मिनेसोटा ने nudification ऐप्स को निशाना बनाने वाले नए कानून को लागू करना शुरू किया
मिनेसोटा ने शनिवार से एक नया कानून लागू करना शुरू किया, जो तथाकथित nudification टूल्स को निशाना बनाता है। यह श्रेणी ऐसे सेवाओं को संदर्भित करती है जो पहचाने जा सकने वाले लोगों की तस्वीरों को बदलकर अंतरंग शरीर के हिस्से उजागर करती हैं। यह कानून इस बात से परे जाकर लागू होता है कि टूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करता है या कोई अन्य स्वचालित तरीका, और यह उस तकनीक देने वाली कंपनियों के लिए एक असामान्य रूप से कठोर देयता ढांचा बनाता है।
दिए गए स्रोत पाठ के अनुसार, यह कानून पीड़ितों को ऐप प्रदाताओं पर मुकदमा करने की अनुमति देता है और किसी बदली हुई छवि को बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि उस छवि को हर बार देखे जाने पर भी 5,00,000 डॉलर तक के जुर्माने की अनुमति देता है। यह विवरण उन प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए वित्तीय जोखिम को तेज़ी से बढ़ा देता है जिनके आउटपुट ऑनलाइन तेज़ी से फैल सकते हैं। एक ही बदली हुई छवि, जो बार-बार देखी या साझा की जाती है, एक बार के दंड से कहीं अधिक जोखिम पैदा कर सकती है।
संयुक्त राज्य जिला न्यायाधीश Donovan Frank ने xAI की एक अस्थायी निषेधाज्ञा की अंतिम समय की मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद यह कानून प्रभावी हुआ। स्रोत पाठ कहता है कि xAI, जिसे वहां Grok AI chatbot की निर्माता कंपनी के रूप में वर्णित किया गया है, ने दलील दी कि कानून इतना व्यापक है कि कुछ ऐसी छवि-निर्माण प्रक्रियाओं को भी शामिल कर सकता है जो स्पष्ट रूप से दुर्भावनापूर्ण नहीं हैं। लेकिन न्यायाधीश के तर्क का एक हिस्सा समय पर भी आधारित था। उन्होंने कहा कि xAI ने 29 जुलाई 2026 को अपनी याचिका दायर की, यानी कानून पर हस्ताक्षर होने के लगभग तीन महीने बाद और उसके लागू होने से केवल तीन दिन पहले, और लिखा कि इतनी देरी से यह संकेत मिलता है कि कथित नुकसान तत्काल नहीं था।
कानून nudification को कैसे परिभाषित करता है
दिए गए पाठ के अनुसार, मिनेसोटा nudification को इस तरह परिभाषित करता है कि किसी पहचाने जा सकने वाले व्यक्ति की फोटो को बदलकर “intimate parts” उजागर करना। यह भी बताया गया है कि “intimate parts” शब्द का दायरा एक अलग मिनेसोटा कानून से लिया गया है, जिसमें मानव के मुख्य जननांग क्षेत्र, कमर, भीतरी जांघ, नितंब, या स्तन शामिल हैं। कानून उस छवि-परिवर्तन पर केंद्रित है जिसे लगभग एक बटन दबाने भर से किया जा सकता है, न कि उस काम पर जिसमें पर्याप्त मैनुअल कलात्मकता या कौशल लगता हो।
यह अंतर इसलिए मायने रखता है क्योंकि इससे यह उपाय डिजिटल संपादन की हर किस्म के बजाय उन स्केलेबल, उपभोक्ता-सुलभ हेरफेर टूल्स को निशाना बनाने का प्रयास बन जाता है। व्यवहार में, यह नीति हाल के उन सिस्टमों की ओर खास तौर पर बनाई गई लगती है जो बेहद कम उपयोगकर्ता प्रयास में और बहुत बड़े पैमाने पर यौनीकृत नकली छवियां बना सकते हैं। कम-घर्षण निर्माण पर यह संकीर्ण ध्यान शायद इस बात का भी संकेत है कि कानून को एक उभरते उत्पाद वर्ग से जोड़कर देखा जा रहा है, न कि image editing पर व्यापक प्रतिबंध के रूप में।
फिर भी, स्रोत पाठ बताता है कि xAI का मुकदमा इस कानून को अति-विस्तृत बताकर चुनौती दे रहा है। कंपनी का तर्क है कि यह परिभाषा उन synthetic images तक पहुंच सकती है जिन्हें वह निर्दोष या व्यंग्यात्मक संदर्भ कहती है। स्रोत पाठ में दिए उदाहरणों में Trump प्रशासन के अधिकारियों की bathing suits में AI-generated images और Chris Christie तथा J.D. Pritzker को sumo mawashi में दिखाने वाली एक और image शामिल है।
