शोधकर्ताओं ने बांझपन मूल्यांकन में एक संभावित नया संकेतक बताया
रक्त कोशिकाओं में X गुणसूत्र की हानि प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना कम होने से जुड़ी हो सकती है, ऐसा ओसाका मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में पाया गया। यह कार्य महिलाओं में उम्र से जुड़ा एक कम चर्चित आनुवंशिक बदलाव सामने लाता है और संकेत देता है कि यह मौजूदा प्रजनन संकेतकों के साथ उपयोगी हो सकता है।
अध्ययन में 20 से 45 वर्ष की महिलाओं की श्वेत रक्त कोशिकाओं की तुलना की गई, जिनमें 123 महिलाएं वे थीं जिन्होंने प्राकृतिक रूप से गर्भधारण किया था और 381 वे थीं जिन्होंने नहीं किया था। शोधकर्ताओं ने पाया कि बांझपन वाली महिलाओं में X गुणसूत्र की हानि, या LOX, दिखाने वाली कोशिकाओं का अनुपात काफी अधिक था। उन्होंने यह भी बताया कि जब LOX कोशिकाओं का हिस्सा लगभग 0.9% से ऊपर गया, तो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना घट गई।
ये निष्कर्ष Reproductive BioMedicine Online में प्रकाशित हुए, और दिए गए स्रोत के अनुसार यह लेख सहकर्मी-समीक्षित है।
Y गुणसूत्र की हानि के कम परिचित समकक्ष
अधिकांश लोग लैंगिक गुणसूत्रों के एक सरलीकृत मॉडल के बारे में सीखते हैं, जिसमें आम तौर पर महिलाओं में दो X गुणसूत्र और पुरुषों में एक X और एक Y गुणसूत्र होता है। कम लोग यह जानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ कुछ रक्त कोशिकाओं में ये गुणसूत्र भी खो सकते हैं। पुरुषों में Y गुणसूत्र की हानि को पहले ही अल्ज़ाइमर रोग, मधुमेह मेलेटस और हृदय रोग सहित कई बीमारियों से जोड़ा जा चुका है। महिलाओं में X गुणसूत्र की हानि को पिछले शोध में तीव्र माइलॉयड ल्यूकेमिया और निमोनिया जैसी स्थितियों से जोड़ा गया है।
लेकिन प्रजनन संबंधी भूमिका अब तक बहुत स्पष्ट नहीं थी। यही अंतर ओसाका मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय की टीम ने जांचने की कोशिश की। प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने वाली और न करने वाली महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करके शोधकर्ताओं ने देखा कि क्या LOX मापने योग्य रूप से कम प्रजनन क्षमता से जुड़ा हो सकता है।
इस डेटासेट के आधार पर उत्तर हां जैसा प्रतीत होता है। बांझपन समूह में LOX कोशिकाओं का अनुपात अधिक था, जिससे संकेत मिलता है कि यह गुणसूत्रीय बदलाव बिना उपचार के गर्भधारण में कठिनाई से जुड़ा हो सकता है।
0.9% की सीमा क्यों खास है
रिपोर्ट की गई सीमा अध्ययन के सबसे ठोस निष्कर्षों में से एक है। दिए गए सारांश के अनुसार, जब श्वेत रक्त कोशिकाओं में LOX लगभग 0.9% से ऊपर गया, तो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना घटी। इसका मतलब यह नहीं कि LOX अकेले प्रजनन परिणाम तय करता है, और अध्ययन सारांश इसे एकमात्र निदान परीक्षण नहीं बताता। लेकिन यह एक ऐसा मापनीय स्तर अवश्य दिखाता है, जिसके बाद यह संबंध और स्पष्ट हो गया।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बांझपन मूल्यांकन में अक्सर एक निर्णायक उत्तर खोजने के बजाय कई संकेतकों को साथ मिलाकर देखा जाता है। यदि कोई संकेतक प्रजनन-उम्र बढ़ने या आनुवंशिक बदलाव का ऐसा पहलू पकड़ ले जो सामान्य परीक्षणों में नहीं दिखता, तो वह चिकित्सकों को प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना बेहतर तरीके से आंकने में मदद कर सकता है।
यह उन मामलों को भी समझाने में मदद कर सकता है, जहां सामान्य प्रजनन संकेतक परिणामों से पूरी तरह मेल नहीं खाते। अध्ययन के लेखक सुझाव देते हैं कि LOX वह जानकारी दे सकता है जो मौजूदा तरीकों से छूट जाती है।
यह एंटी-मुलरियन हार्मोन से कैसे तुलना करता है
