संसद में निगरानी को लेकर बहस फिर लौट आई

अमेरिकी हाउस नेतृत्व ने Foreign Intelligence Surveillance Act के सेक्शन 702 को पुनः अधिकृत करने के लिए एक समझौता विधेयक जारी किया है। यह निगरानी प्राधिकरण सरकार को विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करने की अनुमति देता है, लेकिन लंबे समय से चिंता का विषय रहा है क्योंकि इस प्रक्रिया में अमेरिकियों के संचार भी शामिल हो सकते हैं। नया प्रस्ताव कार्यक्रम को तीन और वर्षों के लिए बढ़ाएगा।

कानून निर्माताओं के लिए राजनीतिक समस्या परिचित है। सेक्शन 702 वाशिंगटन के सबसे महत्वपूर्ण खुफिया उपकरणों में से एक बना हुआ है, लेकिन यह उन कई घटनाओं से भी जुड़ा रहा है जिनमें संघीय एजेंटों ने अमेरिकियों से जुड़ी जानकारी खोजी, जिनमें प्रदर्शनकारी, पत्रकार, दानदाता और कांग्रेस के सदस्य शामिल हैं। इसी तनाव ने हर नवीनीकरण लड़ाई को खुफिया संग्रह और घरेलू नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच सीमा तय करने की जंग बना दिया है।

नए बिल में क्या बदलता है, और क्या नहीं

दिए गए स्रोत पाठ के अनुसार, नए हाउस समझौते में निगरानी से जुड़ी कई धाराएं जोड़ी गई हैं, जिनका उद्देश्य कानून निर्माताओं की बढ़ती आपत्तियों का जवाब देना है। एक उदाहरण के तहत FBI को हर महीने ऐसे हर क्वेरी के लिए लिखित औचित्य भेजना होगा, जो किसी अमेरिकी पहचानकर्ता का उपयोग करके सेक्शन 702 डेटा के खिलाफ चलाया गया हो, और यह औचित्य Office of the Director of National Intelligence के वकीलों को भेजा जाएगा।

कागज पर यह नियंत्रणों को काफी सख्त करना जैसा लगता है। व्यवहार में, स्रोत पाठ का तर्क है कि ये सुधार मुख्यतः दिखावटी हैं, क्योंकि वे उन निगरानी कार्यों को दोहराते हैं जो पहले ही अन्य रूपों में मौजूद थे और वे FBI की अमेरिकियों के संचार की बिना वारंट खोज करने की मूल शक्ति को नहीं बदलते।

यह अंतर केंद्रीय है। नया उपाय प्रक्रिया, रिपोर्टिंग और समीक्षा जोड़ सकता है, लेकिन वह उस मूल कानूनी शक्ति को नहीं हटाता जिसे आलोचकों ने वर्षों से निशाना बनाया है। एक संघीय अदालत ने पिछले वर्ष उस तरह की वारंट-रहित खोज को असंवैधानिक ठहराया था, फिर भी प्रस्तावित समझौता उस मूल क्षमता को बनाए रखता है।

सेक्शन 702 की रक्षा करना क्यों कठिन होता जा रहा है

पहले सेक्शन 702 के नवीनीकरण विवाद मुख्यतः गुप्त ब्रीफिंग और खुफिया समुदाय पर भरोसे पर टिके होते थे। अब ऐसा करना कहीं कठिन है। यह प्राधिकरण राजनीतिक रूप से अस्थिर हो गया है, क्योंकि अतीत में संवेदनशील घरेलू लक्ष्यों से जुड़ी खोजों पर सार्वजनिक रिपोर्टिंग हुई है और इसलिए भी कि मौजूदा सुरक्षा उपायों के कमजोर या त्याग दिए जाने की व्यापक आशंका है।

स्रोत पाठ का कहना है कि पहले FBI के दुरुपयोग को रोकने के लिए सराहे गए निगरानी तंत्र वर्तमान प्रशासन के तहत समाप्त कर दिए गए हैं। इससे यह चिंता और बढ़ गई है कि कांग्रेस से एक शक्तिशाली निगरानी कार्यक्रम को नवीनीकृत करने को कहा जा रहा है, जबकि वह ऐसे सुरक्षा घेरों पर निर्भर है जो या तो जितने बताए जा रहे हैं उतने मजबूत नहीं हैं या अब सार्थक रूप से काम ही नहीं कर रहे।