तेज़ी से फैले image abuse पर प्रतिक्रिया
बड़ा संदर्भ यह है कि generative systems ने बिना सहमति के यौनीकृत छवियां बनाना और फैलाना कितनी तेजी से आसान बना दिया है। दिए गए पाठ के अनुसार, हाल के छुट्टियों के मौसम में Grok AI chatbot को लोगों की बिना सहमति वाली यौनीकृत या कम कपड़ों वाली छवियों के निर्माण से जोड़ा गया। इसमें यह अनुमान भी दिया गया है कि Grok ने बच्चों की ऐसी 23,000 छवियां बनाईं। यदि यह आंकड़ा सही है, तो यह समझने में मदद करता है कि विधायकों ने केवल revenge porn या harassment frameworks पर निर्भर रहने के बजाय product-level liability की ओर रुख क्यों किया है।
मिनेसोटा का तरीका इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि यह जिम्मेदारी केवल अंतिम उपयोगकर्ता पर नहीं, बल्कि टूल प्रदाता पर डालता दिखाई देता है। यह वर्तमान AI बाजार में महत्वपूर्ण है, जहां प्लेटफ़ॉर्म अक्सर पैमाना, गति और आसान पहुंच पर जोर देते हैं। एक ऐसा कानून जो किसी बदली हुई छवि के हर access पर कड़े दंड लगा सकता है, वह प्रोत्साहनों को बदल देता है। प्रदाताओं को रिलीज़ से पहले मजबूत सुरक्षा उपाय, abuse पता चलने के बाद तेज़ प्रतिक्रिया प्रणाली, और prompts, uploads, या public sharing features पर सख्त प्रतिबंध अपनाने पड़ सकते हैं।
स्रोत पाठ कहता है कि X ने एक बयान पोस्ट किया जिसमें संकेत दिया गया कि इस व्यवहार को सक्षम करने वाली क्षमताएं सीमित कर दी गई हैं। इससे लगता है कि कम-से-कम कुछ platform operators पहले से ही मान रहे हैं कि moderation और product controls टाले नहीं जा सकते। लेकिन मिनेसोटा का कानून इस तर्क को आगे बढ़ाता है, क्योंकि यह सुरक्षा-खामियों को संभावित रूप से सीधे कानूनी और आर्थिक समस्या बना देता है।
यह मामला मिनेसोटा से आगे क्यों मायने रख सकता है
तत्काल प्रभाव स्थानीय है, लेकिन इसके निहितार्थ व्यापक हैं। अन्य जगहों की विधानसभाएं ऐसे generative tools को नियंत्रित करने के तरीकों पर काम कर रही हैं, जो बड़े पैमाने पर यथार्थवादी अपमानजनक सामग्री बना सकते हैं। मिनेसोटा का मॉडल एक ठोस उत्पाद-परिभाषा, निजी प्रवर्तन, और बड़े नागरिक दंडों को जोड़ता दिखता है। यदि यह भविष्य की कानूनी चुनौतियों से बच जाता है, तो यह तेज़ रास्ता तलाश रहे अन्य राज्यों के लिए एक नमूना बन सकता है।
यह कानूनी विवाद AI governance में एक परिचित तनाव को भी उजागर करता है। कंपनियां अक्सर तर्क देती हैं कि अत्यधिक व्यापक नियम वैध अभिव्यक्ति, व्यंग्य, या प्रयोग को भी पकड़ सकते हैं। विधायकों और पीड़ितों के समर्थकों का कहना है कि तकनीक की सामाजिक लागत अब काल्पनिक नहीं रही, खासकर तब जब सिस्टम सामान्य लोगों से जुड़ी हानिकारक सामग्री लगभग बिना तकनीकी कौशल के बना सकते हैं। मिनेसोटा, कम-से-कम, यह संकेत दे रहा है कि automated nudification को अधिक जोखिम वाले नियामक वर्ग में रखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा, यह संभवतः मुकदमेबाज़ी और अनुपालन दोनों पर निर्भर करेगा। xAI कानून को लागू होने से पहले रोकने में सफल नहीं हुआ, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्यापक संवैधानिक या वैधानिक लड़ाई खत्म हो गई है। अभी के लिए, हालांकि, मिनेसोटा बहस से प्रवर्तन की ओर बढ़ चुका है। एक ऐसी नीति-क्षेत्र में जहां कई सरकारें अभी भी समस्या का अध्ययन कर रही हैं, यह अकेले ही महत्वपूर्ण है।
यह लेख Gizmodo की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
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