उम्मीदवारों का ऐसा भंडार जो एक्सोप्लैनेट विज्ञान को नया रूप दे सकता है
खगोलविदों ने एक साथ रिपोर्ट किए गए संभावित एक्सोप्लैनेट्स के सबसे बड़े समूहों में से एक की पहचान की हो सकती है। उपलब्ध स्रोत सामग्री में वर्णित एक नए प्रीप्रिंट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने NASA के Transiting Exoplanet Survey Satellite, या TESS, द्वारा देखे गए 83,717,159 तारों के लाइट कर्व्स पर एक मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम लागू करके 11,554 एक्सोप्लैनेट उम्मीदवार खोजे।
यदि इन उम्मीदवारों की पुष्टि हो जाती है, तो यह परिणाम सौरमंडल के बाहर ज्ञात दुनिया की संख्या में असाधारण वृद्धि का संकेत देगा। स्रोत पाठ में कहा गया है कि सितंबर 2025 तक 6,000 से अधिक एक्सोप्लैनेट की पुष्टि हो चुकी थी, और उसके बाद लगभग 300 और जोड़े गए। इस पैमाने पर मान्य भंडार कुल संख्या को 18,000 के करीब ले जा सकता है, जो मौजूदा गिनती का लगभग तीन गुना होगा।
यही प्रमुख संख्या है, और यही कारण है कि इस घोषणा पर ध्यान भी देना चाहिए और सावधानी भी बरतनी चाहिए। बताए गए उम्मीदवार अभी पुष्टि किए गए ग्रह नहीं हैं, और अध्ययन की सहकर्मी समीक्षा भी नहीं हुई है। फिर भी, उम्मीदवार चरण में भी यह काम दिखाता है कि मौजूदा खगोलीय डेटा के भीतर अभी कितनी खोज-क्षमता छिपी हुई है।
इतनी सारी दुनिया क्यों छूट गई होंगी
खोज के पीछे का मूल तरीका एक्सोप्लैनेट शोधकर्ताओं के लिए परिचित है। TESS तारों की चमक में आने वाली छोटी गिरावटों को देखता है, जो तब हो सकती हैं जब कोई ग्रह पृथ्वी से देखने पर अपने मेजबान तारे के सामने से गुजरता है। इन घटनाओं को ट्रांजिट कहा जाता है। चुनौती पैमाने की है। जब डेटा-समूह लाखों-करोड़ों तारों तक पहुंच जाता है, तो मंद, शोरयुक्त और अस्पष्ट संकेतों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि पारंपरिक कार्यप्रवाह उन्हें कुशलता से जांच नहीं पाते।
यहीं नया एल्गोरिदम अपनी सबसे बड़ी भूमिका निभाता दिखता है। 8 करोड़ से अधिक तारों को स्कैन करके, इसने कथित तौर पर ऐसे सूक्ष्म संकेत चिह्नित किए जिन्हें अन्यथा पकड़ना लगभग असंभव होता। यह याद दिलाता है कि खगोलशास्त्र में खोज अब केवल बड़े टेलीस्कोप बनाने पर निर्भर नहीं है। यह इस पर भी निर्भर करती है कि टेलीस्कोप पहले से एकत्र किए गए डेटा से कितना अधिक संकेत निकाला जा सकता है।
2018 में लॉन्च हुआ TESS इस तरह की बड़े पैमाने की खुदाई के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, क्योंकि इसने तारकीय प्रेक्षणों का एक विशाल अभिलेख तैयार किया है। हर लाइट कर्व समय के साथ चमक में बदलाव का रिकॉर्ड है। इन कर्व्स के बीच छिपे हो सकते हैं कक्षा में घूमते ग्रहों से पैदा होने वाली नियमित गिरावटें, लेकिन साथ ही तारकीय गतिविधि, उपकरणों और अन्य खगोलीय प्रभावों से आने वाला शोर भी। मशीन लर्निंग इस जटिलता को बड़े पैमाने पर छानने का तरीका देती है।


