहले खत्म हो जाते थे.

सफलता तब मिली जब टीम पेंसिल्वेनिया लौटने लगी. नॉर्थ कैरोलाइना में परिस्थितियां बदलीं, जहां बड़े तूफानों ने शोधकर्ताओं को वह मौका दिया जिसकी उन्हें जरूरत थी. इसके परिणामस्वरूप मिला अवलोकन, प्रदान किए गए स्रोत पाठ में वर्णित, पेड़ों की चोटियों से होने वाले प्राकृतिक कोरोना डिस्चार्ज की पहली सीधी पुष्टि था.

संभावित वायुमंडलीय महत्व

यह खोज चमकते पेड़ों की दृश्य नवीनता से आगे भी मायने रख सकती है. Science Daily के सारांश के अनुसार, ये विद्युत विस्फोट प्रदूषकों को तोड़कर हवा को साफ करने में मदद कर सकते हैं. यह संभावना इस खोज को केवल तूफान भौतिकी नहीं, बल्कि वायुमंडलीय रसायन से भी जोड़ती है.

विद्युत गतिविधि के दौरान प्रतिक्रियाशील रासायनिक प्रजातियां बन सकती हैं. यदि तूफानों के समय जंगलों में व्यापक रूप से कोरोना डिस्चार्ज होता है, तो यह सतह के निकट की वायु रसायन में एक पहले कम आंकी गई प्रक्रिया हो सकती है. उपलब्ध पाठ यह नहीं बताता कि उसका प्रभाव कितना बड़ा होगा, इसलिए अभी यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि जंगल तूफानी समय में हवा को साफ करने वाली प्रमुख प्रणाली हैं. लेकिन यह अवलोकन शोधकर्ताओं को प्रयोगशाला परिकल्पना की बजाय वास्तविक प्राकृतिक प्रक्रिया का मापन करने का अवसर देता है.

एक नया मापन प्रश्न

अब जब यह घटना देख ली गई है, अगली चुनौती उसका पैमाना समझना है. वैज्ञानिकों को यह तय करना होगा कि ये डिस्चार्ज कितनी बार होते हैं, कौन-सी पेड़ प्रजातियां और कैनोपी संरचनाएं इन्हें सबसे आसानी से पैदा करती हैं, कौन-सी तूफानी परिस्थितियां इन्हें ट्रिगर करती हैं, और क्या उनके रासायनिक प्रभाव व्यापक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं. क्षेत्रीय मापों को यह भी अलग करना होगा कि कोरोना-जनित रसायनिकी, बिजली, बारिश, हवा और पृष्ठभूमि प्रदूषण से कैसे अलग है.

मापन का मुद्दा सरल नहीं है. शोधकर्ताओं को चमकीले, गतिशील और विद्युत रूप से सक्रिय वातावरण में हल्के पराबैंगनी संकेतों को पकड़ना होता है. इसी वजह से टीम का तूफान-पीछा करने वाला सेटअप महत्वपूर्ण है. यह दिखाता है कि मोबाइल, लक्षित अवलोकन ऐसी घटनाओं को उजागर कर सकता है जिन्हें स्थिर स्टेशन शायद चूक जाएं.

यह खोज अलग क्यों है

यह परिणाम याद दिलाता है कि परिचित वातावरणों में भी बुनियादी भौतिक प्रक्रियाएं छिपी रह सकती हैं. तूफानों के दौरान जंगल सामान्य चीज है, लेकिन पत्तियों की चोटियों पर होने वाला विद्युत व्यवहार नियंत्रित प्रयोगों के बाहर पुष्टि करना कठिन रहा है. प्रकृति में इन चमकों को दर्ज करके पेन स्टेट के शोधकर्ताओं ने लंबे समय की एक शंका को अवलोकनीय वायुमंडलीय प्रक्रिया में बदल दिया है.

यह खोज जंगलों और वायुमंडल के संबंध में भी एक नई परत जोड़ती है. पेड़ गैसों का आदान-प्रदान करते हैं, जैविक यौगिक छोड़ते हैं, बारिश को रोकते हैं, हवा का आकार बदलते हैं और स्थानीय जलवायु को प्रभावित करते हैं. कोरोना डिस्चार्ज संकेत देता है कि वे तूफानी विद्युत रसायन में सीधे भाग भी ले सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि जंगल तूफानों के नीचे निष्क्रिय दृश्य हैं. इसका मतलब है कि वे स्वयं तूफानी वातावरण का हिस्सा हैं.

यह लेख Science Daily की रिपोर्टिंग पर आधारित है. मूल लेख पढ़ें.

Originally published on sciencedaily.com