एक पहनने योग्य सेंसर का लक्ष्य ग्लूकोज से आगे बढ़ना है

पहनने योग्य स्वास्थ्य तकनीक ने पहले ही मधुमेह देखभाल में अपनी उपयोगिता साबित की है, जहां निरंतर ग्लूकोज मॉनिटर ने बीच-बीच के मापों की एक श्रृंखला को एक जीवित शारीरिक संकेत में बदल दिया। UCLA के नेतृत्व वाली एक शोध टीम अब इस मॉडल को बहुत आगे बढ़ा रही है, एक ऐसे माइक्रोनीडल सेंसर प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट करते हुए जो त्वचा में दवा की सांद्रता को लगातार मॉनिटर कर सकता है और समय के साथ शरीर उन यौगिकों को कितनी अच्छी तरह साफ कर रहा है, यह दिखा सकता है।

Science Translational Medicine में प्रकाशित अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने चूहों में दिखाया कि यह प्लेटफॉर्म छह दिनों तक लगातार चला। इस दौरान सेंसर ने दवा के स्तर को ट्रैक किया और यह जानकारी दी जो गुर्दे और यकृत कार्य से जुड़ी थी, क्योंकि इसने मापा कि शरीर ने उन दवाओं को कितनी तेजी से संसाधित और साफ किया। यदि यह तरीका मनुष्यों तक पहुंचता है, तो यह डॉक्टरों को आज की रक्त-परीक्षण-प्रधान प्रक्रियाओं की तुलना में बहुत अधिक सूक्ष्मता से खुराक को व्यक्तिगत बनाने में मदद कर सकता है।

यह काम एक लंबे समय से मौजूद नैदानिक समस्या को संबोधित करता है। कई शक्तिशाली दवाओं को एक संकीर्ण चिकित्सीय सीमा के भीतर देना पड़ता है। बहुत कम मात्रा से इलाज असरहीन हो सकता है, जबकि बहुत अधिक मात्रा विषाक्तता पैदा कर सकती है या चयापचय और उत्सर्जन में शामिल अंगों पर तनाव डाल सकती है। वर्तमान निगरानी अक्सर कभी-कभार लिए गए रक्त नमूनों पर निर्भर करती है, जो एक सतत तस्वीर के बजाय केवल स्नैपशॉट देती है।

निरंतर दवा निगरानी क्यों महत्वपूर्ण है

स्रोत पाठ अवसर को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है: ग्लूकोज अपेक्षाकृत प्रचुर है, इसलिए उसे निरंतर ट्रैक करना आसान है, जबकि कई अन्य चिकित्सीय रूप से महत्वपूर्ण अणु बहुत कम सांद्रता में पाए जाते हैं। इससे कई दवाओं की वास्तविक समय निगरानी कहीं कठिन हो जाती है। लेकिन नैदानिक आवश्यकता बहुत बड़ी है, खासकर उन थेरेपीज़ में जहां चयापचय मरीज-दर-मरीज बहुत बदलता है।

पारंपरिक रक्त परीक्षणों के साथ, चिकित्सक शायद वह क्षण न देख पाएं जब कोई दवा बहुत तेजी से जमा होने लगे, प्रभावी स्तर से नीचे गिरने लगे, या अंग कार्य में गिरावट का संकेत देने लगे। एक निरंतर सेंसर उस जानकारी के समय को बदल देता है। छिटपुट आंकड़ों पर कार्य करने के बजाय, डॉक्टर संभवतः मरीज की प्रवृत्ति को उसकी गति के साथ देख सकते हैं।

यह न केवल उपचार को बेहतर बनाने के लिए, बल्कि समस्याओं को पहले पकड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण है। UCLA-नेतृत्व वाली टीम ने कहा कि यह उपकरण दवा निकासी गतिशीलता के आधार पर गुर्दे और यकृत के प्रदर्शन के बारे में जानकारी दे सकता है। ये अंग कई दवाओं के प्रसंस्करण में केंद्रीय हैं, और इनके कार्य में सूक्ष्म गिरावट सुरक्षा और प्रभावशीलता, दोनों पर सीधे असर डाल सकती है।

प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है

यह तकनीक ऐसे माइक्रोनीडल्स पर निर्भर करती है जो त्वचा के ठीक नीचे, स्रोत पाठ के अनुसार लगभग एक मिलीमीटर गहराई तक नमूना लेते हैं। यह छोटी गहराई महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संकेत देती है कि पारंपरिक रक्त-सैंपलिंग की तुलना में कम आक्रामक तरीके से चिकित्सकीय रूप से उपयोगी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। संबंधित लेखक Sam Emaminejad ने कहा कि त्वचा के ठीक नीचे लिए गए माप शरीर के भीतर गहरे अंगों के बारे में उपयोगी जानकारी दे सकते हैं।

