Vycarb का लक्ष्य कार्बन कैप्चर की सबसे कठिन लागत समस्याओं में से एक है

कार्बन कैप्चर परियोजनाएं अक्सर उस समय भी उसी आर्थिक बाधा से टकरा जाती हैं, जब तक कार्बन डाइऑक्साइड किसी भंडारण स्थल तक पहुंचे, गैस को आम तौर पर साफ, सघन, संपीड़ित और स्थानांतरित करना पड़ता है, उसके बाद ही उसे सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है। यह तैयारी चरण किसी परियोजना की लागत और जटिलता का बड़ा हिस्सा बन सकता है, खासकर उन औद्योगिक उत्सर्जन धाराओं के लिए जिनमें CO2 की सांद्रता अपेक्षाकृत कम होती है। ब्रुकलिन स्थित स्टार्टअप Vycarb का कहना है कि नए पायलट परिणाम संकेत देते हैं कि एक और रास्ता भी हो सकता है।

कंपनी द्वारा अपने Brooklyn Navy Yard स्थल पर बताए गए परिणामों के अनुसार, Vycarb ने कम-शुद्धता वाली CO2 को समुद्री जल में सफलतापूर्वक संग्रहीत किया है, और उसका बड़ा हिस्सा घुलित बाइकार्बोनेट में बदल दिया है, जो समुद्री रसायन में पहले से सामान्य रूप से पाया जाने वाला एक स्थिर रासायनिक रूप है। कंपनी का कहना है कि सिस्टम ने 50% CO2 वाली एक गैस धारा का 99% पानी में शामिल कर लिया, और उस CO2 का 85% घुलनशील बाइकार्बोनेट में बदल दिया। यदि ये आंकड़े व्यापक सत्यापन में भी कायम रहते हैं, तो यह कार्बन कैप्चर और भंडारण में एक महत्वपूर्ण प्रगति होगी, क्योंकि इससे उस महंगे शुद्धिकरण चरण को टाला जा सकता है जो कई पारंपरिक प्रणालियों में इस्तेमाल होता है।

कम-शुद्धता वाली CO2 क्यों महत्वपूर्ण है

पारंपरिक कार्बन कैप्चर और भंडारण की एक बुनियादी लॉजिस्टिक समस्या है। उपयुक्त भूवैज्ञानिक भंडारण स्थल हमेशा उत्सर्जन स्रोतों के पास नहीं होते, और CO2 को परिवहन तथा इंजेक्शन के लिए तैयार करने के लिए आम तौर पर अपेक्षाकृत शुद्ध गैस की आवश्यकता होती है। यह कई औद्योगिक उत्सर्जकों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, जहां उत्सर्जन धाराएं पतली होती हैं और अन्य गैसों के साथ मिश्रित रहती हैं। किसी परियोजना को जितनी अधिक कंडीशनिंग चाहिए होती है, उसकी अर्थव्यवस्था को कामयाब बनाना उतना ही कठिन हो जाता है।

Vycarb का दावा है कि समुद्र-आधारित रसायन विज्ञान इस समीकरण को बदल सकता है। CO2 को भूमिगत इंजेक्शन के लिए शुद्ध करने के बजाय, कंपनी इसे पानी में क्षारीय खनिजों के साथ अभिक्रिया कराती है और कार्बन को घुले हुए बाइकार्बोनेट के रूप में संग्रहीत करती है। व्यावहारिक रूप से, इसका मतलब है कि भंडारण को केवल संपीड़न और पाइपलाइन की समस्या मानने के बजाय समुद्री रसायन विज्ञान के अनुकूल कार्बन रूप के साथ काम करना।

कंपनी का तर्क है कि यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि दुनिया का बहुत बड़ा हिस्सा उद्योग और आबादी का तटीय इलाकों में केंद्रित है। ऐसा भंडारण तंत्र जो तटीय उत्सर्जन स्रोतों के पास काम कर सके, प्रचुर क्षारीय कच्चे माल का उपयोग कर सके और ऊर्जा-गहन गैस सफाई से बच सके, उन परियोजनाओं का दायरा बढ़ा सकता है जो व्यावसायिक रूप से लाभकारी बन पाती हैं। उपलब्ध पाठ के अनुसार, स्रोत सामग्री में कहा गया है कि Vycarb की प्रक्रिया सस्ते, व्यापक रूप से उपलब्ध क्षारीय खनिजों और न्यूनतम ऊर्जा खपत का उपयोग करती है, हालांकि बड़े पैमाने के परिचालन डेटा का अभी तक विवरण नहीं दिया गया है।

