एक मूलभूत क्वांटम प्रभाव हाइब्रिड सिमुलेटर में

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के भौतिकविदों ने एक हाइब्रिड क्वांटम कंप्यूटर का उपयोग करके क्वांटम सिमुलेशन में Aharonov–Bohm प्रभाव का अवलोकन किया है। यह प्रसिद्ध क्वांटम घटना पदार्थ और गेज क्षेत्रों के अध्ययन के लिए बनाए गए एक प्लेटफॉर्म में दिखाई दी। Nature Physics में प्रकाशित इस काम में एक ही प्रयोगात्मक प्रणाली में qubits और quantum oscillators को जोड़ा गया है।

Aharonov–Bohm प्रभाव एक विशिष्ट क्वांटम परिणाम का वर्णन करता है: कोई कण चुंबकीय फ्लक्स के चारों ओर से गुजरने के बाद मापने योग्य phase प्राप्त कर सकता है, भले ही वह ऐसे क्षेत्र से न गुजरे जिसमें चुंबकीय क्षेत्र मौजूद हो। इस प्रभाव की भविष्यवाणी 1959 में Yakir Aharonov और David Bohm ने की थी और बाद में वास्तविक electrons के साथ इसकी पुष्टि हुई।

ऑक्सफोर्ड का परिणाम उन मूलभूत प्रदर्शनों का विकल्प नहीं है। इसके बजाय, यह lattice gauge theory को दर्शाने के लिए बनाए गए क्वांटम सिमुलेटर में प्रभाव के उभरने को दिखाता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि lattice gauge theories का उपयोग पदार्थ और गेज क्षेत्रों के बीच अंतःक्रियाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जिनमें particle और high-energy physics से जुड़े मॉडल भी शामिल हैं।

गेज क्षेत्रों का सिमुलेशन क्यों?

शोधकर्ताओं के अनुसार lattice चित्र में पदार्थ ग्रिड के बिंदुओं पर रहता है, जबकि क्षेत्र उन बिंदुओं को जोड़ने वाली कड़ियों पर रहते हैं। यह व्यवस्था ऐसी अंतःक्रियाओं को दर्शाने का तरीका देती है जिनकी गणना प्रणाली के बढ़ने पर कठिन होती जाती है। Classical computers को इस विस्तार की चुनौती का सामना करना पड़ता है, क्योंकि quantum many-body system में संभावनाओं की संख्या तेजी से बढ़ती है।

Quantum simulation एक अन्य मार्ग उपलब्ध कराने के लिए है। लक्ष्य प्रणाली के हर पहलू की conventional computation से गणना करने के बजाय, शोधकर्ता एक नियंत्रित quantum device तैयार करते हैं जिसका व्यवहार संबंधित नियमों का पालन करता है। फिर उस device की माप से पता लगाया जा सकता है कि simulated system कैसे प्रतिक्रिया देता है।

ऑक्सफोर्ड का प्लेटफॉर्म हाइब्रिड है, क्योंकि इसमें दो प्रकार के quantum component—qubits और quantum oscillators—शामिल हैं। स्रोत के अनुसार इन तत्वों से एक experimental loop या plaquette geometry बनती है। सिमुलेशन में Aharonov–Bohm flux केंद्रीय loop को भेदता है, जिससे टीम यह जांच सकती है कि quantum system उस flux के चारों ओर जाने से जुड़ी phase information को बनाए रखता है या नहीं।

प्रत्यक्ष संपर्क के बिना phase

दैनिक classical समझ में किसी आवेशित वस्तु की गति उस स्थान पर मौजूद electric और magnetic fields से निर्धारित होती है जहां वह चलती है। Aharonov–Bohm प्रभाव दिखाता है कि quantum mechanics अधिक सूक्ष्म है। कोई कण अपने मार्ग से घिरे magnetic flux की मौजूदगी से प्रभावित हो सकता है, भले ही वह उस क्षेत्र से बचकर निकले जहां magnetic field मौजूद है।

इसका दिखाई देने वाला परिणाम phase है। Quantum states को wave-like amplitudes से वर्णित किया जाता है और phases इन amplitudes के interference को बदल सकते हैं। इसलिए phase भौतिक रूप से मापने योग्य होती है, भले ही वह पारंपरिक trajectory या force न हो। Interferometric संदर्भ में अलग-अलग मार्ग इस तरह मिल सकते हैं कि संचित phase का पता चल सके।

Hybrid quantum computer observes foundational quantum effect in a new setting
Artist's illustration of the loop formed by the hybrid quantum system. Spinning tops represent qubits and springs represent quantum oscillators, together forming the plaquette geometry studied in the experiment and extending into a repeating lattice pattern. The central loop is pierced by an Aharonov-Bohm flux, highlighting one of the main results of the work. Credit: Dr. Helene Hainzer, Dr. Sebastian Saner, Dr. Gabriel Araneda and Dr. Oana Bazavan.

