डार्क मैटर का एक ही विचार कई खगोलभौतिकीय रहस्यों के खिलाफ परखा जा रहा है
डार्क मैटर आधुनिक भौतिकी के सबसे लगातार अनसुलझे प्रश्नों में से एक बना हुआ है। खगोलविद इसकी उपस्थिति का अनुमान आकाशगंगाओं के घूमने के तरीके, द्रव्यमान द्वारा प्रकाश के मुड़ने, और पूरे ब्रह्मांड में संरचना के निर्माण से लगाते हैं, लेकिन इसके मूल कणों की अभी तक सीधे पहचान नहीं हुई है। अब, प्रदान किए गए स्रोत पाठ के अनुसार, UC Riverside के भौतिक विज्ञानी Hai-Bo Yu के नेतृत्व वाली एक टीम ने एक ऐसा मॉडल प्रस्तावित किया है जिसमें स्व-परस्पर क्रिया करने वाला डार्क मैटर एक साथ तीन अलग-अलग अवलोकन संबंधी पहेलियों की व्याख्या कर सकता है।
Physical Review Letters में प्रकाशित और Core-Collapsed SIDM Halos as the Common Origin of Dense Perturbers in Lenses, Streams, and Satellites शीर्षक वाले इस अध्ययन का तर्क है कि डार्क मैटर हैलो में स्व-परस्पर क्रियाओं के जरिए बने अत्यंत सघन गुच्छे गुरुत्वीय लेंसिंग, तारकीय धाराओं और उपग्रह आकाशगंगाओं में दिखने वाले संकेतों की व्याख्या कर सकते हैं। यदि यह विचार सही साबित होता है, तो यह डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज नहीं होगी, लेकिन यह अन्यथा असंबद्ध खगोलीय विसंगतियों के लिए अधिक एकीकृत व्याख्या देगा।
स्व-परस्पर क्रिया करने वाला डार्क मैटर अलग क्यों है
मानक ब्रह्मांडीय चित्र, जिसे अक्सर Lambda Cold Dark Matter या Lambda-CDM कहा जाता है, आम तौर पर डार्क मैटर को ठंडा और टकराव-रहित मानता है। सरल शब्दों में, इसका मतलब है कि इसके कण गुरुत्वाकर्षण के अलावा एक-दूसरे के साथ सार्थक रूप से परस्पर क्रिया नहीं करते। यह मॉडल बड़े पैमानों पर बहुत प्रभावी रहा है और ब्रह्मांडीय संरचना के विकास की व्याख्या करने में मदद करता है, लेकिन जब शोधकर्ता छोटे पैमाने की घटनाओं को करीब से देखते हैं, तब भी कुछ तनाव और अनसुलझे विवरण बने रहते हैं।
Yu का प्रस्ताव स्व-परस्पर क्रिया करने वाले डार्क मैटर, यानी SIDM, पर केंद्रित है। प्रदान किए गए स्रोत पाठ में इस प्रकार के डार्क मैटर को ऐसे कणों से बना बताया गया है जो टकरा सकते हैं और ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इन अंतःक्रियाओं से लेख के अनुसार gravothermal collapse हो सकता है, जिससे सघन कोर बनते हैं और उनका द्रव्यमान लगभग दस लाख सौर द्रव्यमान तक पहुंच सकता है। स्रोत एक उपयोगी उपमा देता है: ऐसे समूह के विपरीत जिसमें सदस्य एक-दूसरे की अनदेखी करते हैं, SIDM ऐसे समूह की तरह व्यवहार करता है जिसमें हर कोई लगातार एक-दूसरे से टकरा रहा हो।
यह अंतर महत्वपूर्ण है क्योंकि आंतरिक परस्पर क्रियाएं डार्क मैटर हैलो की संरचना को बदल सकती हैं। टकराव-रहित डार्क मैटर की तरह उसी रूप में फैले रहने के बजाय, कुछ क्षेत्र सघन perturbors में ढह सकते हैं जो मापनीय गुरुत्वीय संकेत छोड़ते हैं।
तीन पहेलियां, एक प्रस्तावित व्याख्या
अध्ययन की ताकत उसकी एकीकरण की कोशिश में है। हर विसंगति के लिए अलग व्याख्या गढ़ने के बजाय, शोधकर्ताओं का तर्क है कि सघन डार्क मैटर संरचनाओं की वही श्रेणी कई अवलोकनों का आधार हो सकती है।
प्रदान किए गए स्रोत पाठ में उद्धृत पहला उदाहरण JVAS B1938+666 है, जो एक प्रसिद्ध गुरुत्वीय लेंस प्रणाली है। ऐसी प्रणालियों में, अग्रभूमि का द्रव्यमान पृष्ठभूमि वस्तु के प्रकाश को मोड़ता है, और अक्सर चाप या वलय जैसी आकृतियां बनती हैं। पाठ कहता है कि इस प्रणाली में एक अत्यंत सघन वस्तु के प्रमाण हैं, जिसकी गुरुत्वीय भूमिका की व्याख्या करनी होगी। सघन SIDM गुच्छों को एक संभावित स्रोत के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
दूसरा उदाहरण GD-1 है, जो पुराने, धातु-गरीब तारों की एक तारकीय धारा है। इस धारा में गैप और एक spur हैं, जो संकेत देते हैं कि इसे किसी अदृश्य विशाल वस्तु ने扰ित किया था। शोधकर्ता लंबे समय से तारकीय धाराओं पर बने इन निशानों का उपयोग डार्क मैटर उपसंरचना के संभावित जाँच बिंदु के रूप में करते रहे हैं। नया अध्ययन तर्क देता है कि एक ढहा हुआ SIDM halo इस भूमिका में फिट बैठ सकता है।
