नई Euclid खोजें ब्रह्मांड के पहले एक अरब वर्षों से भी गहराई तक पहुंचती हैं
आधुनिक खगोलभौतिकी की सबसे कठिन समस्याओं में से एक यह समझाना है कि प्रारंभिक ब्रह्मांड में अतिद्रव्यमान ब्लैक होल इतनी तेजी से कैसे बढ़े। European Space Agency के Euclid अंतरिक्ष दूरबीन से क्वासरों की नई खोजें इस पहेली का सीधे समाधान नहीं करतीं, लेकिन वे ठीक उसी बिंदु पर महत्वपूर्ण डेटा जोड़ती हैं जहां खगोलविदों को इसकी सबसे अधिक जरूरत है: वह युग, जब ब्रह्मांड के शुरू होने के एक अरब वर्ष से भी कम समय बाद पहले विशाल ब्लैक होल पहले से ही चमक रहे थे।
प्रदत्त स्रोत पाठ के अनुसार, Astronomy & Astrophysics में हाल ही में प्रकाशित एक पेपर बताता है कि शोधकर्ताओं ने Euclid के विस्तृत-कोण सर्वेक्षण के पहले डेढ़ वर्ष के दौरान 31 नए क्वासर पाए। इनमें अब तक देखे गए सबसे दूरस्थ क्वासरों में से दो शामिल हैं। ये खोजें लगभग 3,000 वर्ग डिग्री आकाश कवरेज से सामने आईं, और इनके अनुवर्ती स्पेक्ट्रोस्कोपी अवलोकन Keck, Magellan, और Large Binocular Telescope वेधशालाओं का उपयोग करके किए गए।
यह संयोजन महत्वपूर्ण है। Euclid की सर्वेक्षण क्षमता बड़े आकाशीय क्षेत्रों में संभावित पिंडों की पहचान कर सकती है, लेकिन स्पेक्ट्रोस्कोपी यह पुष्टि करने में मदद करती है कि वे पिंड क्या हैं और ब्रह्मांडीय इतिहास में वे किस स्थान पर हैं। इस मामले में, परिणाम अत्यंत दूरस्थ क्वासरों का एक नया समूह है, जिसका उपयोग ब्रह्मांड के प्रारंभिक चरणों में ब्लैक होलों और आकाशगंगाओं के विकास का अध्ययन करने के लिए किया जा सकता है।
क्वासर इतने उपयोगी क्यों हैं
क्वासर ब्रह्मांड के सबसे चमकीले ज्ञात पिंडों में से हैं, इसलिए नहीं कि उनके केंद्रों के ब्लैक होल सीधे प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, बल्कि इसलिए कि गिरता हुआ पदार्थ भीतर की ओर सर्पिल बनाते हुए गरम हो जाता है। प्रदत्त लेख में Imperial College London के खगोलभौतिकीविद Daniel Mortlock का हवाला देते हुए मूल चित्र समझाया गया है: बड़ी आकाशगंगाओं में केंद्रीय अतिद्रव्यमान ब्लैक होल होते हैं, और जब पदार्थ उन ब्लैक होलों में गिरकर गरम होता है, तो वह आसपास की पूरी आकाशगंगा के सभी तारों से भी अधिक चमक सकता है। यही तेजस्वी उत्सर्जन खगोलविदों को क्वासर के रूप में दिखाई देता है।
सबसे दूरस्थ क्वासर विशेष रूप से मूल्यवान हैं क्योंकि वे बहुत युवा ब्रह्मांड के संकेत-चिह्न की तरह काम करते हैं। यदि खगोलविद इतने प्रारंभिक युग में पहले से ही विशाल और दीप्तिमान क्वासर देख सकते हैं, तो उसे शक्ति देने वाला ब्लैक होल बहुत तेजी से बना और बढ़ा होगा। यही गहरी पहेली का स्रोत है। मानक वृद्धि प्रक्रियाएँ यह समझाने में संघर्ष कर सकती हैं कि कुछ ब्लैक होल बिग बैंग के इतनी जल्दी बाद इतने विशाल कैसे हो गए।
दूसरे शब्दों में, हर नया उच्च-रेडशिफ्ट क्वासर केवल प्रकाश का एक बिंदु नहीं है। वह समय-निर्धारण, वृद्धि दर, और ब्रह्मांड के पहले कुछ सौ मिलियन वर्षों की पर्यावरणीय परिस्थितियों के बारे में प्रमाण है। ऐसे और पिंडों की खोज शोधकर्ताओं को प्रारंभिक ब्लैक होल विकास की कम किस्सागोई-आधारित, अधिक सांख्यिकीय तस्वीर बनाने में मदद करती है।
पहले क्वासरों और बाद की आकाशगंगाओं के बीच एक सेतु
नई Euclid खोजों का महत्व आंशिक रूप से नमूना-निर्माण में है। जब उदाहरण कुछ ही हों, तो दुर्लभ पिंडों को समझना कठिन होता है। सर्वेक्षण के पहले 18 महीनों में पहचाने गए 31 नए क्वासरों के साथ, खगोलविदों को चमक, दूरी, और अन्य गुणों की एक बड़े जनसमूह में तुलना करने के अधिक अवसर मिलते हैं। दो विशेष रूप से दूरस्थ खोजें इसलिए उल्लेखनीय हैं क्योंकि वे आकाशगंगा निर्माण की भोर की ओर अवलोकनों का विस्तार करती हैं।