ऑक्सफोर्ड का प्रयोग इस तर्क को सिमुलेटर के भीतर दोहराता है। उपलब्धि केवल chip पर magnetic field को दर्शाना नहीं है। उपलब्धि उस platform में विशिष्ट phase behavior का अवलोकन करना है, जहां qubits और oscillators मिलकर lattice-gauge समस्या के घटकों को encode करते हैं।

हाइब्रिड हार्डवेयर का योगदान

अलग-अलग quantum hardware elements अलग-अलग कार्यों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। Qubits discrete quantum states देते हैं, जबकि oscillators एक अन्य प्रकार की quantum degree of freedom उपलब्ध कराते हैं। इन्हें मिलाकर शोधकर्ताओं ने ऐसा hybrid system बनाया जो matter और gauge fields के बीच interactions को model कर सके।

स्रोत इस परिणाम को इस बात के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत करता है कि classical computers के लिए कठिन होती समस्याओं में hybrid systems इन interactions का simulation कर सकते हैं। यह दावा नहीं है कि device ने बड़े पैमाने की particle-physics calculation हल कर ली है या हर प्रासंगिक कार्य में classical computing से आगे निकल गया है। महत्व इस नई simulation architecture में एक मूलभूत प्रभाव के नियंत्रित अवलोकन में है।

Quantum computing की प्रगति का मूल्यांकन करते समय यह अंतर महत्वपूर्ण है। शुरुआती प्रयोग अक्सर यह स्थापित करते हैं कि कोई hardware platform किसी विशिष्ट physical phenomenon या building block को विश्वसनीय ढंग से लागू कर सकता है। अधिक जटिल models, बड़ी lattices या कठिन calculations की ओर बढ़ने से पहले ऐसे प्रदर्शन आवश्यक कदम होते हैं।

अधिक जटिल सिमुलेशन की दिशा

Lattice gauge theories quantum simulators के लिए आकर्षक लक्ष्य हैं, क्योंकि वे physics की केंद्रीय लेकिन बढ़ती systems में कठिन interactions को दर्शाते हैं। Lattice-gauge setting में Aharonov–Bohm प्रभाव का प्रदर्शन researchers को स्पष्ट benchmark देता है: hardware को gauge structure से जुड़ी quantum phase को सुरक्षित रखना और दिखाना होगा।

यह प्रयोग यह भी दिखाता है कि hardware diversity क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है। Quantum computing की चर्चा अक्सर qubit counts बढ़ाने की दौड़ के रूप में होती है, लेकिन उपयोगी systems अलग-अलग quantum components को जोड़ने और उनकी interactions नियंत्रित करने की क्षमता पर भी निर्भर कर सकते हैं। ऑक्सफोर्ड का काम इसी design strategy का उदाहरण है, जिसमें qubits और oscillators का उपयोग किया गया है, बजाय इसके कि हर simulation task के लिए एक ही component type को पर्याप्त माना जाए।

फिलहाल यह प्रगति targeted proof of principle है। यह hybrid device में gauge-related physics के अध्ययन का तरीका दिखाती है, जिसमें Aharonov–Bohm प्रभाव स्पष्ट quantum signature का काम करता है। दीर्घकालीन संभावना यह है कि ऐसे systems उन increasingly complex interactions की खोज में मदद करें जिन्हें classical तरीके से model करना कठिन है।

जैसे-जैसे quantum platforms परिपक्व होंगे, सबसे meaningful measures इस बात से जुड़े रहेंगे कि वे क्या accurately simulate या calculate कर सकते हैं। यह परिणाम एक experimentally grounded marker देता है: hybrid quantum computer एक नई lattice-gauge setting में quantum physics के एक ऐतिहासिक विचार को reproduce कर सकता है।

यह लेख Phys.org की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।

Originally published on phys.org