शोधकर्ताओं ने एंटी-मुलरियन हार्मोन, या AMH, की भी जांच की, जिसे आम तौर पर ओवेरियन रिज़र्व के संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दिए गए रिपोर्ट में टीम को अध्ययन में उपयोग किए गए LOX मापों के साथ AMH स्तरों का कोई संबंध नहीं मिला।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। यदि AMH और LOX एक ही जैविक संकेत को नहीं ट्रैक कर रहे, तो वे दोहरावदार मापों के बजाय पूरक जानकारी दे सकते हैं। प्रथम लेखक ताकी किकुची ने कहा कि AMH को LOX विश्लेषण के साथ जोड़ने से यह अधिक सटीक रूप से अनुमान लगाया जा सकता है कि प्राकृतिक गर्भधारण संभव है या नहीं।
यह दृष्टिकोण इसे अपने आप में कोई क्रांतिकारी परीक्षण कहने से अधिक सावधान और अधिक उपयोगी है। स्रोत यह दावा नहीं करता कि LOX स्थापित प्रजनन मूल्यांकन उपकरणों की जगह लेता है। इसके बजाय, यह अतिरिक्त अंतर्दृष्टि का एक स्तर सुझाता है जो पहले या अधिक लक्षित निर्णयों में मदद कर सकता है।
प्रजनन उपचार की समय-सारिणी पर संभावित प्रभाव
अध्ययन के अधिक व्यावहारिक निहितार्थों में एक समय-निर्धारण से जुड़ा है। किकुची ने कहा कि बांझपन से जूझ रहे लोगों में LOX मापने से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना है या फिर इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन सहित प्रजनन उपचार जल्दी शुरू कर देना चाहिए।
यह चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण विचार है, क्योंकि उपचार में देरी मायने रख सकती है, खासकर जब उम्र से जुड़ी जैविक तब्दीलियाँ पहले से चल रही हों। यदि आगे के शोध में LOX भरोसेमंद साबित होता है, तो यह उन मरीजों में अंतर कर सकता है जो प्राकृतिक रूप से प्रयास जारी रख सकते हैं और उन लोगों में जिन्हें सहायक प्रजनन की ओर जल्दी बढ़ना चाहिए।
फिर भी, दिए गए रिपोर्ट में LOX-आधारित निर्णयों के लिए कोई चिकित्सकीय दिशानिर्देश, हस्तक्षेप सीमा या उपचार परिणाम स्थापित नहीं किए गए हैं। इसके लिए और अधिक सत्यापन और संभवतः बड़े अध्ययन चाहिए होंगे।
निष्कर्ष क्या साबित करते हैं और क्या नहीं
दिए गए स्रोत के आधार पर मुख्य निष्कर्ष यह है कि श्वेत रक्त कोशिकाओं में LOX बांझपन और एक रिपोर्ट की गई सीमा से ऊपर प्राकृतिक गर्भधारण की कम संभावना से जुड़ा है। यह महत्वपूर्ण परिणाम है, लेकिन इसे उपलब्ध जानकारी के आधार पर कारण-परिणाम के प्रमाण के बजाय एक संबंध के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।
रिपोर्ट यह नहीं कहती कि LOX सीधे बांझपन का कारण बनता है, और यह भी नहीं दिखाती कि LOX को कम करने से प्रजनन परिणाम बदलेंगे या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं करता कि यह निष्कर्ष अध्ययन किए गए समूह के बाहर कितनी व्यापकता से लागू होता है।
फिर भी, यह अध्ययन प्रजनन चिकित्सा में एक संभावित रूप से उपयोगी अवधारणा जोड़ता है। प्रजनन मूल्यांकन लंबे समय से हार्मोनल, शारीरिक और समय-आधारित मापों पर निर्भर रहा है। रक्त में दिखाई देने वाला गुणसूत्र-हानि संकेत इस टूलकिट को ऐसे तरीके से विस्तृत कर सकता है जो ओवेरियन रिज़र्व संकेतकों से जैविक रूप से अलग हो।
- शोधकर्ताओं ने 20 से 45 वर्ष की उन महिलाओं की तुलना की जिन्होंने प्राकृतिक रूप से गर्भधारण किया था और उन महिलाओं की जिन्होंने नहीं किया था।
- बांझपन वाली महिलाओं में X गुणसूत्र की हानि वाली रक्त कोशिकाओं का अनुपात अधिक पाया गया।
- लगभग 0.9% से ऊपर LOX अनुपात प्राकृतिक गर्भधारण की कम संभावना से जुड़ा था।
- LOX का AMH से कोई संबंध नहीं पाया गया, जिससे लगता है कि यह ओवेरियन रिज़र्व परीक्षण से अलग जानकारी दे सकता है।
यदि भविष्य के अध्ययन इस परिणाम की पुष्टि करते हैं, तो LOX अधिक सूक्ष्म प्रजनन मूल्यांकन रणनीति का हिस्सा बन सकता है। फिलहाल, इस अध्ययन का योगदान एक ऐसा मापनीय आनुवंशिक संकेत पहचानना है जो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना से जुड़ा प्रतीत होता है और अंततः यह तय करने में मदद कर सकता है कि बांझपन उपचार कब और कैसे शुरू किया जाए।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on medicalxpress.com



