खेतों में दूषण की समस्या का एक अधिक व्यावहारिक सफाई मार्ग मिल सकता है
संयुक्त राज्य में ग्रामीण समुदायों के सामने PFAS प्रदूषण सबसे कठिन पर्यावरणीय समस्याओं में से एक बन गया है। ये रसायन, जिन्हें अक्सर “forever chemicals” कहा जाता है, आसानी से विघटित नहीं होते और मिट्टी से भोजन में जा सकते हैं। Yale University के एक नए अध्ययन, जो Proceedings of the National Academy of Sciences में प्रकाशित हुआ, ने कृषि मिट्टी में दूषण कम करने के लिए पौधों, कुचली हुई क्षारीय चट्टान और उच्च-ताप प्रसंस्करण के संयोजन से एक संभावित कम-लागत तरीका सुझाया है।
यह काम उस समस्या को संबोधित करता है जिसे कई किसानों ने दशकों तक खेतों में सीवेज स्लज के उपयोग के बाद झेला है। 1970 के दशक से अपशिष्ट को लैंडफिल से दूर रखने और पोषक स्रोत के रूप में सस्ता विकल्प देने के लिए wastewater sludge को अक्सर उर्वरक के रूप में बेचा या लागू किया गया। लेकिन इस स्लज में PFAS भी हो सकते हैं, जिससे लंबे समय तक रहने वाला दूषण पीछे छूट जाता है। मेन जैसे राज्यों में, जहाँ किसानों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय ध्यान में लाने में मदद की, इसके प्रभाव विशेष रूप से दिखाई दिए हैं।
स्रोत रिपोर्ट के अनुसार, Winslow और Laura Robinson ने मेन में एक खेत खरीदने के बाद पाया कि वहाँ दशकों पहले सीवेज स्लज का उपयोग हुआ था और मिट्टी में PFAS छोड़ गया था। उनका अनुभव एक व्यापक राष्ट्रीय चुनौती को दिखाता है। किसान दूषित खेतों की पहचान कर सकते हैं, लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगला कठिन सवाल यह है कि जब मानक remediation विकल्प बड़े कृषि क्षेत्रों में लागू करने के लिए बहुत महंगे हों, तब आगे क्या किया जाए।
मौजूदा सफाई विकल्प क्यों पैमाने पर ठीक नहीं बैठते
मौजूदा PFAS remediation तरीके अक्सर हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों जैसी अत्यधिक दूषित जगहों के लिए बनाए जाते हैं। उन तरीकों में मिट्टी को पूरी तरह हटाना शामिल हो सकता है और स्रोत पाठ के अनुसार लागत लगभग $1 million per acre तक पहुँच सकती है। इस लागत संरचना के कारण ये खेतों पर व्यापक उपयोग के लिए अव्यावहारिक हैं, जहाँ दूषण कई एकड़ में फैल सकता है और जहाँ खेत औद्योगिक-स्तर के सफाई बजट नहीं झेल सकते।
यह आर्थिक बाधा ही मुख्य कारण है कि नया अध्ययन अलग दिखता है। खुदाई पर निर्भर रहने के बजाय, Yale की टीम ने एक सरल क्षेत्र-आधारित दृष्टिकोण आजमाया, जो मिट्टी के जीवविज्ञान और रसायन के साथ काम करने के लिए बनाया गया था। विचार यह है कि PFAS को तेजी से बढ़ने वाले पौधों में खींचा जाए, फिर बाद के प्रसंस्करण में रसायनों को नष्ट किया जाए, और साथ ही एक ऐसा soil amendment तैयार किया जाए जो अतिरिक्त दूषण को पकड़ने में मदद कर सके।
स्रोत पाठ में उद्धृत Yale के भू-रसायनशास्त्री Noah Planavsky ने कहा कि उन्होंने किसानों से सीधे यह सुनने के बाद इस मुद्दे पर ध्यान देना शुरू किया कि समस्या के पैमाने को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया जा रहा था। यह संदर्भ महत्वपूर्ण है। यह शोध केवल एक नया रसायन-विज्ञान परिणाम नहीं है; यह उस लागू कृषि समस्या का जवाब है जिसके लिए कई किसानों के पास व्यावहारिक विकल्प बहुत कम रहे हैं।