प्रदत्त पाठ इन पिंडों को सबसे प्रारंभिक अतिद्रव्यमान ब्लैक होलों को समझने में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत करता है, और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह एक उचित व्याख्या है। विशाल सर्पिल आकाशगंगाएँ ब्रह्मांडीय समय के हर दौर में सामान्य हैं, और आज खगोलविद मानते हैं कि मिल्की वे सहित लगभग सभी बड़ी आकाशगंगाओं के केंद्रों में अतिद्रव्यमान ब्लैक होल स्थित होते हैं। प्रारंभिक ब्रह्मांड में सक्रिय क्वासर अवस्था का पता लगाना अतीत के तेजस्वी, ईंधन-समृद्ध ब्लैक होलों को आज देखे जाने वाले शांत आकाशगांकीय केंद्रों से जोड़ने में मदद करता है।
यही कारण है कि क्वासर, भले ही पहले की तुलना में सांस्कृतिक रूप से कम प्रमुख हों, वैज्ञानिक रूप से अब भी महत्वपूर्ण हैं। वे केवल असाधारण अपवाद नहीं हैं। वे ब्लैक होलों और आकाशगंगाओं के सह-विकास का अध्ययन करने का एक तरीका हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि प्रारंभिक तीव्र अभिवृद्धि ने तारों के निर्माण, आकाशगांकीय संरचना, और आसपास के अंतरआकाशगंगीय वातावरण को कैसे प्रभावित किया होगा।
खोज में Euclid की भूमिका
Euclid को व्यापक-क्षेत्र ब्रह्माण्डीय सर्वेक्षण के लिए डिजाइन किया गया था, और यह परिणाम उस रणनीति के मूल्य को दिखाता है। दुर्लभ उच्च-रेडशिफ्ट क्वासर आकाश में विरल रूप से फैले होते हैं, इसलिए उन्हें कुशलता से खोजने के लिए पहुँच और पैमाने दोनों की आवश्यकता होती है। स्रोत में उद्धृत लगभग 3,000 वर्ग डिग्री का सर्वेक्षण क्षेत्र इस बात को रेखांकित करता है। ये ऐसे लक्ष्य नहीं हैं जो छोटे, संकीर्ण अभियानों में आसानी से सामने आ जाएँ।
अनुवर्ती कार्य यह भी दिखाता है कि आधुनिक खगोलशास्त्र increasingly एक समन्वित प्रणाली के रूप में कैसे काम करता है। एक अंतरिक्ष दूरबीन आशाजनक उम्मीदवारों की पहचान कर सकती है, लेकिन पुष्टि अक्सर सही स्पेक्ट्रोस्कोपिक उपकरणों वाले बड़े भू-आधारित वेधशालाओं पर निर्भर करती है। Keck, Magellan, और Large Binocular Telescope ने इन खोजों की पुष्टि में भूमिका निभाई। सर्वेक्षण से खोज और विस्तृत पुष्टि तक का यह हस्तांतरण अब अग्रणी खगोलभौतिकी का केंद्रीय हिस्सा है।
व्यापक निहितार्थ यह है कि Euclid अपने सर्वेक्षण के विस्तार के साथ ऐसे और भी कई निष्कर्ष दे सकता है। पहले डेढ़ वर्ष में ही इसने दर्जनों नए क्वासर और अब तक ज्ञात सबसे दूरस्थ पिंडों में से दो उत्पन्न किए हैं। यदि यही गति बनी रहती है, तो यह दूरबीन प्रारंभिक ब्लैक होल निर्माण और वृद्धि के मॉडलों का परीक्षण करने के लिए उपलब्ध डेटा-समूह को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत कर सकती है।
एक पुराना प्रश्न, और अधिक स्पष्ट नए प्रमाण
स्रोत पाठ इस खोज को क्वासर अनुसंधान के लंबे इतिहास में रखता है, 1950 के दशक में रेडियो स्पेक्ट्रम में उनकी पहली पहचान से लेकर बाद में इस समझ तक कि वे अतिद्रव्यमान ब्लैक होलों द्वारा संचालित हैं। यह ऐतिहासिक क्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि क्षेत्र बुनियादी पहचान से उत्पत्ति-सम्बंधी प्रश्नों की ओर कैसे बढ़ा है। खगोलविद अब व्यापक अर्थ में यह नहीं पूछते कि क्वासर क्या हैं। वे पूछते हैं कि सबसे प्रारंभिक और सबसे चरम उदाहरण इतनी जल्दी कैसे प्रकट हुए, और इससे युवा ब्रह्मांड के बारे में क्या पता चलता है।
नई Euclid खोजें अभी अंतिम उत्तर नहीं देतीं। हालांकि, वे प्रमाण-आधार को बेहतर बनाती हैं। अधिक पुष्टि किए गए दूरस्थ क्वासर ऐसे पिंडों की सामान्यता, उनकी चमक, और अंतर्निहित ब्लैक होलों को कितना जल्दी इकट्ठा होना पड़ा होगा, इस पर बेहतर सीमाएँ देते हैं। सैद्धांतिक मॉडलों के लिए, यही वह प्रकार का अवलोकनात्मक दबाव है जो प्रगति को आगे बढ़ाता है।
फिलहाल, केंद्रीय निष्कर्ष सीधा है। Euclid के शुरुआती सर्वेक्षण डेटा ने पहले से ही क्वासरों का एक महत्वपूर्ण नया समूह उजागर किया है, जिसमें अब तक देखे गए सबसे दूरस्थ में से दो भी शामिल हैं। इससे खगोलविदों को ब्रह्मांड विज्ञान की सबसे स्थायी समस्याओं में से एक पर नया लाभ मिलता है: ब्रह्मांड ने अतिद्रव्यमान ब्लैक होल को इतनी तेजी से, इतनी जल्दी, और इतने विशाल पैमाने पर कैसे बनाया।
यह लेख Universe Today की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on universetoday.com

