जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य बीमा रिकॉर्ड के विश्लेषण में पाया गया है कि ऑनलाइन खेल सट्टेबाजी को वैध बनाने वाले राज्यों में नियोक्ता-प्रायोजित बीमा वाले कामकाजी उम्र के वयस्कों में अवसाद और चिंता के उपचार में भी वृद्धि हुई।
14 अक्टूबर को JAMA Psychiatry में प्रकाशित परिणाम यह स्थापित नहीं करते कि खेल सट्टेबाजी को वैध बनाने से यह वृद्धि हुई। लेकिन वे उस नीति बहस में नया प्रमाण जोड़ते हैं, जो अक्सर कर राजस्व, उपभोक्ता विकल्प और खेलों की निष्पक्षता पर केंद्रित रही है, न कि व्यवहारिक स्वास्थ्य सेवाओं की मांग पर।
अध्ययन में क्या मिला
शोधकर्ताओं ने 2016 से 2023 तक के बीमा रिकॉर्ड की जांच की और ऑनलाइन खेल सट्टेबाजी को वैध बनाने वाले राज्यों की तुलना उन राज्यों से की जिन्होंने इसे वैध नहीं बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, वैधीकरण के बाद नियोक्ता-प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा वाले 18 से 64 वर्ष के वयस्कों में अवसादरोधी और चिंता-रोधी दवाओं के नुस्खे लगभग 5% बढ़े।
बाह्य रोगी स्तर पर अवसाद और चिंता के निदान में लगभग 5% से 7% की वृद्धि हुई। निष्कर्ष बीमा डेटा में दर्ज उपचार और दवा के उपयोग में बदलाव दिखाते हैं; वे अपने-आप यह नहीं बताते कि प्रत्येक व्यक्ति ने उपचार क्यों लिया।
ऑनलाइन खेल सट्टेबाजी अब 31 राज्यों और Washington, D.C. में वैध है, जिससे फोन और अन्य जुड़े उपकरणों के जरिए सट्टेबाजी तक पहुंच बढ़ी है। राज्यों की तुलना करने वाला यह अध्ययन यह जांचने का तरीका देता है कि व्यापक कानूनी उपलब्धता व्यवहारिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में बदलाव के साथ जुड़ी थी या नहीं।
संबंध कारण का प्रमाण नहीं
शोधकर्ताओं के परिणाम अवलोकनात्मक हैं। यह अंतर महत्वपूर्ण है: विश्लेषण वैधीकरण के बाद एक संबंध दर्ज करता है, यह प्रमाण नहीं देता कि वैध सट्टेबाजी ने सीधे हर नए निदान या नुस्खे को जन्म दिया।
अवसाद और चिंता कई कारकों से प्रभावित होते हैं। उपचार संबंधी आंकड़े देखभाल तक पहुंच, बीमा प्रक्रियाओं, आर्थिक परिस्थितियों और जांच में बदलाव जैसे कारणों से भी बदल सकते हैं। फिर भी, यह पैटर्न इतना उल्लेखनीय था कि लेखकों ने चेतावनी दी कि वैधीकरण मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
नीति निर्माताओं के लिए यह निष्कर्ष ध्यान को केवल जुए के नुकसान से हटाकर उन सेवाओं की ओर ले जाता है जिनकी जरूरत तब पड़ सकती है जब जुए से जुड़ी समस्याएं दैनिक जीवन में फैलने लगें।
जुए से होने वाले नुकसान पैसे से आगे क्यों जाते हैं
Northwell Zucker Hillside Hospital की लाइसेंस प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता डेनियल पियाटकोव्स्की, जो अध्ययन में शामिल नहीं थीं, ने कहा कि समस्या-जनित जुआ केवल आर्थिक तनाव के जरिए मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता।
इसका असर पारिवारिक और सामाजिक संबंधों के साथ-साथ काम या स्कूल के प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है। यही व्यापक प्रभाव है जिसके कारण समस्या-जनित जुए को केवल व्यक्तिगत वित्त या मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा माना जाने लगा है।
अध्ययन यह निर्धारित नहीं कर सकता कि देखे गए उपचार परिवर्तनों में कितने सीधे तौर पर जुए की समस्याओं से जुड़े थे। लेकिन ऑनलाइन सट्टेबाजी की उपलब्धता बढ़ने के बीच यह जनसंख्या-स्तर का ऐसा संकेत देता है जिसकी जांच जरूरी है।
आगे क्या
निष्कर्ष इस बात पर निरंतर शोध की आवश्यकता बताते हैं कि खेल सट्टेबाजी के वैधीकरण से कौन सबसे अधिक प्रभावित होता है, कौन-से सहयोग सबसे प्रभावी हैं और राज्य आर्थिक परिणामों के साथ व्यवहारिक स्वास्थ्य प्रभावों की निगरानी कैसे कर सकते हैं।
वे उन लोगों के लिए सहायता सुलभ बनाने के महत्व को भी रेखांकित करते हैं जिन्हें लगता है कि उनका जुआ नियंत्रित करना कठिन होता जा रहा है। उपचार और पेशेवर सहायता मानसिक स्वास्थ्य लक्षणों के साथ-साथ संबंधों, रोजगार और वित्त पर जुए के प्रभावों से भी निपट सकती है।
जैसे-जैसे अधिक क्षेत्र नए सट्टेबाजी कानूनों पर विचार कर रहे हैं, जॉन्स हॉपकिन्स का विश्लेषण एक मापने योग्य चिंता सामने रखता है: कानूनी पहुंच के साथ अवसाद और चिंता के उपचार की मांग बढ़ सकती है। यह संबंध सट्टेबाजी के सीधे प्रभाव, संबंधित तनाव या कई कारकों के संयोजन को दर्शाता है—यह तय करने के लिए आगे अध्ययन जरूरी होगा।
अध्ययन का विवरण
- शोधकर्ताओं ने 2016 से 2023 तक के स्वास्थ्य बीमा रिकॉर्ड की समीक्षा की।
- विश्लेषण में नियोक्ता-प्रायोजित बीमा वाले 18 से 64 वर्ष के वयस्क शामिल थे।
- अध्ययन की तुलना में वैधीकरण के बाद अवसाद और चिंता की दवाओं का उपयोग लगभग 5% बढ़ा।
- बाह्य रोगी अवसाद और चिंता निदान में लगभग 5% से 7% की वृद्धि हुई।
- शोध 14 अक्टूबर, 2026 को JAMA Psychiatry में प्रकाशित हुआ।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com




