
शिंगल्स वैक्सीन डिमेंशिया को रोक सकती है: सबूत मजबूत होते जा रहे हैं
शोध का एक बढ़ता हुआ निकाय सुझाता है कि शिंगल्स वैक्सीन दर्दनाक दाने को रोकने से कहीं अधिक करती है — यह डिमेंशिया के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है, जिसमें Alzheimer's रोग भी शामिल है, और यहां तक कि जैविक उम्र बढ़ने को धीमा कर सकती है। नवीनतम अध्ययन वर्षों से जमा हो रहे सबूतों में वृद्धि करते हैं।
- कई अध्ययन शिंगल्स टीकाकरण को काफी कम डिमेंशिया जोखिम से जोड़ते हैं
- नवीनतम अनुसंधान दिखाता है कि वैक्सीन जैविक उम्र बढ़ने को धीमा कर सकती है और सूजन को कम कर सकती है
- प्रमुख सिद्धांत: वैक्सीन उप-नैदानिक वायरल पुनः सक्रियकरण को रोकती है जो तंत्रिका ऊतक को नुकसान पहुंचाता है
- कार्य-कारण की पुष्टि के लिए यादृच्छिकृत नियंत्रित परीक्षणों की आवश्यकता है, लेकिन सबूत बढ़ रहे हैं
- यदि पुष्टि की जाती है, तो एक मौजूदा वैक्सीन एक प्रमुख डिमेंशिया रोकथाम उपकरण बन सकती है

