AI की व्यावसायिक भूमिका अधिक विश्लेषणात्मक होती जा रही है

IEEE Spectrum में प्रकाशित एक प्रोफ़ाइल OpenAI इंजीनियर सारंग गुप्ता और उन AI टूल्स पर उनके काम को उजागर करती है जिनका उद्देश्य कंपनियों को खरीदार आकर्षित करने और बिक्री सुधारने में मदद करना है। उपलब्ध स्रोत-पाठ के आधार पर, गुप्ता IEEE के वरिष्ठ सदस्य हैं और सैन फ़्रांसिस्को में OpenAI के डेटा साइंस स्टाफ में काम करते हैं। यह प्रोफ़ाइल उनके योगदान को मार्केटिंग टीमों के रणनीतिक निर्णयों को बेहतर बनाने के संदर्भ में प्रस्तुत करती है।

यह जोर ध्यान देने योग्य है। व्यवसाय में जनरेटिव AI पर सार्वजनिक चर्चा का बड़ा हिस्सा कॉपी लिखने, चित्र बनाने, या ग्राहक सेवा को तेज करने पर केंद्रित रहा है। उपलब्ध विवरण एक कुछ अलग व्यावसायिक उपयोग-क्षेत्र की ओर संकेत करता है: मार्केटिंग संगठनों के भीतर निर्णय-निर्माण का समर्थन करने के लिए AI का उपयोग।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

मार्केटिंग उन व्यावसायिक कार्यों में से एक है जो डेटा से सबसे अधिक भरे होते हैं और जिन्हें स्पष्ट रूप से अनुकूलित करना सबसे कठिन है। टीमों को नियमित रूप से तय करना पड़ता है कि किन चैनलों को प्राथमिकता दें, कौन-से संदेश सबसे अधिक प्रभावी हैं, कौन-से संभावित ग्राहक रूपांतरित होने की सबसे अधिक संभावना रखते हैं, और खर्च का सबसे बड़ा प्रभाव कहाँ पड़ेगा। ऐसे निर्णयों को संरचित करने में मदद करने वाले AI सिस्टम, केवल अभियान सामग्री का मसौदा तैयार करने वाले टूल्स की तुलना में, संभावित रूप से अधिक मूल्यवान हो सकते हैं।

उपलब्ध पाठ संक्षिप्त है, इसलिए यह गुप्ता की प्रणालियों के तकनीकी विवरण नहीं देता। लेकिन यह एक केंद्रीय निष्कर्ष का समर्थन करता है: उद्देश्य रणनीतिक निर्णयों को बेहतर बनाना है, केवल आउटपुट की मात्रा बढ़ाना नहीं। यह उद्यम AI में एक बड़े परिवर्तन को दर्शाता है, जहाँ ध्यान नवीनता-उत्पादन से हटकर परिचालन निर्णय-सहायता की ओर जा रहा है।

निर्णय-सहायता की व्यावहारिक अपील

AI सिस्टम खरीदने वाली कंपनियों के लिए निर्णय-सहायता को अस्पष्ट परिवर्तन के वादों की तुलना में उचित ठहराना आसान है। अगर कोई टूल टीम को संसाधन बेहतर ढंग से आवंटित करने, संभावित खरीदारों की अधिक सटीक पहचान करने, या बिक्री दक्षता बढ़ाने में मदद कर सकता है, तो व्यवसायिक तर्क अधिक ठोस हो जाता है। विशेष रूप से मार्केटिंग संगठन लगातार मापनीय रिटर्न दिखाने के दबाव में रहते हैं, इसलिए वे AI-सहायित एनालिटिक्स के लिए स्वाभाविक शुरुआती ग्राहक बनते हैं।

यह भी समझाता है कि डेटा साइंस पृष्ठभूमि वाला इंजीनियर इस तरह के काम में केंद्रीय क्यों होगा। समस्या केवल भाषा-उत्पादन नहीं है। यह संकेतों को निकालना, पैटर्न की व्याख्या करना, और सिफ़ारिशों को ऐसी तरह प्रस्तुत करना है कि टीमें उन्हें वास्तव में उपयोग कर सकें।

AI अपनाने के बारे में प्रोफ़ाइल क्या सुझाती है

व्यक्तिगत इंजीनियरों की प्रोफ़ाइलें शायद ही ब्रेकिंग न्यूज़ होती हैं, लेकिन वे यह दिखा सकती हैं कि संस्थाएँ किस दिशा में मूल्य जमा होते देख रही हैं। इस मामले में, मार्केटिंग रणनीति पर दिया गया जोर बताता है कि लागू AI अब एक अकेले कार्य को प्रतिस्थापित करने से कम और व्यावसायिक प्रणालियों को अंत-से-अंत बेहतर बनाने से अधिक जुड़ता जा रहा है।

यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो एंटरप्राइज़ AI प्रतिस्पर्धा की अगली लहर शायद इस बात पर कम केंद्रित होगी कि किस मॉडल का पाठ सबसे प्रवाहपूर्ण है, और इस पर अधिक कि किसके टूल सीमित दायरे वाले क्षेत्रों में बेहतर व्यावसायिक निर्णय उत्पन्न करते हैं। गुप्ता की प्रोफ़ाइल इस बदलाव की एक छोटी खिड़की है, लेकिन उपयोगी है। यह AI अपनाने के एक अधिक व्यावहारिक चरण की ओर इशारा करती है, जहाँ सवाल यह नहीं है कि मॉडल आउटपुट बना सकता है या नहीं, बल्कि यह कि क्या वह कंपनी को अधिक प्रभावी ढंग से चुनने में मदद कर सकता है।

यह लेख IEEE Spectrum की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें