अमेरिकी सेना कम-से-कम पांच नामित कार्यक्रमों में वायु-रक्षा इंटरसेप्टर की व्यापक श्रृंखला विकसित कर रही है। इससे उसकी जमीन-आधारित वायु-रक्षा को हथियारबंद और टिकाऊ बनाने का तरीका बदल सकता है। उभरता रुझान एक ही मिसाइल प्रकार पर आधारित प्रणालियों से हटकर ऐसे लॉन्चर और architecture अपनाने का है जो अलग-अलग खतरों के विरुद्ध कई प्रकार के इंटरसेप्टर चला सकें।

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खतरों का समूह अधिक विविध हो गया है। वायु-रक्षा को छोटे हथियारबंद ड्रोन, पारंपरिक हवाई खतरों और उन्नत hypersonic missiles का सामना करना पड़ सकता है। एक ही लॉन्चर के लिए एक ही इंटरसेप्टर पर निर्भर बल के सामने कठिन विकल्प होते हैं: कम लागत वाले खतरे के लिए कम लागत वाला हथियार चुनने के विकल्प सीमित हो सकते हैं और किसी मिसाइल या आपूर्तिकर्ता पर बाधा आने पर जोखिम बढ़ सकता है।

Army Lt. Gen. Frank Lozano ने Association of the U.S. Army के वार्षिक सम्मेलन में एक panel discussion के दौरान इस रुझान पर प्रकाश डाला। यह बयान ऐसे समय आया है जब सेना विभिन्न tiers में नए इंटरसेप्टर पर विचार कर रही है और Pentagon विविध munition stocks तथा supplier bases के महत्व पर जोर दे रहा है।

एकल-इंटरसेप्टर मॉडल को तोड़ना

रिपोर्ट के अनुसार Patriot को छोड़कर सेना की प्रमुख जमीन-आधारित वायु-रक्षा प्रणालियां सामान्यतः केवल एक प्रकार के इंटरसेप्टर के साथ तैनात की गई हैं। इससे संचालन, प्रशिक्षण और logistics सरल हो सकते हैं। लेकिन खतरे बदलने पर या उपलब्ध मिसाइल किसी लक्ष्य के लिए सबसे उपयुक्त न होने पर लचीलापन सीमित हो सकता है।

Patriot पुराने दृष्टिकोण और अधिक विविध मॉडल की शुरुआत—दोनों को दिखाता है। हाल के वर्षों में नए Patriot इंटरसेप्टर की सेना की खरीद PAC-3 Missile Segment Enhancement, यानी PAC-3 MSE, पर केंद्रित रही। पहले के PAC-3 Cost Reduction Initiative missile का उत्पादन 2023 में समाप्त हुआ।

हालांकि 2026 की शुरुआत में सेना ने दशकों बाद नए PAC-2 Guidance Enhanced Missile-Tactical missiles का पहला ऑर्डर दिया। PAC-2 GEM-T पुराना Patriot interceptor design है, जिसका उत्पादन मुख्यतः अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के लिए जारी रहा है। इसकी वापसी Patriot family में एक और इंटरसेप्टर विकल्प जोड़ती है।

Secretary Hegseth, second from the left, seen in front of a launcher for the Patriot surface-to-air missile system during a tour of Redstone Arsenal in Alabama earlier this year. Army Lt. Gen. Frank Lozano is seen at far right. DoW/USN Petty Officer 1st Class Alexander Kubitza
Secretary Hegseth, second from the left, seen in front of a launcher for the Patriot surface-to-air missile system during a tour of Redstone Arsenal in Alabama earlier this year. Army Lt. Gen. Frank Lozano is seen at far right. DoW/USN Petty Officer 1st Class Alexander Kubitza

रिपोर्ट में संदर्भित एक graphic ने मौजूदा trailer-based Patriot launchers के लिए अलग-अलग interceptor load options दिखाए। व्यापक अर्थ यह है कि launcher को केवल एक missile design पहुंचाने वाला तंत्र नहीं समझना चाहिए। वह ऐसा platform बन सकता है जिसका loadout अनुमानित खतरों, उपलब्धता और परिचालन प्राथमिकताओं के अनुसार चुना जाए।

Enduring Shield और layered defense

सेना Enduring Shield भी field कर रही है, जिसे कई इंटरसेप्टर प्रकारों को संभालने वाली नई middle-tier air-defense system बताया गया है। यह short-range air defense और उच्चस्तरीय Patriot mission के बीच की कमी दूर करने के प्रयास का हिस्सा है।

