
Military
सेना 'मानव हथियार प्रणाली' चाहती है, सिर्फ पुशअप्स कर सकने वाले सैनिक नहीं
सैन्य नेता सैनिकों के प्रदर्शन पर मौलिक रूप से पुनर्विचार कर रहे हैं, पारंपरिक फिटनेस परीक्षणों से परे जाकर कर्मचारियों को जटिल प्रणालियों के रूप में मानते हुए जो संज्ञानात्मक कार्य, चयापचय स्वास्थ्य और मिशन-महत्वपूर्ण कार्य प्रदर्शन की समग्र निगरानी की आवश्यकता है।
Key Takeaways
- सैन्य नेता पारंपरिक फिटनेस परीक्षणों से सैनिकों को 'मानव हथियार प्रणाली' के रूप में मानने में स्थानांतरित हो रहे हैं जिन्हें समग्र अनुकूलन की आवश्यकता है
- आर्मी की समग्र स्वास्थ्य और फिटनेस अकादमी जैव मेट्रिक निगरानी को 111 ब्रिगेड तक विस्तारित कर रही है
- 101वां एयरबोर्न डिवीजन वास्तविक समय शारीरिक निगरानी के लिए पहनने योग्य गार्मिन ट्रैकर का पायलट कर रहा है
- वायु सेना सैनिक रखरखाव को प्रोक्योरमेंट (प्रशिक्षण), ईंधन (पोषण), और सिस्टम निगरानी (स्वास्थ्य डेटा) के रूप में प्रस्तुत करती है
- संज्ञानात्मक प्रदर्शन, चयापचय मार्कर, और तनाव प्रबंधन को अब शारीरिक फिटनेस जितना महत्वपूर्ण माना जाता है
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DT Editorial AI··via defenseone.com