एक महँगी कैंसर थेरेपी के उत्पादन में बदलाव आ सकता है

CAR T-सेल थेरेपी आधुनिक कैंसर उपचार के सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक है, लेकिन लागत और उत्पादन समय के कारण यह अभी भी सीमित है। मानव लिम्फ नोड्स की नकल करने वाली 3D-प्रिंटेड संरचनाओं का उपयोग करने वाला नया तरीका, रोगी को वापस देने से पहले इंजीनियर्ड प्रतिरक्षा कोशिकाएँ कैसे सक्रिय होती हैं और बढ़ती हैं, इसे बेहतर बनाकर यह बदल सकता है।

यह संभावना महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहुँच अभी भी बहुत सीमित है। स्रोत पाठ के अनुसार, CAR T-सेल थेरेपी का एक राउंड £280,000 से अधिक का हो सकता है, और पूरी निर्माण प्रक्रिया लगभग एक महीना ले सकती है। बहुत गंभीर मरीजों के लिए यह देरी मामूली नहीं है। कुछ लोग उपचार तैयार होने से पहले ही और बिगड़ जाते हैं।

CAR T कोशिकाएँ आम तौर पर कैसे बनाई जाती हैं

मानक CAR T थेरेपी में, चिकित्सक रोगी के रक्त से T-सेल्स निकालते हैं और उन्हें इस तरह से आनुवंशिक रूप से इंजीनियर करते हैं कि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचान सकें। इन कोशिकाओं को आम तौर पर वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले छोटे बीड्स और कैंसर-लक्ष्यी chimeric antigen receptor, या CAR के लिए आनुवंशिक निर्देश देने वाले एक हानिरहित वायरस के साथ मिलाया जाता है।

यह प्रक्रिया काम करती है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है। आम तौर पर केवल 30 से 70 प्रतिशत T-सेल्स ही सफलतापूर्वक reprogram की जाती हैं, और अधिक इंजीनियर्ड कोशिकाएँ बेहतर परिणामों से जुड़ी होती हैं। इसके बाद कोशिकाओं को कई हफ्तों तक बढ़ाया जाता है, फिर उन्हें रोगी को वापस दिया जाता है।

3D-प्रिंटेड तरीके में क्या बदलाव है

Materials Science Institute of Barcelona की Judit Guasch Camell के नेतृत्व में किए गए इस काम में 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके एक जेल संरचना बनाई गई है जो मानव लिम्फ नोड्स की बनावट और व्यवस्था जैसी दिखती है। यह डिजाइन सिर्फ दिखने के लिए नहीं है। लिम्फ नोड्स वह जगह हैं जहाँ प्रतिरक्षा प्रणाली किसी खतरे को पहचानने पर T-सेल्स स्वाभाविक रूप से सक्रिय होती हैं, और पहले के अध्ययनों से संकेत मिलता है कि उस वातावरण के भौतिक गुणों पर T-सेल्स प्रतिक्रिया देती हैं।

T-सेल्स को जैविक रूप से सक्रिय और बढ़ने के लिए जिस जगह पर तैयार किया जाता है, उसकी बेहतर नकल करके ये प्रिंटेड संरचनाएँ निर्माण की दक्षता बढ़ा सकती हैं। मकसद सिर्फ प्रक्रिया को अधिक सुंदर बनाना नहीं है। उपयोगी CAR T कोशिकाएँ तेज़ी से और कम लागत में बनाना है।

यह पहुँच को क्यों बढ़ा सकता है

स्रोत पाठ में उद्धृत विशेषज्ञ वैश्विक पहुँच की समस्या को रेखांकित करते हैं। CAR T थेरेपी कुछ कैंसरों के लिए बहुत प्रभावी है, लेकिन इसकी कीमत इसे मुख्यतः संपन्न देशों तक सीमित रखती है। यदि निर्माण सस्ता, अधिक विश्वसनीय, और तेज़ हो जाए, तो यह उपचार अधिक अस्पतालों और अधिक मरीजों तक पहुँच सकता है।

वह समय का पहलू लागत जितना ही महत्वपूर्ण हो सकता है। अध्ययन में शामिल न रहे CoED Biosciences के David Coe, स्रोत पाठ में बताते हैं कि उत्पादन में बहुत अधिक समय लगने के कारण कुछ मरीजों को उपचार कभी मिल ही नहीं पाता। समयसीमा को कम करने वाला कोई भी मंच सीधे नैदानिक मूल्य रख सकता है।

अभी शुरुआती चरण है, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण

यह अभी मौजूदा CAR T निर्माण की तात्कालिक जगह लेने वाली कहानी नहीं है। यह बायोमेडिसिन की सबसे संसाधन-गहन थेरेपी में से एक में प्रक्रिया-नवाचार की कहानी है। उत्पादन की बाधाएँ अक्सर तय करती हैं कि कोई सफलता सीमित रहेगी या व्यापक बनेगी। सेल थेरेपी में यह bottleneck विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि उत्पाद व्यक्तिगत होता है, तकनीकी रूप से कठिन होता है, और समय के लिहाज़ से बहुत संवेदनशील होता है।

3D-प्रिंटेड लिम्फ-नोड अवधारणा सीधे उसी bottleneck को लक्ष्य करती है। यदि यह तरीका T-सेल सक्रियता और विस्तार को दोहराने योग्य ढंग से बेहतर बनाता है, तो यह CAR T उत्पादन को धीमी, महँगी bespoke प्रक्रिया से अधिक स्केलेबल चीज़ में बदलने में मदद कर सकता है।

शोधकर्ता इस पर नज़र क्यों रख रहे हैं

  • CAR T थेरेपी के एक राउंड की लागत £280,000 से अधिक हो सकती है।
  • मौजूदा उत्पादन में लगभग एक महीना लगता है, जो कुछ मरीजों के लिए बहुत लंबा है।
  • 3D-प्रिंटेड लिम्फ-नोड जैसी संरचनाएँ T-सेल सक्रियण और विस्तार को बेहतर बना सकती हैं।

सेल थेरेपी में, कैंसर कोशिकाओं को मारने का विज्ञान केवल आधी लड़ाई है। दूसरी आधी है उन कोशिकाओं को इतनी तेज़ी, इतनी सस्ती लागत, और इतनी निरंतरता से बनाना कि वे ज़रूरतमंदों तक पहुँच सकें। यह काम सीधे उसी समस्या को लक्ष्य कर रहा है।

यह लेख New Scientist की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on newscientist.com