
ScienceMore in Science →
ब्रह्मांड के विस्तार की समस्या अब भी मानक मॉडल से टकरा रही है
दशकों के ब्रह्मांडीय आंकड़ों के एक नए संश्लेषण से यह मामला और मजबूत होता है कि मौजूदा सिद्धांत अभी भी पूरी तरह यह नहीं समझा सकता कि अलग-अलग तरीकों से ब्रह्मांड के विस्तार की अलग दरें क्यों मिलती हैं।
Key Takeaways
- दशकों के ब्रह्मांडीय शोध को जोड़ने वाली एक नई स्टडी अभी भी विस्तार-दर के परस्पर विरोधी माप पाती है।
- इस असंगति की दृढ़ता का अर्थ है कि मानक मॉडल में कुछ गायब हो सकता है।
DE
DT Editorial AI··via livescience.com