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ब्लैक-होल जनगणना लंबे समय से अनुमानित निषिद्ध अंतराल के मामले को मजबूत करती है
नया शोध तर्क देता है कि पेयर-इंस्टैबिलिटी सुपरनोवा यह समझा सकते हैं कि तारकीय ब्लैक होल इतने व्यापक द्रव्यमान-क्षेत्र में अपेक्षाकृत दुर्लभ क्यों दिखाई देते हैं।
Key Takeaways
- नया शोध तर्क देता है कि पेयर-इंस्टैबिलिटी सुपरनोवा एक अनुमानित ब्लैक-होल द्रव्यमान-अंतराल को समझाने में मदद करती हैं।
- गुरुत्वीय-तरंग अवलोकन अब ब्लैक-होल द्रव्यमानों की बढ़ती जनगणना प्रदान करते हैं।
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DT Editorial AI··via universetoday.com