एक नया मापन उपकरण स्तनपान के मनोविज्ञान पर ध्यान देता है

स्तनपान संबंधी शोध अक्सर शारीरिक स्वास्थ्य परिणामों, शिशु पोषण और अवधि लक्ष्यों पर केंद्रित रहता है। University of Houston की नर्सिंग शोधकर्ता Kelsie Barta द्वारा विकसित एक नया उपकरण अनुभव के एक अलग हिस्से को मापने की कोशिश कर रहा है: क्या स्तनपान कराने वाली माताओं की मूल मनोवैज्ञानिक ज़रूरतें पूरी हो रही हैं।

यह उपकरण Lactation Psychological Needs Scale कहलाता है और इसे Self Determination Theory के ढांचे के माध्यम से स्तनपान के मनोवैज्ञानिक अनुभव का आकलन करने के लिए बनाया गया है। इस सिद्धांत के अनुसार लोगों की तीन मूल मनोवैज्ञानिक ज़रूरतें होती हैं: autonomy, competence और relatedness। Barta का काम इन अवधारणाओं को सीधे lactation पर लागू करता है, ताकि यह बेहतर समझा जा सके कि कुछ माताएं स्तनपान क्यों जारी नहीं रख पातीं, भले ही वे इसके लाभ समझती हों।

Medical Xpress के अनुसार, इस शोध की रिपोर्ट

Journal of Human Lactation

में दी गई थी। अध्ययन को lactation-related psychological need satisfaction को मापने वाले एक उपकरण के प्रारंभिक validation के रूप में वर्णित किया गया है।

शोधकर्ताओं को मौजूदा स्तनपान सहायता में क्या कमी दिखती है

स्तनपान को नवजात स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन यह सार्वजनिक स्वास्थ्य पर ज़ोर अन्य पहलुओं को अनदेखा कर सकता है। कई माताएं अपनी योजना से पहले ही स्तनपान छोड़ देती हैं, और इसके कारण हमेशा सिर्फ़ जानकारी की कमी या तकनीकी सहायता की कमी तक सीमित नहीं होते। मनोवैज्ञानिक तनाव, autonomy की कमी, आत्मविश्वास की कमी और सामाजिक अलगाव, सभी इस अनुभव को आकार दे सकते हैं।

Barta का काम तर्क देता है कि इन आयामों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ मापा जाना चाहिए। स्रोत पाठ के अनुसार, Self Determination Theory से निकले और स्तनपान से जुड़े मौजूदा उपकरण सीमित हैं, और कोई भी autonomy, competence और relatedness को एक साथ नहीं देखता। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सिद्धांत इन ज़रूरतों को परस्पर-निर्भर मानता है। एक माँ एक पहलू में सक्षम महसूस कर सकती है, फिर भी यदि अन्य ज़रूरतें पूरी नहीं हो रही हों तो उसका समग्र अनुभव कमजोर हो सकता है।

अध्ययन में Barta नोट करती हैं कि जब कुछ या सभी मूल मनोवैज्ञानिक ज़रूरतें बाधित हों, तो मानव flourishing संभव नहीं होती। lactation science के लिए इसका निहितार्थ सीधा है: ऐसी support strategies जो एक क्षेत्र सुधारती हैं लेकिन बाकी की उपेक्षा करती हैं, लंबे समय के बेहतर परिणाम नहीं दे सकतीं। उदाहरण के लिए, तकनीकी रूप से सफल feeding plan भी मनोवैज्ञानिक रूप से टिकाऊ न हो सकता है, यदि वह माँ को दबाव में, अलग-थलग या बिना स्वतंत्र विकल्प के महसूस कराए।

Autonomy, competence और relatedness व्यवहार में

Self Determination Theory की तीन ज़रूरतें postpartum जीवन की सामान्य वास्तविकताओं से सीधे जुड़ती हैं। Autonomy का अर्थ है कि माताएं स्तनपान के तरीके में सार्थक विकल्प और agency महसूस करती हैं या नहीं। Competence यह दर्शाती है कि वे खुद को सक्षम, जानकार और प्रभावी महसूस करती हैं या नहीं। Relatedness यह बताती है कि वे इस प्रक्रिया में समझी, समर्थित और दूसरों से जुड़ी महसूस करती हैं या नहीं।

इन ज़रूरतों को कई तरीकों से कमजोर किया जा सकता है। Clinical advice अत्यधिक निर्देशात्मक लग सकती है बजाय सहयोगात्मक होने के। सामाजिक अपेक्षाएं दबाव या अपराधबोध पैदा कर सकती हैं। latching, milk supply या scheduling में कठिनाई आत्मविश्वास को कम कर सकती है। postpartum recovery के दौरान अलगाव तनाव बढ़ा सकता है। इन आयामों को एक औपचारिक मापन उपकरण में बदलकर, नया स्केल शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को स्तनपान के मनोवैज्ञानिक पक्ष का अधिक व्यवस्थित मूल्यांकन करने का तरीका देता है।