चूहों में सेंसर का छह दिन का संचालन भी महत्वपूर्ण है। किसी निरंतर मॉनिटर को चिकित्सकीय रूप से उपयोगी होने के लिए उपचार चक्रों, रिकवरी अवधियों, या खुराक समायोजन के दौरान होने वाले बदलावों को पकड़ने के लिए पर्याप्त समय तक काम करना चाहिए। जो उपकरण सिर्फ कुछ घंटे चले, वह वैज्ञानिक रूप से रोचक तो होगा, लेकिन व्यावहारिक रूप से सीमित। बहु-दिवसीय निगरानी देखभाल की एक अधिक उपयोगी श्रेणी खोलती है।

स्रोत पाठ यह दावा नहीं करता कि यह मानव उपयोग के लिए तैयार है, और यह अंतर महत्वपूर्ण है। वह यह समर्थन करता है कि प्रणाली ने जानवरों में समय के साथ दवा की सांद्रता को लगातार ट्रैक किया और उस जानकारी को गुर्दे और यकृत कार्य से जुड़े निकासी व्यवहार से जोड़ा।

क्लिनिकल लाभ सबसे अधिक कहां हो सकता है

सबसे स्पष्ट निकट-अवधि उपयोग मामला उन दवाओं के लिए सटीक खुराक है जो केवल संकीर्ण सीमा में प्रभावी होती हैं और उसके बाहर खतरनाक हो सकती हैं। ऐसे मामलों में, निरंतर निगरानी चिकित्सकों को उपचार को तेजी से और अधिक आत्मविश्वास से समायोजित करने में मदद कर सकती है।

एक और महत्वपूर्ण उपयोग चिकित्सा के दौरान अंग निगरानी है। क्योंकि यह प्लेटफॉर्म शरीर के किसी यौगिक को साफ करने की गति को मापता है, यह गुर्दे या यकृत कार्य में गिरावट के शुरुआती संकेत दे सकता है। समय-समय पर लैब रिपोर्ट या बिगड़ते नैदानिक लक्षणों का इंतजार करने के बजाय, चिकित्सक बदलते रुझान के आधार पर हस्तक्षेप कर सकते हैं।

यह तकनीक पहनने योग्य चिकित्सा के दायरे को भी बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं का तर्क है कि निरंतर आणविक निगरानी ग्लूकोज से आगे बढ़कर उन कई स्थितियों तक पहुंचनी चाहिए जहां समय के साथ होने वाले परिवर्तन महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। इससे एक ऐसा भविष्य सामने आता है जहां पहनने योग्य उपकरण केवल चयापचय निगरानी नहीं, बल्कि फार्माकोलॉजी, गंभीर देखभाल, कैंसर उपचार और दीर्घकालिक रोग प्रबंधन के लिए भी उपकरण बन सकते हैं।

जानवरों के अध्ययन से मरीज देखभाल तक का रास्ता

एक आशाजनक जानवरों के अध्ययन और तैनात चिकित्सा उपकरण के बीच अभी भी कई चरण हैं। मानव त्वचा, व्यवहार, उपचार की सेटिंग, और नियामकीय आवश्यकताएं सभी जटिलता जोड़ते हैं। दीर्घकालिक स्थिरता, कैलिब्रेशन, आराम, निर्माण क्षमता, और नैदानिक सत्यापन सब महत्वपूर्ण होंगे।

फिर भी, यह परिणाम इसलिए अलग है क्योंकि यह पहनने योग्य संवेदन को अधिक महत्वपूर्ण बायोमार्कर की ओर धकेलता है। सफल उपभोक्ता और क्लिनिकल वेयरेबल्स की पहली पीढ़ी ने ज्यादातर गति, हृदय गति, और सीमित जैव-रासायनिक संकेतों को ट्रैक किया। ऐसा उपकरण जो कम-सांद्रता वाली दवा अणुओं को लगातार मापे और उनसे अंग-कार्य की जानकारी निकाले, चिकित्सा की कहीं अधिक परिष्कृत परत का प्रतिनिधित्व करेगा।

स्रोत सामग्री द्वारा समर्थित मूल दावा मामूली लेकिन महत्वपूर्ण है: चूहों में, एक न्यूनतम आक्रामक माइक्रोनीडल सेंसर छह दिन तक चला, दवा स्तरों को ट्रैक किया, और गुर्दे तथा यकृत कार्य से संबंधित जानकारी दी। यह संकेत देने के लिए काफी है कि वास्तविक समय में औषधीय निगरानी अब विचार से मंच की ओर बढ़ रही है।

यदि भविष्य के अध्ययन इसे मनुष्यों में भी पुष्ट करते हैं, तो निहितार्थ व्यापक हो सकते हैं। दवा-खुराक अधिक हद तक आवधिक स्नैपशॉट्स पर निर्भर नहीं रहेगी, चिकित्सक निकासी समस्याओं को पहले देख सकेंगे, और पहनने योग्य स्वास्थ्य तकनीक एक साधारण मॉनिटर के बजाय एक निरंतर प्रयोगशाला की तरह काम करना शुरू कर सकती है। इससे उपचार के मापन और प्रबंधन के तरीके में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

यह लेख Medical Xpress की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on medicalxpress.com