एक संघीय स्वच्छ परिवहन कार्यक्रम नीति टकराव के केंद्र में है
इलेक्ट्रिक स्कूल बसों के भविष्य को लेकर एक लड़ाई अमेरिका की शेष सबसे बड़ी स्वच्छ परिवहन फंडिंग पूलों में से एक के भीतर चल रही है। उपलब्ध स्रोत पाठ के अनुसार, क्लीन स्कूल बस प्रोग्राम में लगभग $2.3 अरब शेष हैं, और कांग्रेस ने कानून इस तरह लिखा था कि कम से कम 50 प्रतिशत फंडिंग शून्य-उत्सर्जन वाहनों के लिए जाए। अब विवाद इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह प्रावधान धन के वितरण को आगे भी आकार देता रहेगा।
स्रोत के अनुसार, 19 फरवरी को EPA प्रशासक ली जेल्डिन ने 2024 का रिबेट दौर रद्द कर दिया और शेष 2026 फंड को बैटरी-इलेक्ट्रिक बसों से हटाकर दूसरी दिशा में ले जाना शुरू किया। यह भी कहा गया है कि एजेंसी ने एक सूचना अनुरोध जारी किया, जो इसके बजाय प्रोपेन, तरलीकृत प्राकृतिक गैस और हाइड्रोजन से चलने वाली बसों की ओर संकेत करता है। उस अनुरोध पर टिप्पणी अवधि 6 अप्रैल तक है।
दांव सिर्फ स्कूल बेड़े से कहीं बड़े क्यों हैं
स्कूल बसें सार्वजनिक स्वास्थ्य, नगरपालिका वित्त और औद्योगिक नीति के संगम पर स्थित हैं। वे सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे अधिक दिखाई देने वाले वाहन वर्गों में हैं, और यात्री कारों के विपरीत, उन्हें अक्सर केंद्रीकृत डिपो और अनुमानित दैनिक मार्गों के माध्यम से विद्युतीकृत किया जा सकता है। यही उन्हें विद्युतीकरण नीति के लिए एक स्वाभाविक शुरुआती लक्ष्य बनाता है।
इसलिए स्रोत पाठ में वर्णित टकराव स्कूल परिवहन के सीमित दायरे से बहुत आगे तक महत्व रखता है। यदि संघीय अधिकारी बैटरी-इलेक्ट्रिक बसों से पैसा हटाते हैं, तो इसका असर बेड़ा बदलने की योजना बना रहे ज़िलों, उत्पादन बढ़ा रहे निर्माताओं, चार्जिंग ढांचा तैयार कर रही उपयोगिता कंपनियों और कम शोर तथा बिना टेलपाइप उत्सर्जन वाले वाहनों की उम्मीद कर रही स्थानीय समुदायों पर पड़ेगा।
इलेक्ट्रिक बसों के समर्थक लंबे समय से तर्क देते आए हैं कि यह श्रेणी एक साथ कई लाभ देती है। इससे बच्चों को डीज़ल धुएं के संपर्क से बचाया जा सकता है, समय के साथ ईंधन और रखरखाव लागत घट सकती है, और घरेलू स्वच्छ-वाहन आपूर्ति शृंखलाओं को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, आलोचक अक्सर प्रारंभिक लागत, चार्जिंग की जटिलता, और रेंज या ठंडे मौसम में प्रदर्शन से जुड़ी चिंताओं पर जोर देते हैं। मौजूदा विवाद मूलतः इस बात पर है कि अगले दौर के संघीय खर्च में इनमें से कौन-सा विचार हावी रहेगा।
कानूनी और राजनीतिक सवाल
स्रोत पाठ में सबसे महत्वपूर्ण तथ्यात्मक दावा वैधानिक है: कांग्रेस ने कार्यक्रम की कम से कम आधी फंडिंग शून्य-उत्सर्जन वाहनों के लिए अनिवार्य की थी। यदि यह व्याख्या सही है, तो बैटरी-इलेक्ट्रिक बसों के बजाय जीवाश्म-ईंधन विकल्पों को प्राथमिकता देने की किसी भी बड़ी कोशिश पर यह सीधा तर्क उठेगा कि कार्यपालिका एजेंसियां कानून की भाषा और मंशा से हट रही हैं।
यह कानूनी आयाम समझाता है कि मामला नियमित अनुदान प्रशासन से आगे क्यों बढ़ गया है। स्वच्छ परिवहन फंडिंग कार्यपालिका के विवेकाधिकार, औद्योगिक संक्रमण और आवंटित धन के बाद जलवायु-संबंधी खर्च की स्थायित्व पर एक प्रतिनिधि संघर्ष बन गई है। दूसरे शब्दों में, यह सिर्फ इस बारे में नहीं है कि स्कूल अगली बस किस प्रकार की खरीदेंगे। यह इस बारे में भी है कि राजनीतिक नियंत्रण बदलने के बाद एजेंसियों को कांग्रेस के कार्यक्रमों की फिर से व्याख्या करने की कितनी छूट है।
EPA के सूचना अनुरोध में हाइड्रोजन का उल्लेख विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि स्रोत पाठ कहता है कि अभी कोई हाइड्रोजन स्कूल बस बन नहीं रही है। यह विवरण कुछ ईंधन-नीति चर्चाओं और बाज़ार की मौजूदा स्थिति के बीच व्यावहारिक अंतर को रेखांकित करता है। विकल्प कागज़ पर मौजूद हों तब भी खरीद निर्णय इस पर निर्भर करते हैं कि ज़िले वास्तव में क्या ऑर्डर, संचालित और रखरखाव कर सकते हैं।
आगे क्या होगा
निकट-कालीन ध्यान 6 अप्रैल को टिप्पणी अवधि समाप्त होने पर है। यह प्रक्रिया तय करने में मदद करेगी कि एजेंसी का यह रुख औपचारिक कार्यक्रमगत बदलाव में बदलता है या ज़िलों, निर्माताओं, समर्थकों और कानूनी चुनौती देने वालों की ओर से अधिक मजबूत विरोध को जन्म देता है।
अभी के लिए, क्लीन स्कूल बस प्रोग्राम इस बात का केस स्टडी है कि ऊर्जा संक्रमण नीति केवल तकनीक या लागत से नहीं, बल्कि राज्य के भीतर पुनर्व्याख्या से भी धीमी हो सकती है। शेष अरबों अभी भी वास्तविक बाज़ार शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह पैसा कहाँ जाता है, यह केवल निकट-कालीन बस खरीद को ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक बेड़ों में शून्य-उत्सर्जन परिवहन अवसंरचना के लिए संघीय प्रतिबद्धताओं की विश्वसनीयता को भी आकार देगा।
यह लेख CleanTechnica की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on cleantechnica.com




