F-15EX उस बहु-भूमिका विमान का रूप लेना शुरू कर रहा है जिसका संकेत उसके डिजाइन ने हमेशा दिया था

अमेरिकी वायु सेना का F-15EX Eagle II अभी भी मुख्य रूप से एक वायु-से-वायु प्लेटफॉर्म है, खासकर मातृभूमि रक्षा के लिए। लेकिन The War Zone की नई रिपोर्टिंग दिखाती है कि विमान का मिशन-समूह पहले ही व्यापक होने लगा है। ओरेगन एयर नेशनल गार्ड की 142वीं विंग की प्रशिक्षण गतिविधि, साथ ही F-15EX की वंशावली और पेलोड डिजाइन, संकेत देते हैं कि वायु-से-भूमि क्षमता अब कोई दूर की संभावना नहीं रही। यह धीरे-धीरे उस तरीके का हिस्सा बन रही है, जिससे इस विमान का उपयोग किया जाएगा।

यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि F-15EX अपेक्षाकृत सीमित तात्कालिक आवश्यकता के तहत सेवा में आया था। इसे पुराने हो चुके F-15C Eagles की जगह लेने के लिए बनाया गया था, ऐसे मिशनों में जिनका केंद्र वायु श्रेष्ठता और घरेलू रक्षा था। फिर भी यह जेट F-15QA से विकसित है और व्यापक F-15E Strike Eagle परिवार का हिस्सा है, जिसकी वंशावली बहु-भूमिका लचीलेपन के लिए बनाई गई थी। व्यावहारिक रूप से, इस विमान को कभी डिजाइन के स्तर पर सिर्फ वायु-से-वायु लड़ाई तक सीमित नहीं किया गया था। सीमित करने वाला कारक मिशन-केंद्रितता, प्रशिक्षण और नई परिचालन इकाइयों को तैयार करने के लिए आवश्यक समय था।

अब इस विस्तार के पहले दिखाई देने वाले संकेत सामने आ रहे हैं। दी गई स्रोत सामग्री के अनुसार, 142वीं विंग ने कहा कि उसके एक F-15EX ने मई में इडाहो स्थित Mountain Home Air Force Base की यात्रा के दौरान पहली बार प्रशिक्षण बम गिराए। इकाई ने बताया कि उसके दलों ने 10 मिशनों में कुल 24 BDU-50s और 12 BDU-56s छोड़े, किसी सुरक्षा घटना के बिना और संतोषजनक स्कोर के साथ।

निष्क्रिय बम अभी भी क्यों महत्वपूर्ण हैं

प्रशिक्षण में इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद युद्धक हथियार नहीं, बल्कि निष्क्रिय अभ्यास हथियार थे। BDU-50/B और BDU-56/B जीवित 500-पाउंड श्रेणी के Mk 82-श्रृंखला और 2,000-पाउंड श्रेणी के Mk 84-श्रृंखला बमों के आकार और वजन की नकल करते हैं। अमेरिकी सेवा में आज, उन बम परिवारों के हथियार आम तौर पर Paveway लेज़र गाइडेंस या JDAM GPS-सहायित गाइडेंस जैसे सटीकता किट्स के साथ जोड़े जाते हैं। लेकिन बिना निर्देशित प्रशिक्षण स्टोर्स भी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य निभाते हैं।

ये वायु-से-भूमि अभियानों की मूल बातें अभ्यास करने देते हैं: हथियारों को लोड और अनलोड करना, उन्हें जमीन पर सुरक्षित तरीके से संभालना, रिलीज़ प्रक्रियाओं का प्रबंधन करना, और हवा में हमले के प्रोफाइल तथा लक्ष्यीकरण प्रक्रियाओं से गुजरना। ये कदम बुनियादी हैं, लेकिन बुनियादी का अर्थ तुच्छ नहीं होता। एक लड़ाकू बल जब एकल-मिशन संस्कृति से व्यापक संस्कृति की ओर बढ़ता है, तो उसे ये क्षमताएँ शुरुआत से बनानी पड़ती हैं।