समय ने भी जांच को और तीखा किया है। स्रोत पाठ न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देता है, जिसके अनुसार मार्च में FBI एजेंटों ने निदेशक की गर्लफ्रेंड पर फरवरी में छपे एक लेख के बाद रिपोर्टर एलिज़ाबेथ विलियमसन से संबंधित सामग्री के लिए संघीय डेटाबेस खोजे। ब्यूरो ने यह नहीं बताया कि कौन-से डेटाबेस खोजे गए या क्या सेक्शन 702 की जानकारी शामिल थी, लेकिन इस घटना ने बहस में तात्कालिकता जोड़ दी, क्योंकि इसने दिखाया कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील खोजें सामने आते ही सार्वजनिक भरोसा कितनी आसानी से टूट सकता है।

राजनीतिक विफलता से बना बिल

यह समझौता हाउस स्पीकर माइक जॉनसन के 18 महीने के साफ-सुथरे विस्तार को सुरक्षित करने के एक पहले प्रयास के विफल होने के बाद सामने आया। उस झटके ने रिपब्लिकन नेतृत्व को फिर से बातचीत की मेज पर लौटने को मजबूर किया और मौजूदा पैकेज तैयार हुआ, जिसमें विस्तार के साथ-साथ संशयवादियों को आश्वस्त करने के लिए रखी गई धाराएं भी शामिल हैं।

समझौते की संरचना राजनीतिक उलझन को उजागर करती है। सेक्शन 702 के समर्थक निरंतरता चाहते हैं और तर्क देते हैं कि खुफिया एजेंसियों को बिना व्यवधान काम करने के लिए यह अधिकार चाहिए। विरोधी वारंट की शर्त या अमेरिकियों के संचार को खोजे जाने से पहले अधिक सख्त कानूनी बाधा चाहते हैं। बातचीत से बना यह बिल अधिक कागजी कार्रवाई, अधिक दस्तावेज़ीकरण और अधिक निगरानी भाषा देकर दोनों शिविरों के बीच पुल बनाने की कोशिश करता है, लेकिन उस मूलभूत बदलाव को नहीं करता जिसे आलोचक सबसे अधिक चाहते हैं।

यह वोट जुटाने में मदद कर सकता है, लेकिन यह नागरिक स्वतंत्रता समर्थकों और उन कानून निर्माताओं की ओर से नए सिरे से आलोचना भी सुनिश्चित करता है जो मानते हैं कि कांग्रेस सुधार की भाषा में यथास्थिति वाली निगरानी शक्ति को सिर्फ पैक कर रही है।

बड़ा नीति प्रश्न

सेक्शन 702 पर विवाद केवल एक डेटाबेस क्वेरी प्रक्रिया के बारे में नहीं है। यह इस प्रश्न के बारे में है कि क्या कांग्रेस मानती है कि जब अमेरिकियों के संचार शामिल हों, तब वारंट के बदले निगरानी पर्याप्त हो सकती है। हाउस प्रस्ताव का जवाब प्रतीत होता है: हां। आलोचकों का कहना है कि वर्षों के दुरुपयोग विवादों और एक अदालत के उस फैसले के बाद, जिसने बिना वारंट खोजों की संवैधानिकता को सीधे चुनौती दी, यह जवाब अब लगातार अधिक कठिन होता जा रहा है।

आगामी लड़ाई इसलिए शायद इस बात पर कम केंद्रित होगी कि सेक्शन 702 होना चाहिए या नहीं, और इस पर अधिक कि क्या कानून निर्माता इस बात को बदलने को तैयार हैं कि अमेरिकी व्यक्तियों के संचार दायरे में आने पर उसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। यदि नया बिल नेतृत्व द्वारा बनाया जा सकने वाला सर्वोत्तम समझौता है, तो वाशिंगटन में बहस अब हाशिये के सुधारों के बारे में नहीं है। यह इस बारे में है कि क्या प्रक्रियागत सुधारों का इस्तेमाल कठिन संवैधानिक विकल्प से बचने के लिए किया जा रहा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

सेक्शन 702 खुफिया, पुलिसिंग और नागरिक अधिकारों के संगम पर स्थित है। FBI की मूल वारंट-रहित खोज शक्ति को बदले बिना इसका पुनःअधिकार देना यह संकेत देगा कि कांग्रेस अब भी संरचनात्मक रोकथाम की तुलना में अतिरिक्त निगरानी को प्राथमिकता देती है। हाल के अदालत के फैसले और स्रोत सामग्री में वर्णित राजनीतिक रूप से संवेदनशील खोजों के इतिहास को देखते हुए, यह विकल्प इस नवीनीकरण चक्र से कहीं आगे तक विवादित रहने की संभावना है।

यह लेख Wired की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on wired.com