लंबी नींद के साथ किडनी रोग का जोखिम अधिक जुड़ा था
टाइप 2 मधुमेह वाले वयस्कों में अधिक नींद की सूचना देने वालों में diabetic nephropathy शुरू होने या बढ़ने की संभावना अधिक थी। यह निष्कर्ष संबंध दिखाता है, कारण नहीं।
Journal of the Endocrine Society में प्रकाशित अध्ययन ने 678 जापानी रोगियों का औसतन 6.0 वर्षों तक अनुसरण किया। शोधकर्ताओं ने जीवनशैली संबंधी आदतों का मूल्यांकन किया।
215 प्रतिभागी nephropathy की incidence या progression वाले संयुक्त endpoint तक पहुंचे। औसत नींद अवधि ही संबंधित जीवनशैली कारक थी।
नींद की अवधि के साथ क्रमिक संबंध
छह घंटे से कम सोने वालों की तुलना में hazard ratios छह से सात घंटे के लिए 1.08, सात से आठ घंटे के लिए 1.56 और आठ घंटे या अधिक के लिए 1.92 थे।
संबंध आठ घंटे या उससे अधिक सोने वाले समूह में सबसे मजबूत था।
यह पैटर्न अधिक उम्र वाले प्रतिभागियों और microalbuminuria या कम किडनी कार्य वाले लोगों में अधिक स्पष्ट था।
यह अवलोकनात्मक परिणाम है, कम सोने की सलाह नहीं
अध्ययन ने नींद की अवधि और बाद के किडनी परिणामों के बीच संबंध देखा, लेकिन लोगों को अलग-अलग नींद कार्यक्रम नहीं दिए। इसलिए यह कारण-परिणाम सिद्ध नहीं करता।

सह-लेखक Tomoya Mita ने कहा कि परिणाम किडनी स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान की आवश्यकता वाले लोगों की पहचान में मदद कर सकते हैं। उन्होंने नींद घटाने की सलाह के रूप में इसे समझने से सावधान किया।
नींद की अवधि उम्र, बीमारी, काम, दवाओं और नींद की गुणवत्ता से प्रभावित होती है। अध्ययन ने मधुमेह वाले लोगों के लिए कोई आदर्श अवधि तय नहीं की।
डायबिटिक nephropathy क्यों महत्वपूर्ण है
डायबिटिक nephropathy मधुमेह से संबंधित किडनी क्षति है। जोखिम वाले लोगों की पहचान करना दीर्घकालीन देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है।
अध्ययन जीवनशैली को सरल checklist मानने की सीमाएं भी दिखाता है। नींद की अवधि को स्थापित मधुमेह और किडनी मापों के साथ देखा जा सकता है, लेकिन यह सिद्ध कारण या अकेला screening test नहीं है।
अध्ययन क्या बदलता है—और क्या नहीं
आगे के शोध को जैविक रास्तों, नींद की गुणवत्ता, अन्य बीमारियों और इस संभावना की जांच करनी होगी कि लंबी नींद किडनी गिरावट का कारण नहीं बल्कि पहले से मौजूद कमजोरी का संकेत हो।
मरीजों और चिकित्सकों के लिए निष्कर्ष सावधानीपूर्वक व्याख्या का समर्थन करता है। टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों को नींद कम करने की सलाह नहीं दी जाती।
कुछ लेखकों ने biopharmaceutical और medical-technology उद्योगों से संबंध बताए। अध्ययन prospective cohort design पर आधारित था, जो संबंध दिखा सकता है लेकिन अकेले causation सिद्ध नहीं कर सकता।
यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें।
Originally published on medicalxpress.com