142वीं विंग के F-15EX Eagle II में से एक का एक स्टॉक चित्र। USAF
142वीं विंग के F-15EX Eagle II में से एक का एक स्टॉक चित्र। USAF

यह विशेष रूप से 142वीं विंग के लिए सच है। उसका पिछला विमान, F-15C, का कोई परिचालन वायु-से-भूमि रोल नहीं था। इसलिए F-15EX पर जाना सिर्फ एयरफ्रेम बदलना नहीं है। इसका अर्थ है कर्मियों को उपयोग के एक व्यापक सिद्धांत के लिए फिर से प्रशिक्षित करना। रिपोर्ट किए गए बम-ड्रॉप संकेत हैं कि यह संक्रमण सिर्फ योजना दस्तावेजों में नहीं, बल्कि परिचालन स्तर पर भी शुरू हो चुका है।

मातृभूमि रक्षा से बहु-भूमिका गहराई तक

F-15EX का वर्तमान ध्यान वायु रक्षा पर बना हुआ है। दी गई स्रोत सामग्री में ऐसा कुछ नहीं है जिससे लगे कि वायु सेना उस भूमिका को छोड़ रही है। इसके बजाय, साक्ष्य क्षमता के क्रमिक विस्तार की ओर इशारा करते हैं। यह अंतर महत्वपूर्ण है। विमान अचानक पहले एक स्ट्राइक प्लेटफॉर्म नहीं बन रहा। यह कम संकीर्ण रूप से परिभाषित हो रहा है।

वायु सेना के लिए, इससे कई फायदे मिलते हैं। एक बहु-भूमिका F-15EX बेड़ा बल-योजना में अतिरिक्त लचीलापन दे सकता है, खासकर तब जब विमानों की मांग अक्सर उपलब्धता से अधिक होती है। जेट अपने ऊँचे पेलोड, परिपक्व रखरखाव आधार और Strike Eagle विरासत के कारण हथियारों के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ संगतता के लिए पहले से ही जाना जाता है। इसके उपयोग योग्य मिशन-समूह का विस्तार इसे विविध परिस्थितियों में अधिक मूल्यवान बना सकता है।

यह एक आधुनिक विमान को कृत्रिम रूप से सीमित भूमिका में तैनात करने के जोखिम को भी कम करता है। यदि सेवा ऐसे प्लेटफॉर्म में निवेश करती है जिसके पास स्ट्राइक मिशनों के लिए संरचनात्मक और प्रणालीगत आधार है, तो उस पक्ष को विकसित न करना क्षमता को अधूरा छोड़ देना होगा। नई प्रशिक्षण गतिविधि संकेत देती है कि वायु सेना यह समझती है और उसी अनुसार आगे बढ़ रही है।

यहाँ एक संस्थागत तर्क भी काम कर रहा है। पुराने F-15Cs से रूपांतरण कर रही इकाइयों को विमान पर अधिकार पाने के लिए समय चाहिए, और रक्षा मिशनों के लिए जिम्मेदार किसी परिचालन स्क्वाड्रन की पहली प्राथमिकता उसकी मूल भूमिका में तैयार रहना है। एक बार वह आधार स्थापित हो जाए, तो प्रशिक्षण वायु-से-भूमि कौशलों तक बढ़ सकता है। मई का बम-ड्रॉप कार्यक्रम इसी पैटर्न में फिट बैठता है: व्यापक परिचालन प्रोफ़ाइल की दिशा में एक नियंत्रित, सीमित कदम।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में क्या बताता है

रिपोर्टिंग का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु सिर्फ यह नहीं है कि बम गिराए गए। महत्वपूर्ण यह है कि यह गतिविधि पहले परिचालन F-15EX यूनिट से आई, जो दिखाता है कि मिशन विस्तार केवल परीक्षण संगठनों तक सीमित नहीं है, बल्कि तैनात बल के भीतर हो रहा है। इससे यह विकास एक बार की प्रदर्शन-घटना से अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

प्रशिक्षण के दौरान F-15E Strike Eagle पर लोड किए जाने से पहले ट्रॉली पर रखे BDU-50/Bs की एक स्टॉक तस्वीर। USAF
प्रशिक्षण के दौरान F-15E Strike Eagle पर लोड किए जाने से पहले ट्रॉली पर रखे BDU-50/Bs की एक स्टॉक तस्वीर। USAF

