मंगल के रहस्यमय चंद्रमा के लिए मिशन
Martian Moons eXploration मिशन, जिसे MMX कहा जाता है, 20 अक्टूबर 2026 को 04:41 JST पर Tanegashima Space Center से जापानी H3 रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित होने वाला है। यूरोप में यह 19 अक्टूबर को 21:41 CEST होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य फोबोस से सामग्री इकट्ठी कर पृथ्वी पर लाना है। European Space Agency के अनुसार MMX फोबोस से नमूना लाने वाला पहला मिशन और मंगल प्रणाली का दौरा करने के बाद पृथ्वी पर लौटने वाला पहला मिशन होगा।
मिशन का नेतृत्व Japan Aerospace Exploration Agency, या JAXA, कर रही है। इसमें NASA, France’s CNES, German Aerospace Center और ESA शामिल हैं। यह फोबोस का निकट से अध्ययन करेगा, सतह पर Idefix रोवर उतारेगा, नमूने एकत्र करेगा और मंगल तथा दूसरे छोटे चंद्रमा Deimos का अध्ययन करेगा।
फोबोस क्यों महत्वपूर्ण है
मंगल के दो चंद्रमा हैं: फोबोस और डिमोस। मंगल पर दशकों के मिशनों के बावजूद इनके बारे में जानकारी सीमित है। वैज्ञानिक अभी भी यह तय नहीं कर पाए हैं कि वे पकड़े गए क्षुद्रग्रह हैं या मंगल पर हुई विशाल टक्कर से निकले मलबे के अवशेष। फोबोस से सीधे लिए गए नमूने इन संभावनाओं में अंतर करने में मदद कर सकते हैं।

मिशन के वैज्ञानिक Elliot Sefton-Nash के अनुसार डेटा और लौटाए गए नमूने मंगल तथा सौरमंडल के विकास को समझने में मदद कर सकते हैं। मंगल लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले बनने के बाद काफी बदला है, इसलिए मंगल प्रणाली का अध्ययन पथरीले ग्रहों के निर्माण पर भी संकेत दे सकता है।
बेहद कम गुरुत्व में कठिन लैंडिंग
MMX का लक्ष्य फोबोस की कक्षा में जाने वाला, पृथ्वी के अलावा किसी अन्य चंद्रमा पर उतरने वाला और वहां से सतह के नमूने लेने वाला पहला अंतरिक्ष यान बनना है। इसके लिए बेहद कम गुरुत्व में उतरने, चलने और रोबोटिक तरीके से सामग्री एकत्र करने की विशेष तकनीक चाहिए।
मिशन में कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं। सात मुख्य अंतरिक्ष यान पर और चार Idefix रोवर पर हैं। मुख्य यान पहले दूर से फोबोस का अध्ययन करेगा, फिर रोवर उतारेगा और उसके बाद स्वयं उतरकर वापसी के लिए सामग्री एकत्र करेगा।
सिर्फ नमूना-वापसी का प्रयास नहीं
फोबोस मुख्य लक्ष्य है, लेकिन MMX मंगल प्रणाली की व्यापक जांच करेगा। वापसी के रास्ते में यान Deimos के पास से गुजरेगा और Deimos तथा मंगल का अतिरिक्त अवलोकन करेगा।

ESA तकनीकी महत्व पर भी जोर देती है। मंगल के चंद्रमा तक सफल यात्रा भविष्य के उन रोबोटिक मिशनों के लिए उपयोगी क्षमता दिखाएगी जो मंगल से स्वयं नमूने ला सकते हैं। लंबी अवधि में यह मंगल प्रणाली तक जाकर पृथ्वी लौटने की मानव अन्वेषण योजनाओं में मदद कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय ग्रह-विज्ञान की बड़ी परीक्षा
MMX जापान, अमेरिका और यूरोप की एजेंसियों को कक्षा-विज्ञान, रोवर संचालन, लैंडिंग और नमूना-वापसी वाले मिशन में जोड़ता है। इन सभी चरणों को फोबोस पर एक साथ पूरा करना इसे प्रक्षेपण के करीब पहुंच रहे जटिल ग्रह-अन्वेषण प्रयासों में शामिल करता है।
पहला पड़ाव Tanegashima से H3 प्रक्षेपण है। यदि मिशन योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो MMX फोबोस को दूर की तस्वीरों और सीमित फ्लाईबाय से आगे ले जाकर कक्षा, सतह और अंततः पृथ्वी की प्रयोगशालाओं में अध्ययन का विषय बनाएगा।
यह लेख esa.int की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on esa.int


