कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर वैश्विक विभाजन बढ़ रहा है
कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक अधिक वैश्विक तकनीकी कहानी बन रही है, लेकिन इसके प्रति सार्वजनिक भावना अलग-अलग दिशाओं में तेज़ी से जा रही है। Stanford University के Human-Centered Artificial Intelligence केंद्र के नए शोध, जिसे Rest of World ने रेखांकित किया, से संकेत मिलता है कि कई एशियाई देश उच्च सार्वजनिक आशावाद और सरकारी निगरानी पर अपेक्षाकृत मजबूत भरोसे के साथ एआई विस्तार के चरण में प्रवेश कर रहे हैं। इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका अधिक संदेहग्रस्त, अधिक चिंतित, और इस तकनीक को जिम्मेदारी से संभालने के लिए संस्थानों पर कम भरोसे वाला दिखाई देता है।
उद्धृत आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस कथन के जवाब में कि एआई का उपयोग करने वाले उत्पाद और सेवाएं उन्हें उत्साहित करती हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका में केवल 38% उत्तरदाता सहमत थे। चीन में यह आंकड़ा 84% था। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भी उत्साह का स्तर ऊंचा रहा, जिसमें इंडोनेशिया में 80%, मलेशिया में 77%, और थाईलैंड में 79% शामिल हैं।
यह भावना-अंतर केवल उपभोक्ता रवैये का मामला नहीं है। यह तय कर सकता है कि पूंजी कहां जाएगी, स्टार्टअप्स कहां उभरेंगे, कंपनियां एआई टूल्स कितनी तेजी से लागू करेंगी, और कौन से देश इस तकनीक के इर्द-गिर्द अधिक टिकाऊ शोध पारिस्थितिकी तंत्र बनाएंगे।
नियमन पर भरोसा एक अनदेखा लाभ हो सकता है
Stanford के निष्कर्ष, जैसा कि स्रोत पाठ में संक्षेपित है, एक और विभाजन दिखाते हैं जो समय के साथ और भी अधिक मायने रख सकता है: सरकारी नियमन पर भरोसा। सर्वे के आधे से अधिक उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अपनी सरकार पर एआई को जिम्मेदारी से विनियमित करने का भरोसा करते हैं, लेकिन अमेरिका का स्कोर केवल 31% रहा, जो अध्ययन में सबसे कम था। सिंगापुर 81% के साथ शीर्ष पर था, जबकि इंडोनेशिया 76% और मलेशिया 73% पर पहुंचे।
इस तरह का भरोसा अपनाने की परिस्थितियों को बदल सकता है। यदि नागरिकों को लगता है कि सार्वजनिक संस्थाएं नियम बना सकती हैं और सुरक्षा-घेरों को लागू कर सकती हैं, तो व्यवसायों को एआई प्रणालियां तैनात करते समय कम प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है, और सरकारों के लिए ऐसे नीति ढांचे बनाना आसान हो सकता है जो प्रयोग को प्रोत्साहित करें बिना प्रतिक्रिया को भड़काए। जहां भरोसा कम है, वहां एआई अवसंरचना का हर विस्तार राजनीतिक रूप से विवादास्पद हो सकता है।
स्रोत पाठ इस गतिशीलता को वास्तविक दुनिया के नतीजों से जोड़ता है। एआई के प्रति अधिक उत्साह और संस्थानों पर मजबूत भरोसा अपनाने की गति तेज कर सकता है, संस्थापकों को प्रोत्साहित कर सकता है, निवेशकों को आकर्षित कर सकता है, और शोध व नवाचार के लिए अधिक सहायक माहौल बना सकता है। सिंगापुर को एक स्पष्ट उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वहां पिछले साल की दूसरी छमाही में एआई अपनाने की दर 61% रही, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में यह 28% थी।
सार्वजनिक मनोदशा अवसंरचना और प्रतिभा को आकार दे रही है
यह अंतर एआई के भौतिक निर्माण को लेकर बहसों में भी दिख रहा है। Rest of World अमेरिकी बहस को और अधिक शत्रुतापूर्ण बताता है, जिसमें एआई से जुड़ी हस्तियों और डेटा-सेंटर विकास के खिलाफ प्रतिक्रिया से जुड़े हिंसक घटनाक्रमों का हवाला दिया गया है। वर्णित घटनाओं में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन ये उदाहरण दिखाते हैं कि अमेरिकी बहस कितनी ध्रुवीकृत हो चुकी है।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि एआई उतना ही अवसंरचना पर निर्भर है जितना कि सॉफ्टवेयर पर। डेटा सेंटर, बिजली आपूर्ति, फाइबर नेटवर्क, और विशेष हार्डवेयर सभी को स्थानीय राजनीतिक समर्थन चाहिए। यदि प्रतिरोध कठोर होता है, तो परियोजनाएं टल सकती हैं, उनका आकार घट सकता है, या वे कहीं और स्थानांतरित हो सकती हैं। स्रोत पाठ बताता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में डेटा सेंटर्स के खिलाफ विरोध पहले ही निर्माण को धीमा कर रहा है और कंपनियों को दुनिया के दूसरे स्थानों पर विचार करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