यह विधि कैसे काम करती है
परीक्षित प्रक्रिया के कई चरण हैं। पहले, किसान ऐसे फसलें लगाते हैं जो PFAS को अपेक्षाकृत तेज़ी से अवशोषित कर सकती हैं, जिनमें hemp और sunflowers शामिल हैं। ये पौधे uptake tools की तरह काम करते हैं, दूषकों को मिट्टी से निकालकर अपने ऊतकों में ले जाते हैं। दूसरे, मिट्टी का pH बढ़ाने के लिए कुचली हुई क्षारीय चट्टान मिलाई जाती है। अध्ययन में, इस उच्च pH ने पौधों को रसायनों की अधिक मात्रा अवशोषित करने में मदद की।
कटाई के बाद, दूषित पादप पदार्थ को बिना ऑक्सीजन के बहुत उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। स्रोत पाठ कहता है कि यह चरण PFAS को तोड़ देता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि PFAS को व्यापक रूप से ऐसे टिकाऊ रसायनों के रूप में वर्णित किया जाता है जो पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, फिर भी पर्याप्त उच्च तापमान पर उन्हें नष्ट किया जा सकता है।
यह प्रक्रिया biochar भी पैदा करती है, जो कार्बन-समृद्ध पदार्थ है और उसे मिट्टी में वापस मिलाया जा सकता है। रिपोर्टेड काम में, यह biochar अतिरिक्त PFAS को फँसाने में मदद कर सकता है, जिससे एक feedback effect बनता है, जिसमें remediation system न केवल पौधों द्वारा अवशोषण के जरिए दूषण हटाता है, बल्कि बाकी बचे रसायनों को कम गतिशील रूप में रोके रखने की मिट्टी की क्षमता भी बढ़ा सकता है।
इस प्रस्ताव को खास तौर पर उल्लेखनीय बनाने वाली बात यह है कि यह remediation को संभावित जलवायु-संबंधी सह-लाभ के साथ जोड़ता है। Biochar को अक्सर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और कार्बन संग्रहीत करने के साधन के रूप में देखा जाता है। इसलिए अध्ययन एक ऐसा रास्ता सुझाता है जो खेतों में दूषण से निपटते हुए व्यापक मिट्टी-स्वास्थ्य और जलवायु लक्ष्यों में भी योगदान दे सकता है।
अध्ययन क्या दावा करता है, और क्या नहीं
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि कुछ मामलों में यह विधि लगभग एक दशक के भीतर PFAS दूषण को सुरक्षित सीमा तक घटा सकती है। यह कोई त्वरित समाधान नहीं है, लेकिन PFAS सफाई के संदर्भ में समय-सीमा महत्वपूर्ण है, क्योंकि विकल्प आर्थिक रूप से निषेधात्मक और संचालन की दृष्टि से विघटनकारी हो सकता है। वर्षों तक चलने वाली खेत-आधारित प्रक्रिया, जो पूरी मिट्टी हटाने की मांग न करे, भूमि-स्वामियों के लिए कहीं अधिक व्यावहारिक हो सकती है।
साथ ही, यह अध्ययन यह नहीं कहता कि हर दूषित खेत को तुरंत या एक जैसे परिणामों के साथ बहाल किया जा सकता है। स्रोत पाठ इस विधि को एक आशाजनक कम-लागत दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत करता है, न कि एक सार्वभौमिक रूप से सुलझी हुई समस्या के रूप में। मिट्टी की रसायन-रचना, दूषण स्तर, फसल प्रदर्शन और प्रसंस्करण क्षमता, सभी इस रणनीति की प्रभावशीलता को अलग-अलग जगहों पर प्रभावित करेंगे।
