कक्षा में एक starshade पृथ्वी-आधारित विशाल telescopes को एक नया काम दे सकती है

NASA-समर्थित एक अवधारणा खगोल विज्ञान के सबसे कठिन लक्ष्यों में से एक तक पहुंचने का एक अलग रास्ता सुझा रही है: nearby stars के आसपास rocky, Earth-sized exoplanets की सीधे imaging करना। पूरी तरह space-based observatory पर निर्भर रहने के बजाय, यह विचार एक free-flying orbital starshade को अगली पीढ़ी के अत्यंत विशाल ground telescopes के साथ जोड़ने का प्रस्ताव करता है।

Hybrid Observatory for Earth-like Exoplanets, या HOEE, नामक यह अवधारणा लक्ष्य star की अत्यधिक चमक को telescope तक पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए बनाई गई है। यदि यह योजना के अनुसार काम करती है, तो astronomers nearby planetary systems में छोटे rocky worlds से परावर्तित optical light को सीधे देख सकेंगे, बजाय इसके कि उनके अस्तित्व का अनुमान अप्रत्यक्ष रूप से लगाया जाए।

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि Earth-like exoplanets को देखना बेहद कठिन है। दिए गए स्रोत-पाठ के अनुसार, optical light में देखा गया एक rocky planet अपने parent star से लगभग एक अरब गुना धुंधला हो सकता है। यही contrast समस्या मुख्य बाधा है। starshade का उद्देश्य इसे एक कृत्रिम eclipse जैसा प्रभाव पैदा करके हल करना है।

hybrid system कैसे काम करेगा

HOEE अवधारणा में, starshade पृथ्वी के चारों ओर एक elliptical orbit से काम करेगा और observing telescope की line of sight से लगभग 175,000 किलोमीटर दूर स्थित होगा। स्रोत-पाठ कहता है कि पहला संभावित संयोजन northern Chile में स्थित European Southern Observatory के Extremely Large Telescope के साथ होगा, जिसे वर्तमान योजना के अनुसार late 2030 तक scientific first light मिलनी है।

starshade telescope और target star के ठीक बीच में रहेगा, जिससे starlight दब जाएगी और orbiting planet से परावर्तित light पृष्ठभूमि से उभर सकेगी। इससे Earth से लगभग 20 light-years के भीतर स्थित targets पर ground-based optical observations संभव होंगी।

स्रोत-पाठ में वर्णित design महत्वाकांक्षी है। प्रस्तावित starshade में 50-meter का central disk और 48 petals होंगे, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 24.5 meters होगी। इसका काम केवल मोटे तौर पर light block करना नहीं होगा, बल्कि project team के अनुसार telescope पर एक अत्यंत नियंत्रित shadow डालना होगा। ऐसा करने के लिए spacecraft को लगभग छह meters की सटीकता के साथ पुनःस्थित होना पड़ेगा, संभवतः hot hydrogen gas से संचालित microthrusters का उपयोग करके।

यह precision requirement चुनौती को रेखांकित करती है। यह प्रणाली एक star, हजारों किलोमीटर दूर एक spacecraft, और पृथ्वी पर बने सबसे बड़े telescopes में से एक के बीच सटीक alignment पर निर्भर करती है। इसका आकर्षण यह है कि यह उसी लक्ष्य के लिए एक dedicated flagship space mission बनाने से जुड़ी लागत और समय-सीमा की बाधाओं को कुछ हद तक बायपास कर सकती है।

शोधकर्ता क्यों मानते हैं कि यह तरीका एक खाली जगह भर सकता है

HOEE के पीछे तर्क यह है कि मौजूदा और निकट भविष्य के उपकरण optical light में Earth-like exoplanets को सीधे देखने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। दिए गए स्रोत-पाठ में विशेष रूप से कहा गया है कि James Webb Space Telescope का Near Infrared Camera और NASA के Roman Space Telescope पर प्रस्तावित coronagraph true Earth analogs को सीधे देखने में सक्षम नहीं हैं।

इस सीमा ने exoplanet विज्ञान को transits और radial velocity measurements जैसी अप्रत्यक्ष विधियों की ओर धकेला है, जो शक्तिशाली तो हैं, लेकिन किसी ग्रह का वही प्रकार का प्रत्यक्ष optical view नहीं देतीं। direct imaging अधिक समृद्ध characterization के द्वार खोल सकती है, विशेषकर nearby stars के आसपास rocky planets को समझने के लिए।