यह postpartum care को व्यापक धारणाओं से आगे ले जाने में मदद कर सकता है। केवल यह पूछने के बजाय कि क्या माँ स्तनपान करा रही है और कितने समय से, चिकित्सक यह पूछ सकते हैं कि आसपास की परिस्थितियाँ कल्याण को समर्थन दे रही हैं या नहीं। यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि स्तनपान सहायता अक्सर एक all-or-nothing लक्ष्य की तरह पेश की जाती है, न कि समग्र मातृ स्वास्थ्य तस्वीर के एक हिस्से के रूप में।

समय क्यों महत्वपूर्ण है

स्रोत पाठ इस काम को अमेरिका में unmet breastfeeding targets की पृष्ठभूमि में रखता है। Department of Health and Human Services की Healthy People 2030 पहल के तहत, exclusivity और duration की स्तनपान दरें अब भी लक्ष्य से कम हैं। यह अंतर दिखाता है कि प्रसव के बाद माताओं का समर्थन करने के तरीके में अभी भी सुधार की बड़ी गुंजाइश है।

एक मापन उपकरण अपने आप यह समस्या हल नहीं करेगा, लेकिन यह पूछे जाने वाले सवालों को अधिक सटीक बना सकता है। यदि स्तनपान के परिणाम सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों से पीछे रह जाते हैं, तो एक कारण यह हो सकता है कि मौजूदा ढांचे लंबे समय के कल्याण के लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं करते। Barta का तर्क है कि यदि कुछ मनोवैज्ञानिक ज़रूरतें ही पूरी हों तो संपूर्ण कल्याण की संभावना कम है।

यह बिंदु महत्वपूर्ण है क्योंकि नीति और व्यवहार अक्सर initiation rates, exclusivity या duration जैसे दिखने वाले परिणामों पर ध्यान देते हैं। ये उपयोगी मापदंड हैं, लेकिन वे पूरी तरह यह नहीं दिखाते कि देखभाल के वातावरण माताओं को सशक्त और समर्थित महसूस करा रहे हैं या नहीं। lactation के लिए विशेष रूप से बना एक स्केल इन छिपी गतिशीलताओं को अधिक दृश्यमान बना सकता है।

देखभाल और शोध में यह क्या बदल सकता है

यदि यह स्केल व्यापक उपयोग में मजबूत साबित होता है, तो यह नर्सिंग शोध, क्लिनिकल स्क्रीनिंग और कार्यक्रम डिज़ाइन के लिए एक व्यावहारिक उपकरण बन सकता है। शोधकर्ता इसका उपयोग यह जांचने के लिए कर सकते हैं कि कौन-सी support interventions केवल breastfeeding rates ही नहीं, बल्कि psychological well-being भी सुधारती हैं। चिकित्सक इसका उपयोग उन माताओं की पहचान के लिए कर सकते हैं जो बाहर से ठीक दिखने के बावजूद भीतर संघर्ष कर रही हैं। स्वास्थ्य प्रणालियाँ इसका उपयोग यह बेहतर समझने के लिए कर सकती हैं कि कुछ मानक तरीके sustained success में क्यों नहीं बदलते।

इसका व्यापक महत्व यह है कि postpartum care को अब केवल शारीरिक रिकवरी checkpoints की श्रृंखला के रूप में नहीं देखा जा रहा है। मानसिक और भावनात्मक परिस्थितियाँ तय करती हैं कि माताएं रोजमर्रा के जीवन में क्या निभा सकती हैं। lactation के संदर्भ में उन परिस्थितियों को मापने का प्रयास करने वाला उपकरण मातृ स्वास्थ्य के अधिक समग्र मॉडल की ओर एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है।

फिलहाल, Lactation Psychological Needs Scale एक प्रारंभिक-स्तर का उपकरण है, कोई स्थापित मानक नहीं। लेकिन यह autonomy, competence और relatedness को एक ढांचे में लाकर एक स्पष्ट रूप से पहचानी गई कमी को भरता है। ऐसे क्षेत्र में जहां माताओं से थकान, रिकवरी और सामाजिक दबाव के बीच कठिन स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने की अपेक्षा की जाती है, इस तरह की माप अधिक यथार्थवादी और अधिक मानवीय समर्थन दे सकती है।

  • यह नया स्केल Self Determination Theory पर आधारित है और autonomy, competence तथा relatedness को मापता है।
  • इसे यह आकलन करने के लिए बनाया गया है कि lactating माताओं की मनोवैज्ञानिक ज़रूरतें पूरी हो रही हैं या नहीं।
  • यह काम स्तनपान शोध में मौजूद एक कमी और अमेरिका के breastfeeding targets में जारी अंतर की प्रतिक्रिया है।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.