हालांकि फिलहाल सेना Enduring Shield के लिए केवल एक इंटरसेप्टर खरीद रही है। महत्व तत्काल विविधता से कम और इसकी intended architecture से अधिक जुड़ा है। अलग-अलग मिसाइलों का समर्थन करने के लिए शुरू से डिजाइन किया गया launch system नए खतरे सामने आने और नए इंटरसेप्टर परिपक्व होने पर विकल्प दे सकता है।

यह लचीलापन layered air and missile defense के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कोई एक इंटरसेप्टर हर engagement के लिए आदर्श नहीं होता। एक छोटा ड्रोन और उन्नत ballistic या hypersonic threat गति, ऊंचाई, maneuverability और लागत में बहुत अलग होते हैं। layered force हर समस्या के लिए उपयुक्त इंटरसेप्टर चुनने की कोशिश कर सकती है, बजाय सभी लक्ष्यों को समान प्रतिक्रिया की आवश्यकता वाला मानने के।

रिपोर्ट यह नहीं कहती कि सेना ने integration, production या operational चुनौतियां पूरी तरह हल कर ली हैं। कई इंटरसेप्टर को मौजूदा लॉन्चरों और नए architectures के साथ काम कराने के लिए testing, command-and-control coordination, supply planning और readiness level पर स्पष्ट निर्णय चाहिए। लेकिन portfolio direction स्पष्ट है: सेना air-defense launcher भरने के लिए एक से अधिक विकल्प चाहती है।

A graphic showing different interceptor load options for existing trailer-based Patriot launchers. Lockheed Martin
A graphic showing different interceptor load options for existing trailer-based Patriot launchers. Lockheed Martin

भंडार और आपूर्तिकर्ता रणनीति का हिस्सा हैं

Interoperability ही बदलाव का एकमात्र कारण नहीं है। सेना की विविध इंटरसेप्टर portfolio में रुचि munition resilience से भी जुड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार Iran के साथ युद्ध के प्रभावों ने अमेरिकी सेना के लिए विविध stocks और supplier bases के महत्व को मजबूत किया है।

एक इंटरसेप्टर design पर निर्भर बल production bottlenecks, सीमित industrial base या मांग में अचानक वृद्धि के प्रति संवेदनशील हो सकता है। कई इंटरसेप्टर विकल्प इन जोखिमों को अपने-आप समाप्त नहीं करते, लेकिन वे एक production line पर निर्भरता घटा सकते हैं और inventory पर दबाव होने पर planners को अधिक विकल्प दे सकते हैं।

PAC-2 GEM-T procurement की वापसी इस तर्क का ठोस उदाहरण है। यह PAC-3 MSE को replace नहीं करती, बल्कि सेना द्वारा खरीदी जा रही Patriot munitions की range बढ़ाती है। यदि launchers और battle-management networks अलग-अलग मिसाइलों को संभाल सकें, तो यही सिद्धांत नई प्रणालियों में भी लागू हो सकता है।

दीर्घकालीन परिवर्तन

सेना के पांच नामित कार्यक्रम छोटे ड्रोन से लेकर उन्नत hypersonic missiles तक व्यापक खतरा-क्षेत्र को कवर करते हैं। अंतिम परिणाम एक सार्वभौमिक launcher या पूरी तरह interchangeable missile inventory न होकर, अधिक विविध और अनुकूलनीय loadouts वाली प्रणालियों का समूह हो सकता है।

यह design और acquisition में बड़ा बदलाव है। वायु-रक्षा अक्सर अलग प्रणालियों और dedicated interceptors के आसपास संगठित रही है। सेना की वर्तमान दिशा बताती है कि launcher compatibility, diversified munitions और layered engagement choices को वह जुड़े हुए requirements के रूप में देख रही है।

व्यावहारिक परीक्षा यह होगी कि क्या ये कार्यक्रम इस अवधारणा को उपयोगी पैमाने पर deployable capability में बदल सकते हैं। फिलहाल सेना के procurement और development efforts संकेत देते हैं कि एक ही प्रकार का इंटरसेप्टर दागने वाले जमीन-आधारित air-defense launcher का दौर अधिक flexible model को जगह दे रहा है।

  • सेना के कम-से-कम पांच नामित कार्यक्रम अलग-अलग tiers में air-defense interceptors विकसित कर रहे हैं।
  • अधिकांश मौजूदा जमीन-आधारित air-defense systems एक ही interceptor type का उपयोग करते हैं; Patriot प्रमुख अपवाद है।
  • दशकों बाद सेना ने 2026 में PAC-2 GEM-T missiles का नया ऑर्डर दिया।
  • Enduring Shield को कई interceptor types के समर्थन के लिए डिजाइन किया गया है, हालांकि शुरुआत में सेना एक ही प्रकार खरीद रही है।

यह लेख twz.com की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

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