भोजन में PFAS के प्रभावों को भी स्रोत सामग्री में सावधानी के साथ प्रस्तुत किया गया है। यद्यपि वहाँ उन्हें यकृत रोग, कैंसर और अन्य बीमारियों से जोड़ा गया है, रिपोर्ट यह भी नोट करती है कि भोजन में PFAS के प्रभाव अभी पूरी तरह समझे नहीं गए हैं। यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्थायी दूषण के स्थापित जोखिम को एक्सपोज़र-मार्गों और स्वास्थ्य-परिणामों की अभी विकसित होती वैज्ञानिक तस्वीर से अलग करता है।
कृषि और नीति के लिए यह क्यों मायने रखता है
Yale अध्ययन का महत्व केवल तकनीकी नहीं है। यह biosolids से होने वाले पुराने दूषण पर राष्ट्रीय नीति-खाई की ओर भी इशारा करता है। दशकों तक sludge application को एक व्यावहारिक अपशिष्ट-प्रबंधन और उर्वरक समाधान के रूप में बढ़ावा दिया गया था। यदि उस प्रथा ने लाखों एकड़ को PFAS जोखिमों के साथ छोड़ दिया है, तो किसान ऐसे पर्यावरणीय दायित्व का सामना कर रहे हैं जो उन्होंने अकेले पैदा नहीं किया।
तुलनात्मक रूप से सस्ती और सामान्य कृषि संचालन पर आधारित remediation विधि नीति-बहस को नया रूप दे सकती है। यह नियामकों, विश्वविद्यालयों और कृषि-समर्थन कार्यक्रमों को केवल दूषण दर्ज करने से अधिक कार्रवाई योग्य कुछ दे सकती है। केवल परीक्षण और चेतावनियों पर रुकने के बजाय, एजेंसियाँ चरणबद्ध सफाई रणनीतियों को समर्थन दे सकती हैं, जो कार्यरत खेतों के अनुकूल हों।
सामाजिक पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। PFAS दूषण का पता चलने पर किसानों को कारोबारी अनिश्चितता, प्रतिष्ठा जोखिम, और कुछ मामलों में उत्पादक भूमि का नुकसान झेलना पड़ता है। एक विश्वसनीय सफाई मार्ग, भले ही उसमें साल लगें, दृष्टिकोण को स्थायी क्षति से प्रबंधित पुनर्प्राप्ति की ओर बदल सकता है। यह बदलाव ऋण, भूमि उपयोग और खेत-स्तर की दीर्घकालिक योजना को प्रभावित कर सकता है।
- अध्ययन ने दूषित मिट्टी से PFAS अवशोषित करने वाली फसलों के रूप में hemp और sunflowers का परीक्षण किया।
- मिट्टी का pH बढ़ाने और PFAS uptake सुधारने के लिए कुचली हुई क्षारीय चट्टान इस्तेमाल की गई।
- कटाई के बाद जैव द्रव्यमान को बिना ऑक्सीजन के गर्म करने से PFAS टूटते हैं और biochar बनता है।
- शोधकर्ताओं का अनुमान है कि कुछ खेत लगभग एक दशक में सुरक्षित दूषण स्तर तक पहुँच सकते हैं।
इस काम की केंद्रीय अपील इसकी व्यावहारिकता है। खेतों में PFAS दूषण इतना व्यापक है कि प्रति एकड़ दस लाख डॉलर वाले समाधान डिफॉल्ट प्रतिक्रिया नहीं बन सकते। फसलों, मिट्टी के रसायन और तापीय प्रसंस्करण को एक साथ उपयोग करके Yale अध्ययन एक ऐसी remediation रणनीति प्रस्तुत करता है जो खेतों के वास्तविक संचालन के अधिक करीब बैठती है। यह एक शोध-समर्थित प्रस्ताव है, सार्वभौमिक इलाज नहीं, लेकिन यह प्रभावित कई किसानों को वह देता है जिसकी उन्हें कमी रही है: पहचान से सफाई तक जाने का एक संभावित रास्ता।
यह लेख Fast Company की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on fastcompany.com