प्रतिभा के प्रवाह में भी बदलाव आ सकता है। Stanford अध्ययन, जैसा कि लेख में उद्धृत है, ने पाया कि अमेरिका अब भी जितनी एआई प्रतिभा खोता है उससे अधिक आकर्षित करता है, लेकिन 2017 के बाद से देश की ओर आने वाले एआई शोधकर्ताओं और डेवलपर्स की संख्या 89% गिर गई है, जिसमें सिर्फ पिछले वर्ष 80% की कमी शामिल है। भले ही संयुक्त राज्य अमेरिका एक प्रमुख केंद्र बना रहे, ये आंकड़े बताते हैं कि उसका तुलनात्मक लाभ दबाव में है।
एशिया की गति आकस्मिक नहीं है
जिन देशों में अधिक आशावाद दिख रहा है, वे केवल एक नई तकनीकी लहर पर भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। सिंगापुर के मामले में, स्रोत पाठ शिक्षा और सरकारी समर्थन में वर्षों के निवेश की ओर इशारा करता है। यह भी नोट करता है कि स्विट्ज़रलैंड के साथ मिलकर, प्रति व्यक्ति एआई शोधकर्ताओं और डेवलपर्स की संख्या में यह देश शीर्ष पर है।
यह बताता है कि आशावाद आंशिक रूप से संस्थागत है। जब सरकारें प्रतिभा में निवेश करती हैं, नीति में स्पष्टता लाती हैं, और एआई को राष्ट्रीय विकास रणनीति का हिस्सा प्रस्तुत करती हैं, तो जनता इस तकनीक को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखने के लिए अधिक तैयार हो सकती है। यही परिस्थितियां शोधकर्ताओं, संस्थापकों, और विस्तार करने के लिए जगह चुन रहे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक आकर्षक भी बना सकती हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि एशिया में चिंता अनुपस्थित है। लेख स्पष्ट रूप से कहता है कि आशावाद के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर एआई को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। फर्क यह है कि कई एशियाई बाज़ारों में चिंता ने लाभ की उम्मीदों को पूरी तरह ढक नहीं दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में संतुलन अधिक नकारात्मक दिखता है।
प्रतिस्पर्धा अब तकनीकी के साथ सामाजिक भी है
सालों से एआई प्रतिस्पर्धा को मुख्यतः चिप्स, मॉडल, और पूंजी के संदर्भ में समझा गया है। Stanford के निष्कर्ष बताते हैं कि चौथे आयाम पर और ध्यान देने की जरूरत है: सामाजिक अनुमति। जो देश मजबूत तकनीकी क्षमता को ऐसे जनता के साथ जोड़ता है जो एआई प्रणालियों को स्वीकार करने और उन संस्थानों पर भरोसा करने को तैयार है जो उन्हें संचालित करते हैं, वह उस प्रतिद्वंद्वी से तेज चल सकता है जिसके पास मजबूत incumbents हों लेकिन कमजोर सहमति हो।
यह बेहतर परिणामों की गारंटी नहीं देता। ऊंचा आशावाद अपर्याप्त निगरानी के साथ रह सकता है, और तेज अपनाने की रफ्तार शासन को पीछे छोड़ सकती है। लेकिन लगातार निराशावाद की भी अपनी लागत है। यह अवसंरचना को धीमा कर सकता है, प्रतिभा को हतोत्साहित कर सकता है, और उस तकनीक को आकार देने की देश की क्षमता को कमजोर कर सकता है जिससे वह डरता है।
सर्वे का व्यापक संदेश यह नहीं है कि एक क्षेत्र एआई को पसंद करता है और दूसरा नहीं। यह है कि एआई की राजनीति भौगोलिक रूप से असमान होती जा रही है, और वे अंतर उद्योग के अगले चरण को आकार दे सकते हैं। यदि उत्साह, भरोसा, और संस्थागत समर्थन एशिया के कुछ हिस्सों में केंद्रित होते रहते हैं जबकि अमेरिका में प्रतिरोध बढ़ता है, तो एआई नेतृत्व का वैश्विक नक्शा धीरे-धीरे उसी के साथ बदल सकता है।
यह लेख Rest of World की रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल लेख पढ़ें.
Originally published on restofworld.org