HOEE टीम का तर्क मूलतः व्यावहारिक है: space telescopes और ground telescopes को अलग-अलग रास्तों के रूप में देखने के बजाय, पहले से बन रहे observatories की पहुंच बढ़ाने के लिए starshade का उपयोग किया जाए। स्रोत-पाठ में project team member Vladimir Airapetian इस अवधारणा को उन विकल्पों की तुलना में अधिक कुशल और जल्दी उपलब्ध होने वाली चीज़ के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो अभी भी deployment से दूर हैं।

इसका अर्थ यह नहीं कि अवधारणा परिपक्व हो चुकी है। टीम ने NASA के Innovative Advanced Concepts program के तहत Phase B support के लिए आवेदन किया है, और 2027 तक इस funding को सुरक्षित करने की उम्मीद कर रही है। NIAC को प्रारंभिक, उच्च-लाभ वाले विचारों को समर्थन देने के लिए जाना जाता है, इसलिए यह आवेदन commitment से अधिक संभावना का संकेत है।

सफलता क्या बदल सकती है

यदि यह अवधारणा आगे बढ़ती है, तो इसका वैज्ञानिक लाभ पर्याप्त हो सकता है। nearby rocky worlds की direct optical imaging उन planetary systems के अध्ययन के लिए एक नया रास्ता देगी जो अब तक direct-imaging प्रयासों में हावी रहे gas giants और hot exoplanets की तुलना में हमारे solar neighborhood से अधिक मिलते-जुलते हैं।

target list भी उल्लेखनीय है। लगभग 20 light-years के भीतर स्थित systems पर ध्यान देकर, यह अवधारणा nearby stars के एक छोटे लेकिन वैज्ञानिक रूप से मूल्यवान समूह को लक्ष्य बनाती है, जहां पाए गए किसी भी rocky planet पर atmospheric और comparative planetology studies के लिए विशेष follow-up किया जा सकेगा।

उतना ही महत्वपूर्ण यह है कि HOEE astronomy में hybrid architectures की व्यापक दिशा को दर्शाता है। space telescopes और ground telescopes को अलग मानने के बजाय, यह अवधारणा दोनों की ताकतों को जोड़ती है। spacecraft उस light suppression को संभालता है जिसे पृथ्वी का वायुमंडल और पारंपरिक optics कठिन बनाते हैं, जबकि ground telescope विशाल collecting area प्रदान करता है, जिसकी space में नकल करना महंगा होगा।

जैसे-जैसे observatories अधिक सक्षम और अधिक महंगे हो रहे हैं, यह systems-level thinking अधिक आकर्षक होती जा रही है। अत्यंत विशाल telescope के साथ जुड़ा starshade एक मौजूदा terrestrial facility को distributed observatory का हिस्सा बना देगा।

दीर्घकालिक विचार, लेकिन ठोस वैज्ञानिक लक्ष्य

अवधारणा अध्ययन और संचालन के बीच अभी भी लंबी दूरी है। starshade को जटिल formation geometry, उच्च-सटीक control, और एक प्रमुख observatory के साथ निरंतर समन्वय की आवश्यकता होगी। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि Extremely Large Telescope अपनी मौजूदा समय-सीमा पर online आए और starshade परियोजना स्वयं NASA की concept pipeline में आगे बढ़े।

फिर भी HOEE प्रस्ताव इसलिए अलग दिखता है क्योंकि यह एक बहुत विशिष्ट frontier को लक्ष्य बनाता है: nearby systems में छोटे, rocky exoplanets की direct images प्राप्त करना। यह सामान्य technology demonstration की तुलना में कहीं स्पष्ट वैज्ञानिक उद्देश्य है, और engineering को observational astronomy के सबसे वांछित परिणामों में से एक से सीधे जोड़ता है।

अभी के लिए यह परियोजना NASA-समर्थित अवधारणा है, स्वीकृत mission नहीं। लेकिन मूल विचार स्पष्ट है। यदि astronomers अंतरिक्ष में एक सटीक आकार वाली, सटीक स्थिति वाली छाया रख सकें, तो पृथ्वी के सबसे बड़े telescopes अकेले जो नहीं कर सकते, वह कर पाएंगे: चमकीले stars के पास मौजूद धुंधली, rocky दुनिया को अलग पहचानना और अन्य Earth-like planets की खोज को प्रत्यक्ष रूप से सामने लाना।

This article is based on reporting by Universe Today. Read the original article.

Originally published on universetoday.com