सामग्रियों को लेकर एक छोटा आवास प्रोजेक्ट, लेकिन बड़ा दावा

नीदरलैंड्स के मार्कनेस में 12 घरों का एक विकास परियोजना कार्बन-नकारात्मक, किफायती आवास के एक प्रोटोटाइप के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। डच आर्किटेक्चर फर्म ORGA द्वारा डिज़ाइन किए गए और housing association Mercatus द्वारा कमीशन किए गए इस प्रोजेक्ट में प्रीफैब्रिकेटेड लकड़ी और जैव-आधारित, सर्कुलर सामग्रियों का ऊंचा अनुपात इस्तेमाल किया गया है, ताकि सिर्फ़ उत्सर्जन घटाने से आगे बढ़ा जा सके। फर्म का कहना है कि यह पड़ोस जितना कार्बन उत्पन्न करता है, उससे अधिक संग्रहित करता है।

यह निर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दावा है, जिस पर embodied carbon घटाने का दबाव बढ़ रहा है। निर्माण को डीकार्बोनाइज़ करना कठिन है क्योंकि किसी इमारत की जलवायु लागत अक्सर उसके इस्तेमाल में आने से बहुत पहले, कंक्रीट, स्टील, और fired brick जैसी सामग्रियों के माध्यम से तय हो जाती है। मार्कनेस परियोजना प्राकृतिक और नवीकरणीय सामग्रियों के अधिकतम उपयोग से इस समस्या को सीधे निशाना बनाती है।

स्थानीय वास्तु भाषा को नए ढंग से गढ़ना

यह घर क्षेत्र की पारंपरिक “Delft Red” शैली की पुनर्व्याख्या करते हैं, जो ऐतिहासिक रूप से लाल मिट्टी की ईंटों और नारंगी-लाल छत की टाइलों से जुड़ी रही है। ORGA का नया डिज़ाइन परिचित दृश्य पहचान को बनाए रखता है, लेकिन उच्च-कार्बन सामग्रियों की जगह कम प्रभाव वाली मानी जाने वाली वैकल्पिक सामग्रियों का उपयोग करता है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जलवायु-अनुकूल आवास अक्सर तब मुश्किल में पड़ जाता है जब वह स्थानीय सौंदर्यशास्त्र को अस्वीकार करता हुआ दिखाई देता है या समुदायों से दृश्य रूप से प्रयोगात्मक रूप स्वीकार करने को कहता है।

यहां दृष्टिकोण अलग है: परिचित आकृति और पड़ोस की पहचान बनाए रखो, लेकिन इमारतें किस चीज़ से बनी हैं, उसे बदल दो। परिणाम को पर्यावरणीय असाधारणता से कम और स्थानीय स्थापत्य परंपरा के व्यावहारिक अद्यतन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

सामग्री रणनीति

दिए गए स्रोत पाठ के अनुसार, परियोजना में 76% जैव-आधारित और सर्कुलर कच्ची सामग्रियों का उपयोग है। घरों में लगभग सब कुछ नवीकरणीय सामग्रियों से बना है, सिवाय कंक्रीट नींव और खिड़कियों तथा फास्टनरों जैसे कुछ आवश्यक घटकों के। मुख्य निर्माण पद्धति में ऑफ़-साइट निर्मित प्रीफैब्रिकेटेड लकड़ी का उपयोग किया गया है, जिसे ऑन-साइट जोड़ा गया, ताकि निर्माण समय कम हो और स्थानीय पर्यावरणीय व्यवधान सीमित रहे।

घरों में सांस लेने वाली दीवार प्रणालियाँ भी हैं जो स्वयं-नियंत्रित indoor climate प्रदान करती हैं। यह low-carbon निर्माण के एक व्यापक डिज़ाइन तर्क की ओर इशारा करता है: सामग्री चयन से केवल उत्सर्जन ही नहीं घटाया जाता, बल्कि thermal behavior, comfort, moisture control, और निर्माण गति में भी सुधार किया जा सकता है, यदि इन्हें अलग-अलग विकल्पों की सूची के बजाय एक एकीकृत प्रणाली के रूप में डिज़ाइन किया जाए।

किफायती आवास, सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं

इस परियोजना को प्रथम-बार खरीदारों और कम आय वाले परिवारों के लिए किफायती किराये के आवास के रूप में वर्णित किया गया है। यह महत्वपूर्ण है। कई low-carbon निर्माण प्रदर्शन परियोजनाएँ प्रतिष्ठा-आधारित शोपीस बनी रहती हैं, जो डिज़ाइन में प्रभावशाली तो होती हैं लेकिन स्केल करने के लिए बहुत महंगी या अत्यधिक विशिष्ट होती हैं। कार्बन लक्ष्यों को सामान्य आवास की आवश्यकता से जोड़कर ORGA और Mercatus दोहराव की मजबूत दलील पेश कर रहे हैं।

कुछ छोटे पारिस्थितिक स्पर्श भी हैं, जैसे लकड़ी की चिमनियाँ जो चमगादड़ों के लिए घोंसला स्थल का काम कर सकती हैं। कार्बन दावों की तुलना में यह छोटा है, फिर भी ऐसे जोड़ दिखाते हैं कि डिज़ाइन आवास को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा मानता है, न कि केवल मनुष्यों के लिए बंद एक वस्तु।

यह परियोजना क्या साबित करती है और क्या नहीं

व्यापक बाज़ार के अर्थ में यह विकास अभी भी एक प्रोटोटाइप है। एक सफल पड़ोस bio-based housing के सबसे बड़े अवरोधों को नहीं सुलझाता, जिनमें supply chains, regulation, insurance, financing, और श्रम की परिचितता शामिल हैं। नींव के लिए कंक्रीट का जारी उपयोग भी दिखाता है कि पूर्ण डीकार्बोनाइज़ेशन कितना कठिन बना हुआ है, भले ही परियोजना महत्वाकांक्षी हो।

लेकिन मार्कनेस के घर इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे बातचीत को केवल ऊर्जा-कुशल संचालन से आगे बढ़ाकर सामग्री स्तर पर embodied carbon की ओर ले जाते हैं। यदि कोई आवास परियोजना किफायती, दृश्य रूप से संदर्भ-उपयुक्त, और जल्दी असेंबल होने वाली रह सकती है, और साथ ही अपनी जलवायु छाप को भौतिक रूप से घटा सकती है, तो ऐसे मॉडल को मुख्यधारा procurement में फैलाना अधिक आसान हो जाता है।

यही यहां का गहरा नवाचार है। यह परियोजना सिर्फ़ घरों का एक नया सेट नहीं है। यह इस बात की परीक्षा है कि क्या low-carbon materials इतने सामान्य हो सकते हैं कि वे रोज़मर्रा के आवास निर्माण के मानक को बदल दें।

यह लेख New Atlas की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on newatlas.com