तीसरा साक्ष्य उपग्रह आकाशगंगाओं से जुड़ा है। हालांकि प्रदान किया गया अंश इस भाग का पूरा विवरण देने से पहले ही कट जाता है, फिर भी यह स्पष्ट रूप से कहता है कि मॉडल का उद्देश्य लेंस, streams, और satellites में dense perturbers को जोड़ना है। यह ढांचा दर्शाता है कि लेखक उसी halo-collapse तंत्र को तीनों परिवेशों में प्रासंगिक मानते हैं।
प्रत्यक्ष खोज के बिना भी यह क्यों महत्वपूर्ण है
डार्क मैटर अनुसंधान अक्सर प्रत्यक्ष पकड़ के बजाय अप्रत्यक्ष अनुमान के जरिए आगे बढ़ता है। चूंकि यह पदार्थ सामान्य तरीके से प्रकाश नहीं उत्सर्जित करता, वैज्ञानिक इसके गुरुत्वीय पदचिह्न पर निर्भर रहते हैं। SIDM प्रस्ताव को उल्लेखनीय बनाने वाली बात यह है कि यह उस पदचिह्न का अधिक उपयोगी तरीके से लाभ उठाने की कोशिश करता है। अजीब अवलोकनों को अलग-अलग अपवाद मानने के बजाय, यह पूछता है कि क्या वे डार्क मैटर सूक्ष्मभौतिकी में किसी साझा उत्पत्ति से जुड़े हैं।
यदि ऐसा है, तो सैद्धांतिक रूप से एक अधिक सीमित और संभावित रूप से अधिक परखी जा सकने वाली रूपरेखा मिलेगी। एक अच्छा मॉडल केवल बाद में एक अजीब मामले की व्याख्या नहीं करता। वह एक व्यापक पैटर्न की भविष्यवाणी करता है जिसे नए डेटा में जांचा जा सके। कोई मॉडल जितने अधिक स्वतंत्र घटनाक्रमों की बिना मनमानी हुए व्याख्या कर सके, वह उतना ही अधिक विश्वसनीय बनता है।
इसका मतलब यह नहीं कि मामला तय हो गया है। स्रोत पाठ इस कार्य को एक प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत करता है, न कि किसी पुष्टि की गई सफलता के रूप में। डार्क मैटर सिद्धांतों का इतिहास ऐसे आशाजनक विचारों से भरा है जिन्हें अधिक विस्तृत सिमुलेशनों या नई टिप्पणियों के सामने आगे जांच का सामना करना पड़ा। लेकिन इस अध्ययन की विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षा ठीक वही है जिसे कई भौतिक विज्ञानी किसी परिकल्पना पर सतत ध्यान देने लायक मानते हैं।
आगे क्या
मॉडल की असली परीक्षा यह होगी कि भविष्य की टिप्पणियां इसकी अपेक्षाओं से मेल खाती रहती हैं या नहीं। बेहतर लेंसिंग माप, तारकीय धाराओं की अधिक सटीक मैपिंग, और छोटे उपग्रह तंत्रों के अधिक विस्तृत अध्ययन तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं। यदि सघन perturbors वहीं दिखाई देते रहते हैं जहां SIDM उन्हें होने की भविष्यवाणी करता है, तो इस ढांचे में विश्वास बढ़ेगा। यदि नहीं, तो यह उन डार्क मैटर विचारों की लंबी सूची में शामिल हो जाएगा जो संकेतपूर्ण तो थे लेकिन अधूरे रहे।
फिर भी, यह शोध क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। डार्क मैटर की जांच अब केवल भूमिगत डिटेक्टरों में कणों की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि संरचना, व्यवहार और अंतःक्रिया पर भी केंद्रित हो रही है। खगोलीय सर्वेक्षण और ब्रह्मांडीय प्रणालियों की सटीक मैपिंग, अन्य तरीकों से कण भौतिकी की प्रयोगशालाएं बनती जा रही हैं।
डार्क मैटर बहस में एक सतर्क लेकिन महत्वपूर्ण कदम
प्रदान किया गया स्रोत पाठ यह दावा नहीं करता कि डार्क मैटर मिल गया है। यह यह भी नहीं दिखाता कि स्व-परस्पर क्रिया करने वाले कण वास्तविक हैं। यह जो प्रस्तुत करता है, वह एक गंभीर प्रयास है जो ज्ञात गुरुत्वीय प्रभावों पर आधारित एक सैद्धांतिक तंत्र के साथ तीन खगोलभौतिकीय रहस्यों को हल करने की कोशिश करता है, और वह भी एक अग्रणी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के रूप में।
अनुपस्थिति से परिभाषित क्षेत्र के लिए यह महत्वपूर्ण है। हर विश्वसनीय मॉडल जो कई अवलोकनों को जोड़ता है, संभावित व्याख्याओं के दायरे को सीमित करता है। संभव है कि Yu और सहयोगियों ने सही रास्ता पहचान लिया हो या न भी किया हो, लेकिन उन्होंने विज्ञान की सबसे बड़ी अनसुलझी समस्याओं में से एक के लिए एक अधिक एकीकृत विकल्प जरूर जोड़ा है।
डार्क मैटर अनुसंधान में, यह वास्तविक प्रगति मानी जाती है।
यह लेख Universe Today की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on universetoday.com