Vycarb team.
Vycarb टीम। छवि श्रेय: Vycarb

पायलट परिणाम क्या दिखाते हैं

रिपोर्ट किए गए मील के पत्थर में सबसे महत्वपूर्ण दावा केवल यह नहीं है कि CO2 को पानी में अवशोषित किया जा सकता है। महत्वपूर्ण यह है कि यह प्रणाली कई कार्बन कैप्चर सेटअप की पसंद से कहीं कम शुद्ध गैस धाराओं पर भी काम करती प्रतीत होती है। Vycarb का कहना है कि उसने 50% शुद्धता पर CO2 का 99% पानी में शामिल किया और उस CO2 का 85% बाइकार्बोनेट में बदला, साथ ही पानी की रसायनिकी को इतना स्थिर बनाए रखा कि डिस्चार्ज के बाद भंडारण सुनिश्चित हो सके।

उपलब्ध पाठ के अनुसार, ये आंकड़े कंपनी के प्रारंभिक लक्ष्यों से बेहतर रहे। अगला फील्ड-ट्रायल लक्ष्य केवल 10% CO2 शुद्धता वाली धारा का उपयोग करते हुए उसी 99% समावेशन दर को सत्यापित करना है। Vycarb का यह भी कहना है कि प्रयोगशाला परीक्षण पहले ही 1.5% शुद्धता तक पहुंच चुके हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि जीवाश्म-ईंधन दहन से निकलने वाले उत्सर्जन कम-सांद्रता वाली उस सीमा में आ सकते हैं, जहां शुद्धिकरण विशेष रूप से बोझिल हो जाता है। यदि कोई प्रणाली सीधे कहीं अधिक अशुद्ध इनपुट स्वीकार कर सकती है, तो यह संभवतः बदल देता है कि कार्बन कैप्चर कहां व्यावहारिक बनता है।

हालांकि, यह अभी व्यापक व्यावसायिक तत्परता का प्रमाण नहीं है। कंपनी अभी भी स्वतंत्र सत्यापन पर काम कर रही है, और यह एक महत्वपूर्ण सावधानी है। नियंत्रित या अर्ध-नियंत्रित परिस्थितियों में पायलट प्रदर्शन पूरी तरह से बैंक योग्य औद्योगिक तैनाती के बराबर नहीं होता। फिर भी, यह मील का पत्थर उल्लेखनीय है क्योंकि यह एक तकनीकी बाधा को संबोधित करता है जिसे डेवलपर और भारी उत्सर्जक बार-बार व्यापक अपनाने में बाधा के रूप में पहचानते हैं।

रासायनिक दृष्टिकोण क्यों ध्यान खींच रहा है

कैप्चर किए गए कार्बन को बाइकार्बोनेट में बदलना भंडारण को केवल अलग करने की लॉजिस्टिक समस्या के बजाय एक रासायनिक स्थिरीकरण प्रक्रिया के रूप में पुनर्परिभाषित करता है। महासागरों में पहले से ही बड़ी मात्रा में घुलित अकार्बनिक कार्बन मौजूद है, और बाइकार्बोनेट उसके प्रमुख स्थिर रूपों में से एक है। Vycarb का तरीका इसी मूलभूत रसायन विज्ञान को भंडारण तंत्र के रूप में इस्तेमाल करता है, और प्रक्रिया की निगरानी के लिए वास्तविक-समय सेंसर तकनीक के साथ इसे जोड़ता है।

