मरीन ने कम लागत वाले ड्रोन के हवाई नियंत्रण का प्रयोग किया

अमेरिकी मरीन कॉर्प्स एक ऐसी अवधारणा का परीक्षण कर रहा है जो सैन्य अभियानों में व्यापक बदलाव को दर्शाती है: कम लागत वाले फर्स्ट-पर्सन-व्यू ड्रोन को पारंपरिक विमानों के साथ जोड़ना। हाल ही में दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में हुए एक अभ्यास में, मरीन ने एक Neros Archer FPV ड्रोन को ज़मीन से लॉन्च किया और फिर नियंत्रण को कई मील दूर चक्कर लगा रहे UH-1Y Venom हेलीकॉप्टर में सवार ऑपरेटरों को स्थानांतरित कर दिया।

प्रदान किए गए स्रोत पाठ के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या UH-1Y Venom और AH-1Z Viper जैसे विमान उन FPV ड्रोन की पहुंच बढ़ा सकते हैं जो सामान्यतः स्क्रीन या गॉगल्स के माध्यम से लाइव फ़ीड देखने वाले पास के ऑपरेटरों पर निर्भर रहते हैं।

परीक्षण में क्या शामिल था

सेवा शाखा ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य यह जांचना था कि क्या एक FPV ड्रोन को किसी गतिशील हेलीकॉप्टर से गैर-गतिज तरीके से गिराया और तैनात किया जा सकता है, और फिर विमान से ही नियंत्रित किया जा सकता है। Marine Light Attack Helicopter Squadron 169 के एक UH-1Y पायलट कैप्टन क्विंटन थॉर्नबरी ने कहा कि टीम कार्यक्रम के दौरान इस दृष्टिकोण की पुष्टि करने में सक्षम रही।

इस परीक्षण में Neros Archer प्रणाली का उपयोग किया गया, जिसे मरीन कॉर्प्स के अनुसार मरीन पैदल सेना इकाइयों द्वारा पहले से ही व्यापक रूप से इस्तेमाल और परीक्षण किया जा चुका है। यह पूर्व परिचय संभवतः इसका एक महत्वपूर्ण कारण है। पूरी तरह अलग, केवल-एविएशन ड्रोन इकोसिस्टम लाने के बजाय, कॉर्प्स यह देख रहा है कि ज़मीनी बलों के लिए पहले से परिचित किसी प्रणाली को हवाई अभियानों में कैसे शामिल किया जा सकता है।

यह अवधारणा क्यों महत्वपूर्ण है

कम लागत वाले ड्रोन यूक्रेन से लेकर मध्य पूर्व तक आधुनिक संघर्ष के प्रमुख साधनों में से एक बन गए हैं। उस दबाव ने सेनाओं को सिद्धांत, खरीद प्राथमिकताओं और लागत गणनाओं पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। मरीन कॉर्प्स का स्रोत इस हेलीकॉप्टर-लिंक्ड परीक्षण को उसी बड़े अनुकूलन का हिस्सा बताता है।

स्रोत सामग्री में इसका तर्क आसानी से समझा जा सकता है। यदि कोई हेलीकॉप्टर सस्ते हमलावर ड्रोन को तैनात करने, उसकी पहुंच बढ़ाने या उसके नियंत्रण को रिले करने में मदद कर सकता है, तो विमान केवल हथियार मंच या परिवहन साधन भर नहीं रहता। वह उन प्रणालियों के लिए एक मोबाइल नियंत्रण नोड बन सकता है जो पारंपरिक विमानन परिसंपत्तियों की तुलना में कहीं कम महंगी और बदलने में आसान हैं।

व्यापक विस्तार का हिस्सा

यह प्रयोग सेवा की हालिया FPV ड्रोन तैनाती में तेजी के साथ भी मेल खाता है। स्रोत पाठ कहता है कि प्रौद्योगिकी के एकीकरण को मंजूरी देने के बाद मरीन कॉर्प्स ने अपने FPV अटैक ड्रोन भंडार को 3,500 से अधिक तक बढ़ा दिया है। यह संख्या संकेत देती है कि यह परीक्षण कोई अलग-थलग प्रदर्शन नहीं था, बल्कि कम लागत वाली मानवरहित प्रणालियों को परिचालन रूप देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा था।

स्रोत से यह स्पष्ट नहीं है कि यह अवधारणा कितनी जल्दी अभ्यास से मानक प्रक्रिया में बदलेगी, और अलग-अलग मिशन प्रकारों के लिए इसे कैसे ढाला जाएगा। लेकिन दिशा स्पष्ट है। मरीन FPV ड्रोन को केवल पैदल सेना के एक विशिष्ट उपकरण के रूप में नहीं देख रहे; वे यह भी परीक्षण कर रहे हैं कि उन्हें विमानन बल से कैसे जोड़ा जाए।

उभरता हुआ संचालन मॉडल

इस परीक्षण का महत्व एक हेलीकॉप्टर और एक ड्रोन से कम, और एक व्यापक संचालन मॉडल से अधिक जुड़ा है। सस्ते मानवरहित सिस्टम लचीलापन, बड़े पैमाने और तेजी से तैनाती के लिए लगातार अधिक मूल्यवान माने जा रहे हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक विमान पहुंच, सहनशक्ति और कमांड उपस्थिति प्रदान करते हैं। कॉर्प्स इन ताकतों को व्यावहारिक तरीके से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।

यदि यह दृष्टिकोण परिपक्व होता है, तो यह मरीन विमानन को ड्रोन इकोसिस्टम में एक नई भूमिका दे सकता है: केवल हवा से प्रभाव शुरू करने की नहीं, बल्कि उन्हें लंबी दूरी और अधिक तरल सामरिक स्थानों में समन्वित करने की।

  • मरीन ने ज़मीन से एक FPV ड्रोन लॉन्च किया और नियंत्रण एक हेलीकॉप्टर दल को सौंप दिया।
  • अभ्यास में UH-1Y Venom और Neros Archer ड्रोन का उपयोग किया गया।
  • कॉर्प्स यह परीक्षण कर रहा है कि क्या विमान कम लागत वाले ड्रोन की पहुंच बढ़ा सकते हैं।
  • सेवा का कहना है कि उसने पहले ही 3,500 से अधिक FPV अटैक ड्रोन तैनात कर दिए हैं।

यह लेख Defense News की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on defensenews.com