स्रोत सामग्री से कई कार्यक्रम-संकेत सामने आते हैं।

  • वायु सेना अब भी वायु-से-वायु युद्ध को F-15EX का केंद्रीय मिशन मानती है, खासकर मातृभूमि रक्षा के लिए।
  • परिचालन दल पहले से ही वायु-से-भूमि कार्यों का अभ्यास कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत निष्क्रिय बम प्रयोग और हथियार-हैंडलिंग की मूल बातों से हो रही है।
  • F-15EX की Strike Eagle परिवार से जुड़ी जड़ें इस विस्तार को तकनीकी रूप से आश्चर्यजनक नहीं बनातीं, भले ही यह अब जाकर इकाई-स्तर के प्रशिक्षण में दिखाई दे रहा हो।
  • F-15C से F-15EX की ओर संक्रमण एक संकीर्ण मिशन संस्कृति से अधिक लचीली संस्कृति की ओर भी संक्रमण है।

वह अंतिम बिंदु समय के साथ विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विमान कार्यक्रमों पर अक्सर हार्डवेयर विनिर्देशों के संदर्भ में चर्चा होती है, लेकिन मिशन प्रभावशीलता उतनी ही प्रशिक्षण पाइपलाइनों, स्क्वाड्रन की आदतों, लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं और सामरिक सिद्धांत पर निर्भर करती है। कोई बेड़ा सिर्फ इसलिए बहु-भूमिका नहीं बन जाता कि विमान कई तरह के हथियार ले जा सकता है। वह तब बहु-भूमिका बनता है जब इकाइयाँ नियमित रूप से उन मिशनों के लिए प्रशिक्षण, सुसज्जन और योजना बनाती हैं। 142वीं विंग की रिपोर्ट की गई गतिविधि एक संकेत है कि यह संगठनात्मक बदलाव शुरू हो चुका है।

उपलब्ध स्रोत सामग्री से क्या निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं, इसकी सीमाएँ भी हैं। इसमें लाइव-स्ट्राइक अभियानों, नई युद्धक जिम्मेदारी, या वायु सेना के सिद्धांत में औपचारिक बदलाव का वर्णन नहीं है। यह शुरुआती आधार-निर्माण का वर्णन करता है। लेकिन बड़े भूमिका-विस्तार की शुरुआत इसी तरह होती है। किसी मिशन के बड़े पैमाने पर युद्ध योजना में आने से पहले वह प्रशिक्षण रिकॉर्ड, योग्यता घटनाओं, और प्रासंगिक हथियारों के पहले नियमित संचालन में दिखाई देता है।

इससे F-15EX की कहानी किसी नाटकीय मोड़ से कम और एक शांत लेकिन अर्थपूर्ण विकास से अधिक बनती है। यह विमान पुराने F-15Cs को बदलने और वायु रक्षा क्षमता को बनाए रखने के व्यावहारिक समाधान के रूप में सेवा में आया था। अब यह अपने डिजाइन में निहित व्यापक उपयोगिता दिखाना शुरू कर रहा है। यदि यह रास्ता जारी रहता है, तो Eagle II सिर्फ घरेलू रक्षा के लिए एक आधुनिकीकृत इंटरसेप्टर नहीं, बल्कि एक अधिक अनुकूलनीय लड़ाकू विमान बन सकता है जो वायु सेना को विभिन्न थिएटरों और मिशन प्रकारों में अतिरिक्त विकल्प देता है।

अभी के लिए मुख्य निष्कर्ष सीधा है: F-15EX अभी भी पहले और सबसे अधिक एक वायु-से-वायु लड़ाकू है, लेकिन वायु-से-भूमि क्षमताएँ अब सैद्धांतिक नहीं रहीं। उन्हें पहली परिचालन इकाई द्वारा वास्तविक प्रशिक्षण के माध्यम से, एक-एक कदम करके पेश किया जा रहा है।

यह लेख twz.com की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

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