Vycarb
छवि श्रेय: Vycarb

इस आकर्षण का कारण केवल रसायन विज्ञान नहीं है, बल्कि वह प्रणालीगत सरलता भी है जिसका कंपनी वादा कर रही है। यदि उत्सर्जक महंगे शुद्धिकरण से बच सकते हैं, तो वे उच्च-शुद्धता CO2 को दूरस्थ भूवैज्ञानिक संरचनाओं तक संपीड़ित करके भेजने के लिए आवश्यक कुछ ढांचे से भी बच सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में स्थित क्षेत्रों के लिए, यह कई CCS योजनाओं पर हावी अंतर्देशीय पाइपलाइन और इंजेक्शन प्रणालियों से अलग एक तैनाती मॉडल दे सकता है।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि उपलब्ध पाठ के बाहर कई प्रश्न बने हुए हैं। दीर्घकालिक निगरानी आवश्यकताएं, नियामकीय व्यवहार, समुद्री डिस्चार्ज नियम और पूर्ण परियोजना अर्थशास्त्र यह तय करेंगे कि क्या इस तरह का दृष्टिकोण आशाजनक पायलटों से आगे बढ़ पाता है। इसलिए यह उपलब्धि एक तय समाधान से कम और उन मार्गों की तलाश कर रहे क्षेत्र में एक संभावित रूप से महत्वपूर्ण प्रमाण-बिंदु जैसी दिखती है, जो कम लागत वाले रास्ते खोज रहा है।

व्यापक CCS बाजार के लिए संकेत

Vycarb परिणाम का व्यापक महत्व यह है कि कार्बन कैप्चर अब उस चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां उसकी व्यवहार्यता कच्ची कैप्चर दक्षता जितनी ही प्रक्रिया-लचीलेपन पर भी निर्भर हो सकती है। ऐसे तकनीकें जो अपूर्ण, परिवर्तनशील या कम-शुद्धता वाली गैस धाराओं के साथ काम कर सकती हैं, औद्योगिक उत्सर्जन बाजार के उन हिस्सों को खोल सकती हैं जो अब तक पहुंच से बाहर बने हुए हैं।

कार्बन प्रबंधन के लिए, यह एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। कई जलवायु रणनीतियां मानती हैं कि बड़े पैमाने पर कार्बन कैप्चर अंततः उन क्षेत्रों के लिए उपलब्ध होगा जिन्हें बिजली से चलाना या अन्यथा डीकार्बोनाइज़ करना कठिन है। लेकिन उस भविष्य के लिए capex और परिचालन बोझ, दोनों को कम करना होगा। ऐसा सिस्टम जो शुद्धिकरण को महत्वपूर्ण मार्ग से हटा दे, वह सीधे तौर पर श्रृंखला के सबसे महंगे चरणों में से एक को निशाना बनाएगा।

Vycarb ने अभी तक यह साबित नहीं किया है कि मॉडल पूर्ण व्यावसायिक पैमाने पर काम करता है, और अब चल रहा स्वतंत्र सत्यापन प्रयास कंपनी के अपने रिपोर्ट किए गए मील के पत्थर जितना ही महत्वपूर्ण होगा। फिर भी, उपलब्ध पाठ में वर्णित पायलट डेटा यह संकेत देता है कि स्टार्टअप ने कुछ महत्वपूर्ण प्रदर्शित किया है: ऐसी कार्बन-भंडारण रसायनिकी जो आज कई पारंपरिक CCS कार्यप्रवाहों की तुलना में औद्योगिक उत्सर्जन की अव्यवस्थित, कम-शुद्धता वाली वास्तविकता को बेहतर ढंग से सहन कर सकती है।

  • Vycarb का कहना है कि उसने 50% शुद्धता वाली CO2 धारा का 99% पानी में शामिल किया।
  • कंपनी का कहना है कि उस CO2 का 85% घुले हुए बाइकार्बोनेट में बदल गया।
  • इसका अगला फील्ड-ट्रायल लक्ष्य 10% CO2 शुद्धता पर 99% समावेशन को सत्यापित करना है।
  • प्रयोगशाला परीक्षण पहले ही 1.5% CO2 वाली गैस धाराओं तक पहुंच चुके हैं, उपलब्ध स्रोत पाठ के अनुसार।

यह लेख CleanTechnica की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.

Originally published on cleantechnica.com